IIT Bombay Engineering Courses: जेईई के 500 टॉपर्स ने ठुकरा दी बीटेक की यह ब्रांच, चौंकाने वाले हैं IIT एडमिशन के आंकड़े

IIT Bombay Engineering Courses: जेईई के 500 टॉपर्स ने ठुकरा दी बीटेक की यह ब्रांच, चौंकाने वाले हैं IIT एडमिशन के आंकड़े


Last Updated:

IIT Bombay Engineering Courses: जेईई के टॉप-500 रैंकर्स ने इस बार कंप्यूटर साइंस को अपनी पहली पसंद बनाया है. उनमें से किसी ने भी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कोर्स नहीं चुना. वहीं सिर्फ 2 स्टूडेंट्स ने सिविल इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन लिया. जानिए आईआईटी काउंसलिंग के चौंकाने वाले ट्रेंड्स.

Zoom

IIT Bombay Engineering Courses: जेईई एडवांस्ड के ज्यादातर टॉपर्स ने कंप्यूटर साइंस ब्रांच चुनी है

नई दिल्ली (Engineering Courses). आईआईटी बॉम्बे देश के टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल है. जेईई टॉपर्स के बीच आईआईटी बॉम्बे में एडमिशन की होड़ रहती है. देश के सबसे होनहार दिमागों को यहां दाखिला मिलता है. जेईई एडवांस्ड का रिजल्ट आने के बाद सही ब्रांच चुन पाना बहुत चैलेंजिंग होता है. इस साल जेईई काउंसलिंग के आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं. इंजीनियरिंग की कुछ ब्रांचेस को लेकर टॉपर्स का रुख एकदम अलग रहा है.

इस साल के एडमिशन ट्रेंड्स ने साफ कर दिया है कि युवा ट्रेडिशनल इंजीनियरिंग से हटकर फ्यूचर-रेडी कोर्स की तरफ भाग रहे हैं. जहां एक तरफ कंप्यूटर साइंस के प्रति क्रेज आसमान छू रहा है, वहीं कुछ अहम ब्रांचेस को देश के टॉप-500 रैंकर्स ने बिल्कुल नकार दिया है. आखिर ऐसा क्या हुआ कि देश के सबसे बेहतरीन दिमागों ने कुछ चुनिंदा विषयों से तौबा कर ली? यह सवाल हर किसी के मन में है. जानिए जेईई टॉपर्स 2026 ने आईआईटी में कौन सी ब्रांच चुनी और किसे ठुकरा दिया.

टॉपर्स की पहली और आखिरी पसंद बनी कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग

जेईई एडवांस्ड 2026 के आंकड़ों से स्पष्ट है कि छात्रों के सिर पर कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) का जादू चढ़कर बोल रहा है. टॉप-500 रैंक वाले कुल छात्रों में से 365 यानी करीब 73% ने देश के अलग-अलग आईआईटी में सिर्फ सीएसई (CSE) को चुना है. इसमें भी सबसे बड़ा आंकड़ा IIT बॉम्बे का है. टॉप-500 में से 183 ने यहीं एडमिशन लिया और अकेले कंप्यूटर साइंस में 142 टॉपर्स ने दाखिला लिया.

कंप्यूटर साइंस का इतना क्रेज क्यों है?

इसके पीछे सबसे बड़ी वजह आज के दौर का कॉर्पोरेट कल्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बूम और करोड़ों के सालाना पैकेज हैं. युवा जानते हैं कि कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी में करियर की अपार संभावनाएं हैं. इसके अलावा, इस साल ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स’ जैसे नए जमाने के कोर्स में भी 17 टॉपर्स ने रुचि दिखाई है. इससे पता चलता है कि स्टूडेंट्स अब ट्रेडिशनल पढ़ाई से निकलकर भविष्य की तकनीकें अपना रहे हैं.

टॉपर्स ने एयरोस्पेस और सिविल इंजीनियरिंग से बनाई दूरी

जहां कंप्यूटर साइंस और टेक ब्रांचेस के लिए मारामारी मची है, वहीं कुछ इंजीनियरिंग कोर्स की हालत बहुत सुस्त हो गई है. हैरानी की बात है कि देश के टॉप-500 रैंकर्स में से एक भी स्टूडेंट ने इस बार एयरोस्पेस इंजीनियरिंग को नहीं चुना. अंतरिक्ष और विमानन के क्षेत्र में देश की तरक्की के बावजूद टॉप रैंकर्स ने इस विषय से मुंह मोड़ लिया. कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ मानी जाने वाली सिविल इंजीनियरिंग का हाल भी बेहद खराब रहा. टॉप-500 में से सिर्फ 2 यानी मात्र 0.4% ने सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया.

इसके पीछे मुख्य वजह इन क्षेत्रों में शुरुआती सैलरी का कम होना और कॉर्पोरेट सेक्टर जैसी चमक-दमक न होना माना जा रहा है. टॉपर्स हमेशा सेफ और हाई पेइंग करियर ऑप्शंस को प्राथमिकता देते हैं.



Source link