FD Calculator : क्‍या 10 साल में FD में डबल हो जाएगा पैसा? समझिए पूरा गणित

FD Calculator : क्‍या 10 साल में FD में डबल हो जाएगा पैसा? समझिए पूरा गणित


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Bank FD: बैंक एफडी अब भी ऐसे निवेशकों की पहली पसंद है जो जोखिम नहीं उठाना चाहते. आज बैंक एफडी पर 7 फीसदी से भी ज्‍यादा ब्‍याज दे रहे हैं. इसी वजह से शेयर बाजार के प्रति बढ़ते रुझान के बीच भी फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट का जलवा बरकरार है. बैंक एफडी में लगाया पैसा कितने साल में दोगुना हो जाएगा. आइये जानते हैं.

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लंबी अवधि के निवेश में महज 1% या 2% ब्याज दर का अंतर भी आपकी कुल मैच्योरिटी राशि में बहुत बड़ा फासला पैदा कर देता है.

नई दिल्‍ली. भारत में फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट खूब लोकप्रिय है. इसमें तय ब्‍याज मिलता है और पैसे डूबने का खतरा भी नहीं होता. इसलिए जोखिम न उठाने वाले लोग एफडी में ही पैसा लगाने का तरजीह देते हैं. हालांकि, आमतौर पर एफडी का रिटर्न शेयर बाजार से कम ही होता है, लेकिन रिस्‍क न के बराबर है. यानी भले ही पैसा थोड़ा कम बढ़े, लेकिन रिटर्न मिलेगा जरूर. बहुत से लोगों के मन में यह सवाल हे कि अगर वे ₹1 लाख की एकमुश्त रकम 10 साल के लिए बैंक में लॉक कर दें, तो क्‍या उनका पैसा डबल हो जाएगा. इस सवाल का जवाब है ‘हां’. लेकिन कुछ शतों के साथ.

अगर आप किसी बैंक में 10 साल के लिए ₹1 लाख जमा करते हैं और आपको 7% से 7.2% के आसपास सालाना ब्याज मिलता है, तो आपका पैसा लगभग दोगुना हो सकता है. पैसा दोगुना होने की असली ताकत क्युमुलेटिव (Cumulative) एफडी के कंपाउंडिंग फॉर्मूले में छिपी है. क्युमुलेटिव विकल्प चुनने पर बैंक आपके ब्याज का भुगतान हर महीने या हर तिमाही आपके बचत खाते में नहीं भेजता, बल्कि उसे मूलधन में ही जोड़ता चला जाता है. 7.18% की दर पर ₹1 लाख की रकम 10 साल में पूरी तरह ₹2 लाख में तब्दील हो जाती है. वहीं 7% की दर पर भी मैच्योरिटी पर आपको करीब ₹2,00,160 मिलते हैं.

10 में कितना बनेगा फंड

लंबी अवधि के निवेश में महज 1% या 2% ब्याज दर का अंतर भी आपकी कुल मैच्योरिटी राशि में बहुत बड़ा फासला पैदा कर देता है. अगर त्रैमासिक कंपाउंडिंग के आधार पर ₹1 लाख के निवेश का अलग-अलग दरों पर आकलन करें, तो फर्क साफ नजर आता है:

सालाना ब्याज दर 10 साल बाद कुल मैच्योरिटी रकम कुल ब्याज
6.00% ₹1,81,402 ₹81,402
6.50% ₹1,90,556 ₹90,556
7.00% ₹2,00,160 ₹1,00,160
7.50% ₹2,10,235 ₹1,10,235
8.00% ₹2,20,804 ₹1,20,804

हर महीने भी ले सकते हैं ब्‍याज

निवेश करने से पहले यह तय करना जरूरी है कि आपका मुख्य उद्देश्य क्या है. अगर आप हर महीने नियमित घरेलू खर्चों के लिए आमदनी चाहते हैं, तो नॉन-क्युमुलेटिव या मंथली पेआउट एफडी बेहतर विकल्प है. हालांकि, इसमें ब्याज बैंक से बाहर निकाल लिया जाता है, इसलिए मूलधन कभी बढ़ता नहीं और 10 साल बाद आपको सिर्फ वही ₹1 लाख वापस मिलेंगे. दूसरी तरफ, अगर आपका लक्ष्य रिटायरमेंट या बच्चों के भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार करना है, तो क्युमुलेटिव एफडी ही चुनें ताकि पैसा दोगुना होने का पूरा फायदा मिल सके.



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