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मथुरा के मसानी रोड स्थित निर्माणाधीन ‘होटल विंस्टन’ में दीवार गिरने से एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया है. मलबे में दबने से गोवर्धन के मजदूर दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने होटल में जमकर हंगामा किया और शव उठाने से रोक दिया. मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने 5 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. गनीमत रही कि मलबे में कोई अन्य मजदूर नहीं मिला. प्रशासन द्वारा मुआवजे के आश्वासन के बाद आक्रोशित परिजन शांत हुए और शव को मोर्चरी भेजा गया.
मथुरा में होटल की दीवार गिरने से मजदूर की मौत.
मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया है. मसानी रोड पर स्थित ‘होटल विंस्टन’ में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान अचानक एक भारी-भरकम दीवार ताश के पत्तों की तरह ढह गई. इस भयानक हादसे में दीवार के नीचे काम कर रहे एक मजदूर की मलबे में दबकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार और हड़कंप मच गया.
यह हादसा गोविंद नगर थाना इलाके के मसानी रोड पर हुआ. बताया जा रहा है कि जब होटल विंस्टन की यह निर्माणाधीन दीवार भरभराकर गिरी, तब वहां गोवर्धन के गांव खामनी का रहने वाला मजदूर दिनेश काम कर रहा था. भारी मलबे के नीचे दबने से दिनेश की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.
आक्रोशित परिजनों का हंगामा, होटल में घुसे
जैसे ही हादसे की खबर मृतक दिनेश के गांव खामनी पहुंची, भारी संख्या में ग्रामीण और उसके परिजन आक्रोशित होकर मौके पर जमा हो गए. ठेकेदार और होटल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भीड़ ने आपा खो दिया और होटल का मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर परिसर में दाखिल हो गई. परिजनों ने इंसाफ और मुआवजे की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया और शव को उठने से रोक दिया.
5 घंटे चला SDRF का सर्च ऑपरेशन
हालात बेकाबू होते देख एसपी सिटी राजीव कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. स्थिति को संभालने के लिए तुरंत JCB बुलाई गई. किसी अन्य मजदूर के दबे होने की आशंका के चलते एसडीआरएफ (SDRF), फायर ब्रिगेड, नगर निगम और स्थानीय पुलिस ने मिलकर लगातार 5 घंटे तक सघन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. पूरे मलबे को खंगाला गया, लेकिन गनीमत रही कि मलबे में कोई अन्य मजदूर फंसा नहीं मिला.
एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन दीवार गिरने से मजदूर दिनेश की मृत्यु हुई है. शुरुआत में आशंका थी कि मलबे में और लोग दबे हो सकते हैं, लेकिन 5 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद कोई नहीं मिला. जानकारी के अनुसार, वहां तीन मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से दो हादसे के बाद मौके से चले गए थे.
मुआवजे के आश्वासन पर शांत हुए परिजन
पुलिस प्रशासन और अधिकारियों द्वारा लगातार समझाए जाने, ठेकेदार के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई और सरकारी मदद व मुआवजे के ठोस आश्वासन के बाद आक्रोशित परिजन शांत हुए. इसके बाद करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद शव का पंचनामा भरकर उसे मोर्चरी भेजा जा सका.