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IAS Story : हरियाणा-चंडीगढ़ के कथित ₹604 करोड़ IDFC बैंक घोटाले की CBI चार्जशीट में छह IAS अधिकारियों के नाम सामने आए हैं. इनमें 2000 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल सबसे चर्चित हैं. CBI के आरोपों के मुताबिक, सरकारी फंड से जुड़े मामले में उनके लिए कथित तौर पर मुजरा पार्टियों, होटल में ठहरने और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया गया.
IAS Story : पंकज अग्रवाल 2024 में चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर भी थे.
IAS Story : हरियाणा और चंडीगढ़ में IDFC बैंक में 604 करोड़ के घोटाले में हाल में CBI ने जो चार्जशीट फाइल की है, उसमें 6 IAS हैं. इन अधिकारियों पर सरकारी पैसे पर मौज काटने का आरोप है. जिसमें अपने बंगले और होटल में मुजरा पार्टियां और लग्जरी रेस्टोरेंट्स में खर्च तक शामिल है.
सरकारी पैसे पर ऐश काटने वाले अधिकारियों में IAS पंकज अग्रवाल का नाम प्रमुख है. इसके अलावा IAS विनीत गर्ग, प्रदीप कुमार, मोहम्मद शाइन, रामकुमार सिंह और डॉ. साकेत कुमार के नाम भी सीबीआई चार्जशीट में शामिल हैं. आइए जानते हैं सबसे चर्चित नाम पंकज अग्रवाल के बारे में.
झारखंड के हैं IAS पंकज अग्रवाल
IAS पंकज अग्रवाल IDFC बैंक घोटाले में सबसे चर्चित नाम हैं. 2000 बैच, हरियाणा कैडर के अधिकारी पंकज अग्रवाल मूलत: झारखंड के धनबाद के रहने वाले हैं. उन्होंने हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSP) का सचिव और बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहते हुए IDFC बैंक में खाते खुलवाए. आरोप है कि बैंक के अधिकारी रिभव ऋषि ने अग्रवाल के लिए मुजरा पार्टियों, होटल में ठहरने और महिलाओं की व्यवस्था भी करवाई. रिभव ऋषि ने उनकी पत्नी के लिए भी पार्टियों का इंतजाम किया था. पंकज अग्रवाल पर 60.54 करोड़ से अधिक के सरकारी फंड की हेराफेरी का आरोप है.
पंकज अग्रवाल ने केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन और ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में पीजी किया. इसके बाद यूपीएससी पास करके आईएएस बने. वह 2024 हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर भी थे.
प्रशासनिक करियर में 19 पोस्टिंग
आईएएस बनने के बाद अग्रवाल के प्रशासनिक करियर की शुरुआत झज्जर जिले के SDO पद से हुई. इसके बाद वह DRDA रोहतक के एडीसी-कम-सीईओ और HUDA जैसे पदों पर रहे. उनके करियर की महत्वपूर्ण शुरुआती उपलब्धियों में दो बड़े जिलों कुरुक्षेत्र और सोनीपत के डिप्टी कमिश्नर के रूप में काम करना शामिल है. उनके लगभग 26 साल के करियर में रिकॉर्ड के अनुसार 19 अलग-अलग पोस्टिंग और 11–13 स्थानों पर तैनाती रही है. यानी यह एक लंबा और काफी विविध प्रशासनिक करियर रहा है.