अब बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के देवघर के किसानों को नहीं मिलेगी खाद, जानें नियम
Last Updated:
Deoghar Farmers To Do Online Registration For Fertilizer: देवघर जिले में किसानों को अब रासायनिक खाद खरीदने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. जिले को उर्वरक वितरण की नई व्यवस्था के लिए पायलट जिले के तौर पर चुना गया है, जिसके तहत किसानों को पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी.
देवघर. किसानों के लिए खेती में खाद का इस्तेमाल बेहद जरूरी माना जाता है. फसल की अच्छी बढ़वार और बेहतर उत्पादन के लिए किसान समय-समय पर खेत में अलग-अलग तरह के उर्वरक का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अब देवघर जिले के किसानों को रासायनिक खाद खरीदने के लिए पहले की तरह सीधे दुकान पर जाकर खाद लेने की सुविधा नहीं होगी. खाद खरीदने की प्रक्रिया में अब बदलाव किया गया है और किसानों को पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इसके बाद ही उन्हें खाद उपलब्ध करायी जाएगी. दरअसल, देवघर जिले को उर्वरक वितरण की नई व्यवस्था के लिए पायलट जिले के तौर पर चुना गया है. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद खाद की खरीदारी और वितरण की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की तैयारी की गई है.
क्या कहते हैं कृषि पदाधिकारी
प्रखंड कृषि पदाधिकारी शशांक शेखर ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि जिले में फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल एप के माध्यम से उर्वरक वितरण की नई व्यवस्था लागू की गई है. इसका मकसद किसानों तक खाद पहुंचाने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है. अब किसान को खाद लेने से पहले अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा. किसान चाहे तो खुद अपने मोबाइल से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इसके अलावा प्रज्ञा केंद्र या फिर अधिकृत खाद-बीज विक्रेता की दुकान से भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है. यानी किसान को खाद लेने से पहले अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करानी होगी, जिसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.
रजिस्ट्रेशन के दौरान देनी होगी जरूरी जानकारी
रजिस्ट्रेशन के दौरान किसानों को अपनी कुछ जरूरी जानकारी देनी होगी. इसमें उनका आधार नंबर, मोबाइल नंबर, जमीन का कुल रकबा, खाता संख्या और खसरा संख्या शामिल है. इन जानकारियों के आधार पर किसान का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. खास बात यह है कि अगर किसी किसान के लिए खुद खाद की दुकान तक पहुंचना संभव नहीं है तो उसके लिए भी व्यवस्था रखी गई है. किसान अपने स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति को नॉमिनी बना सकता है. इसके लिए रजिस्ट्रेशन के समय नॉमिनी का नाम और आधार नंबर भी दर्ज करना होगा. इससे किसान की अनुपस्थिति में उसका नॉमिनी खाद पा सकेगा.
24 घंटे बाद मिलेगी खाद
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद किसान के लिए एक क्यूआर कोड जेनरेट किया जाएगा. यही क्यूआर कोड आगे खाद लेने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होगा. रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद किसान को खाद नहीं दी जाएगी, बल्कि करीब 24 घंटे बाद संबंधित अधिकृत खाद विक्रेता के माध्यम से उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा. ऐसे में किसानों को खाद की जरूरत पड़ने से पहले ही अपना रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह दी जा रही है, ताकि समय पर खाद मिल सके और खेती का काम प्रभावित न हो. देवघर को इस नई व्यवस्था के लिए पायलट जिला चुने जाने के बाद आने वाले समय में किसानों के लिए खाद खरीदने की प्रक्रिया किस तरह बदलती है, यह भी देखने वाली बात होगी.