Gas Connection Blocked: भोपाल में 1 अक्टूबर से ई-केवाईसी पूरी नहीं कराने वाले रसोई गैस कनेक्शन ब्लॉक किए जाने लगे हैं. बता दें, गुरुवार को कई गैस एजेंसियों पर ऐसे उपभोक्ताओं के फोन पहुंचे, जिनमें कुछ लोगों ने खुद को विधायक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री बता रहे थे. उन्होंने सिलेंडर नहीं मिलने पर नाराजगी जताई. एजेंसी कर्मचारियों ने बताया कि ई-केवाईसी पूरी नहीं होने के कारण कनेक्शन ब्लॉक है, इसलिए फिलहाल सिलेंडर नहीं दिया जा सकता है.
तीनों तेल कंपनियों ने ई-केवाईसी लंबित रहने वाले घरेलू गैस कनेक्शनों पर यह कार्रवाई शुरू की है. इसका असर भोपाल के करीब 83 हजार उपभोक्ताओं पर पड़ा है. पूरे मध्य प्रदेश में करीब 23.92 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी बाकी है.
ब्लॉक कनेक्शन पर नहीं होगी गैस बुकिंग
कनेक्शन ब्लॉक होने के बाद उपभोक्ता ऑनलाइन या ऑफलाइन गैस सिलेंडर बुक नहीं कर सकेंगे. इसके साथ ही रेगुलर घरेलू कनेक्शन से सिलेंडर की होम डिलीवरी भी नहीं मिलेगी. तत्काल गैस की जरूरत होने पर बाजार में उपलब्ध 5 या 10 किलो का सिलेंडर लेना पड़ेगा, जिसकी कीमत बाजार भाव के अनुसार होगी. रेगुलर घरेलू सिलेंडर लेने के लिए पहले ई-केवाईसी पूरी करानी होगी. इसके बाद कनेक्शन दोबारा चालू कराया जा सकेगा.
ई-केवाईसी कैसे कराएं?
उपभोक्ता इंडियनऑयल वन, हेलोबीपीसीएल या एचपी पे ऐप के जरिए आधार फेस ऑथेंटिकेशन कर सकते हैं. इसके लिए आधार फेसआरडी ऐप की जरूरत होगी. इसके अलावा गैस एजेंसी पर या सिलेंडर की डिलीवरी के समय बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन भी कराया जा सकता है.
दो कनेक्शन वालों पर भी असर
एजेंसी संचालकों के अनुसार, एक आधार से केवल एक गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी हो सकती है. इसलिए जिन लोगों के नाम पर दो कनेक्शन हैं, उनमें से एक कनेक्शन बंद करना पड़ सकता है. सांसद, मंत्री और विधायक जैसे पात्र लोगों पर भी ई-केवाईसी लंबित होने पर यह प्रक्रिया लागू होगी.
गैस कंपनियों के अनुसार ई-केवाईसी की प्रक्रिया 30 जून 2026 से चल रही थी और इसकी समय सीमा कई बार बढ़ाई गई. कंपनियों को आशंका है कि कुछ लंबित कनेक्शन अब इस्तेमाल में नहीं हैं.
भोपाल में ई-केवाईसी की स्थिति
आईओसीएल: 4.30 लाख कनेक्शन में 3.75 लाख की ई-केवाईसी पूरी, 55 हजार बाकी है.
बीपीसीएल: 1.56 लाख में 1.44 लाख पूरी, 12 हजार बाकी है.
एचपीसीएल: 1.21 लाख में 1.05 लाख पूरी, 16 हजार बाकी है. तो इस तरह भोपाल में कुल 7.07 लाख कनेक्शनों में करीब 83 हजार की ई-केवाईसी लंबित है.