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5 openers Both scoring a hundred in an innings in ODI: क्रिकेट इतिहास में जब दोनों ओपनर एक ही पारी में शतक जड़ देते हैं, तो गेंदबाजों की शामत आ जाती है. 1986 में जयपुर के मैदान पर ट्रैवर चैपल और ज्योफ मार्श ने भारत के खिलाफ यह अनोखा कारनामा शुरू किया था. हालांकि तब ऑस्ट्रेलिया को हार मिली थी. इसके बाद पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने शारजाह और एडिलेड में कई बार इस करिश्मे को दोहराया. यहां तक कि 1997 में नैरोबी में केन्याई ओपनर्स ने भी बांग्लादेश के खिलाफ यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था.
एक ही वनडे में शतक जड़ने वाले 5 सलामी बल्लेबाजों के रिकॉर्ड.
नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर जब दो सलामी बल्लेबाज मैदान पर उतरते हैं, तो उन पर अपनी टीम को एक मजबूत और ठोस शुरुआत दिलाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है. लेकिन तब क्या हो जब ये दोनों बल्लेबाज पारी के अंत तक अपनी टीम के स्कोरबोर्ड पर सिर्फ और सिर्फ शतकों की ही बौछार कर दें. वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में यह करिश्मा बेहद दुर्लभ और रोमांचक माना जाता है. जब पारी के दोनों ओपनर शतक जड़ देते हैं, तो विरोधी गेंदबाजों के पास पसीने छुड़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता.यहां हम उन शुरुआती पांच यादगार मुकाबलों की बात कर रहे हैं, जहां दोनों शुरुआती बल्लेबाजों ने शतकीय पारियां खेलकर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था. इसकी शुरुआत 1986 में हुई थी.
ट्रैवर चैपल और ज्योफ मार्श का शतक भी जीत न दिला सका
इस अनोखे रिकॉर्ड की शुरुआत 7 सितंबर 1986 को जयपुर के मैदान पर हुई थी. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई ओपनर ट्रैवर चैपल (Trevor Chappell) और ज्योफ मार्श (Geoff Marsh) ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दी थीं. दोनों बल्लेबाजों ने शानदार तकनीक और धैर्य का परिचय देते हुए शतकीय पारियां खेलीं. ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 3 विकेट के नुकसान पर 250 रन बनाए. दोनों ओपनर्स द्वारा शतक जड़ने के बावजूद, उस समय के क्रिकेट के लिहाज से यह स्कोर काफी रोमांचक था. हालांकि, शतकीय ओपनिंग साझेदारी का यह जादुई पल तब फीका पड़ गया जब ऑस्ट्रेलिया इस मुकाबले को जीतने में नाकाम रहा और भारत ने मैच अपने नाम कर लिया.
एडिलेड के मैदान पर पाकिस्तानी सलामी जोड़ी का जलवा
साल बदला, देश बदला और मैदान भी बदला. 17 फरवरी 1990 को एडिलेड के ऐतिहासिक मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ वनडे मुकाबला खेला जा रहा था. पाकिस्तान की तरफ से पारी की शुरुआत करने उतरे रमीज राजा (Ramiz Raja) और सईद अनवर (Saeed Anwar) ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया. दोनों ही ओपनर्स ने अपनी शानदार फॉर्म का मुजाहिरा करते हुए शतक ठोके. पाकिस्तान ने निर्धारित पारी में 3 विकेट पर 315 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. इस बार यह शतकीय शुरुआत व्यर्थ नहीं गई और पाकिस्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया.
शारजाह के रेगिस्तान में पाक बल्लेबाजों का डबल शतक वाला तूफान
क्रिकेट के तटस्थ मैदानों की बात हो और शारजाह का जिक्र न आए, ऐसा हो नहीं सकता. 4 फरवरी 1993 को शारजाह के मैदान पर एक बार फिर पाकिस्तान और श्रीलंका आमने-सामने थे.श्रीलंकाई गेंदबाजों के सामने पाकिस्तानी ओपनर्स रमीज राजा और सईद अनवर दीवार बनकर खड़े हो गए. मैदान के चारों तरफ स्ट्रोक खेलते हुए दोनों सलामी बल्लेबाजों ने अपने-अपने शतक पूरे किए. पाकिस्तान ने पहली पारी में 3 विकेट खोकर 281 रन बनाए. मजबूत शुरुआत के दम पर पाकिस्तान ने इस मैच में श्रीलंका पर एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की और मुकाबले में आसान जीत दर्ज की.
शारजाह में इतिहास की पुनरावृत्ति
महज कुछ महीनों बाद, 30 अक्टूबर 1993 को शारजाह के मैदान पर फिर वही कहानी दोहराई गई. श्रीलंका के खिलाफ एक बार फिर पाकिस्तान के दोनों ओपनर्स सईद अनवर और आसिफ मुज्तबा ने मैदान पर उतरकर अपने इरादे साफ कर दिए थे. श्रीलंकाई गेंदबाजों के पास इस जोड़ी का कोई तोड़ नहीं था. दोनों बल्लेबाजों ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शतकीय पारियां खेलीं और स्कोरबोर्ड को 313 रनों तक पहुंचा दिया, जिसमें टीम ने 3 विकेट गंवाए थे. एक बार फिर पाकिस्तानी ओपनर्स का यह कमाल टीम की जीत की वजह बना और श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा.
नैरोबी में केन्याई ओपनर्स का ऐतिहासिक कारनामा
इस फेहरिस्त में एक ऐसा नाम भी शामिल है जो एसोसिएट देशों के क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है. 10 अक्टूबर 1997 को नैरोबी (जिमखाना) के मैदान पर केन्या और बांग्लादेश के बीच मुकाबला खेला जा रहा था. केन्याई टीम के दोनों सलामी बल्लेबाजों दीपक औरऔर केनडी ओटिनो ने अपनी सरजमीं पर इतिहास रच दिया. दोनों ने बांग्लादेशी गेंदबाजी की जमकर खबर ली और दोनों ने अपने व्यक्तिगत शतक पूरे किए. केन्या ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 347 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया. इस रिकॉर्ड तोड़ और ऐतिहासिक पारी के दम पर केन्या ने बांग्लादेश के खिलाफ एक शानदार और यादगार जीत दर्ज की.