मसूरी जाने वाले पर्यटकों को नहीं झेलना पड़ेगा देहरादून का जाम, रिस्पना-बिंदाल को जोड़ेगा नया एलिवेटेड-टनल कॉरिडोर, आसान होगा सफर

मसूरी जाने वाले पर्यटकों को नहीं झेलना पड़ेगा देहरादून का जाम, रिस्पना-बिंदाल को जोड़ेगा नया एलिवेटेड-टनल कॉरिडोर, आसान होगा सफर


Dehradun elevated tunnel corridor: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को वर्षों पुरानी गंभीर ट्रैफिक समस्या से स्थायी निजात दिलाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क तैयार करने जा रही हैं. शहर में रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर प्रस्तावित दो एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट्स को आपस में लिंक करने के लिए अब एक नए ‘एलिवेटेड-टनल कॉरिडोर’ के निर्माण की रूपरेखा तैयार की गई है. यह नया कॉरिडोर राजपुर रोड स्थित मैक्स अस्पताल के पास से शुरू होकर सहस्रधारा रोड स्थित धोरण तक जाएगा. इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी जाने वाले लाखों पर्यटकों को देहरादून के भीड़भाड़ वाले मुख्य बाजारों और अंदरूनी सड़कों में दाखिल नहीं होना पड़ेगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को भी आए दिन लगने वाले भीषण जाम से बड़ी राहत मिलेगी.

रिस्पना और बिंदाल एलिवेटेड प्रोजेक्ट्स को आपस में जोड़ेगा नया लिंक
देहरादून में वाहनों के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पहले ही रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर दो अलग-अलग एलिवेटेड रोड परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी हैं. वर्तमान में इन दोनों ही बड़ी परियोजनाओं की अंतिम स्तर की फिजिबिलिटी स्टडी (तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन) का काम तेज गति से चल रहा है. जैसे ही यह अध्ययन पूरा होगा, निर्माण कार्य की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. इसी बीच योजनाकारों ने शहर की कनेक्टिविटी को और अधिक व्यापक बनाने के लिए दोनों एलिवेटेड सड़कों को आपस में जोड़ने का मास्टरप्लान तैयार किया है. इसके तहत मैक्स अस्पताल से धोरण के बीच एलिवेटेड और टनल का मिला-जुला कॉरिडोर विकसित किया जाएगा.

शहर के लिए ‘रिंग रोड’ का काम करेगा यह बाईपास
लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के सूत्रों के अनुसार, मैक्स अस्पताल से धोरण तक प्रस्तावित यह एलिवेटेड-टनल कॉरिडोर केवल दो अलग-अलग सड़कों को जोड़ने वाला साधारण मार्ग नहीं होगा, बल्कि यह भविष्य में देहरादून के लिए एक प्रभावी आउटर रिंग रोड की भूमिका निभाएगा. पर्यटन सीजन, गर्मियों की छुट्टियों और लंबे वीकेंड के दौरान जब दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से हजारों वाहन एक साथ मसूरी का रुख करते हैं, तो राजपुर रोड, सहारनपुर रोड और हरिद्वार बाईपास पर पहिए थम जाते हैं. नया कॉरिडोर शहर के बाहर से ही वाहनों को बाईपास करने की सुविधा देगा, जिससे स्थानीय यातायात और बाहरी टूरिस्ट ट्रैफिक एक-दूसरे के रास्ते में बाधा नहीं बनेंगे. इससे शहर के कोर एरिया की सड़कों पर वाहनों का लोड काफी हद तक घट जाएगा.

पुरुकुल रोपवे और राजपुर रोड पर बढ़ते दबाव का पहले से समाधान
इस नई परियोजना को समय रहते शुरू करने के पीछे एक बड़ा रणनीतिक कारण पुरुकुल से मसूरी के बीच बन रहा पैसेंजर रोपवे भी है. भविष्य में पुरुकुल से सीधे मसूरी के लिए रोपवे शुरू होने जा रहा है, जिससे स्वाभाविक रूप से राजपुर रोड और आसपास के पूरे इलाके में वाहनों की आवाजाही कई गुना बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. यदि समय रहते कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं निकाला गया, तो राजपुर रोड पर यातायात संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाएगा.

इसी संभावित संकट को भांपते हुए प्रशासन ने राजपुर रोड के ट्रैफिक को डायवर्ट कर धोरण की तरफ मोड़ने की पुख्ता योजना बनाई है, ताकि वाहन शहर के घने और संकरे हिस्सों में प्रवेश किए बिना सीधे अपने गंतव्य की ओर निकल सकें. इस कॉरिडोर के जरिए पर्यटकों और आम मुसाफिरों को आवागमन के लिए एक से अधिक सुगम विकल्प मिल सकेंगे.

शुरुआती चरण में योजना: NHAI करेगी फिजिबिलिटी स्टडी
प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर इस परियोजना की कार्ययोजना नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया और लोक निर्माण विभाग मिलकर तैयार कर रहे हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मैक्स अस्पताल से धोरण के बीच एलिवेटेड-टनल कॉरिडोर का विचार अभी अपने प्रारंभिक स्तर पर है.

परियोजना की वास्तविक भौगोलिक स्थिति, एलिवेटेड हिस्से और सुरंग (टनल) की तकनीकी जरूरत, लागत और शहर के पूरे ट्रैफिक नेटवर्क पर पड़ने वाले असर का सटीक आकलन करने के लिए जल्द ही एक विस्तृत फिजिबिलिटी स्टडी कराई जाएगी. लोनिवि के अधिकारियों के अनुसार, इस अध्ययन को पूरा करने के लिए एनएचएआई से औपचारिक संपर्क साधा जा रहा है. एनएचएआई की विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही परियोजना की अंतिम रूपरेखा और इसके निर्माण पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.



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