बच्चे का कमरा बार-बार बिखरता है? अलमारी बदलने के बजाय फर्श पर बनाएं ‘Return Zone’

बच्चे का कमरा बार-बार बिखरता है? अलमारी बदलने के बजाय फर्श पर बनाएं ‘Return Zone’


Kids Room Organization: बच्चों का कमरा साफ करने के कुछ घंटे बाद ही फिर खिलौनों, किताबों और कपड़ों से भर जाना घरों में आम बात है. कई बार माता-पिता को लगता है कि शायद अलमारी छोटी है या कमरे में स्टोरेज कम पड़ रहा है, लेकिन समस्या हमेशा सामान की मात्रा नहीं होती. कई बच्चे चीजें इस्तेमाल करने के बाद उन्हें सही जगह वापस रखने में आलस करते हैं या उन्हें तय जगह तक ले जाना झंझट लगता है. ऐसे में कमरे की व्यवस्था बदलने के बजाय एक छोटी सी आदत और जगह काम आ सकती है.

इसे ‘रिटर्न जोन’ कहा जा सकता है. यह बच्चे के कमरे में ऐसी जगह होती है जहां वह इस्तेमाल की हुई चीजों को तुरंत रख सके और बाद में उन्हें उनकी तय जगह पर वापस किया जा सके.

रिटर्न जोन क्या है और यह कैसे काम करता है

रिटर्न जोन कमरे में बनाई गई एक छोटी, आसानी से पहुंचने वाली जगह है. इसका मकसद सामान को हमेशा के लिए वहीं रखना नहीं है. यह अस्थायी ठिकाना होता है, जहां बच्चा खेल खत्म होने या पढ़ाई के बाद चीजें रख सकता है. मान लीजिए बच्चे ने कमरे में खिलौनों से खेला और अब उसे स्कूल के लिए तैयार होना है. हर खिलौना तुरंत बॉक्स में रखने की बजाय वह खिलौने रिटर्न जोन में रख सकता है. बाद में पांच-दस मिनट निकालकर इन्हें उनके असली स्थान पर रखा जा सकता है. इससे पूरे कमरे में चीजें फैलने की समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है.

फर्श पर जगह क्यों उपयोगी हो सकती है

रिटर्न जोन के लिए कमरे के किसी कोने में फर्श की छोटी सी जगह तय की जा सकती है. यहां एक खुली टोकरी, छोटा मैट या हल्का बास्केट रखा जा सकता है. ध्यान रखें कि यह जगह बच्चे की पहुंच में हो और वहां सामान रखना आसान हो. बच्चों के लिए व्यवस्था जितनी आसान होगी, उसे अपनाना उतना ही सहज हो सकता है. अगर हर चीज को वापस रखने के लिए अलमारी खोलनी पड़े, डिब्बा निकालना पड़े और सामान अलग-अलग जगह जमाना पड़े तो बच्चा काम टाल सकता है. रिटर्न जोन इस प्रक्रिया को सरल बनाता है.

रिटर्न जोन को कब इस्तेमाल करें

इस जगह को हर तरह के सामान का स्थायी स्टोरेज बनाना ठीक नहीं होगा. इसका इस्तेमाल खासतौर पर उन चीजों के लिए किया जा सकता है जिन्हें बच्चा दिन में बार-बार इस्तेमाल करता है. खिलौने, कहानी की किताबें, ड्राइंग का सामान, छोटे कुशन या दिन में इस्तेमाल होने वाली चीजें यहां रखी जा सकती हैं. गंदे कपड़ों के लिए अलग लॉन्ड्री बास्केट रखना बेहतर है. इसी तरह खाने की चीजें या ऐसी वस्तुएं जिन्हें बच्चे की पहुंच से दूर रखना जरूरी है, रिटर्न जोन में नहीं रखनी चाहिए.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

एक छोटा नियम बच्चे को समझाएं

बच्चे को बार-बार यह कहने की जरूरत नहीं कि पूरा कमरा अभी साफ करो. इसके बजाय एक छोटा नियम बनाया जा सकता है. जैसे, “खेल खत्म होने पर जो चीज हाथ में है, उसे रिटर्न जोन में रख दो.” रात में या दिन के किसी तय समय पर माता-पिता और बच्चा मिलकर उस जगह की चीजों को वापस उनकी सही जगह पर रख सकते हैं. इससे सफाई का काम एक बड़े काम की बजाय छोटे हिस्सों में बंट जाता है.

अलमारी बदलने से पहले यह तरीका आजमाएं

अगर बच्चे की अलमारी बहुत छोटी नहीं है और समस्या सिर्फ सामान के इधर-उधर पड़े रहने की है तो तुरंत नया फर्नीचर खरीदना जरूरी नहीं. पहले रिटर्न जोन बनाकर देखा जा सकता है कि कमरे की स्थिति में कितना बदलाव आता है. इसका एक फायदा यह भी है कि बच्चे को धीरे-धीरे सामान व्यवस्थित करने की आदत समझाई जा सकती है. हालांकि हर बच्चे की आदत अलग होती है. छोटे बच्चों को शुरुआत में माता-पिता की मदद की जरूरत पड़ सकती है.



Source link