कार का माइलेज अचानक गिर गया? चेक करें ये छोटा सा पार्ट, घर पर ही हो जाएगा काम

कार का माइलेज अचानक गिर गया? चेक करें ये छोटा सा पार्ट, घर पर ही हो जाएगा काम


कार का एयर फिल्टर इंजन की सांस लेने वाली नली होती है. ये धूल, गंदगी और छोटे कणों को रोककर साफ हवा अंदर भेजता है. गंदा फिल्टर हवा का प्रवाह कम कर देता है, जिससे माइलेज गिरता है, इंजन पावर कम होती है और ईंधन की खपत बढ़ जाती है. समय-समय पर इसकी जांच न करने से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और लंबे समय में महंगी मरम्मत का खतरा बढ़ जाता है.

ज्यादातर कारों में एयर फिल्टर हर 15,000 से 30,000 किलोमीटर पर बदलना चाहिए, लेकिन धूल भरे इलाकों में ये अवधि और कम हो जाती है. नियमित जांच से न सिर्फ इंजन की उम्र बढ़ती है बल्कि ड्राइविंग का अनुभव भी बेहतर रहता है. सही तरीके से चेक और बदलने से आप खुद ही ये काम आसानी से कर सकते हैं और वर्कशॉप का खर्च बचा सकते हैं. आइए इस प्रोसेस को स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं.

एयर फिल्टर की लोकेशन खोजें

ज्यादातर कारों में एयर फिल्टर बोनट के नीचे एक काले प्लास्टिक के बॉक्स में होता है। बोनट खोलकर इंजन के पास बड़े आयताकार या गोल बॉक्स को देखें. उस पर क्लिप्स, स्क्रू या रबर बैंड लगे होते हैं. यूजर मैनुअल में डायग्राम देखकर सटीक जगह पता करें. कुछ मॉडर्न कारों में ये थोड़ा छिपा हो सकता है, इसलिए टॉर्च की मदद लें.

फिल्टर की कंडीशन चेक करें

बॉक्स खोलकर फिल्टर निकालें और अच्छी रोशनी में देखें. अगर ये गहरा काला, तैलीय या धूल से भरा दिखे तो बदलने का समय आ गया है. सफेद या हल्का भूरा रंग साफ होने का संकेत है. हल्के से थपथपाकर धूल झाड़ें, लेकिन ज्यादा गंदगी हो तो झाड़ना पर्याप्त नहीं है. उंगलियों से रगड़कर देखें कि अंदर की परतें अवरुद्ध तो नहीं हैं. नियमित रूप से हर तेल बदलने के समय ये जांच करना अच्छा अभ्यास है.

सही एयर फिल्टर चुनें

अपनी कार के मॉडल, मेक और साल के अनुसार OEM या अच्छी क्वालिटी का आफ्टरमार्केट फिल्टर खरीदें. गलत साइज या सस्ता घटिया फिल्टर फिट नहीं बैठता और नुकसान पहुंचा सकता है. पैकेज पर कार के स्पेसिफिकेशन मैच करें. कागज या कॉटन वाले फिल्टर आम हैं. हाई-परफॉर्मेंस वाले थोड़े महंगे लेकिन बेहतर एयरफ्लो देते हैं. हमेशा सील और रबर एज अच्छी कंडीशन वाले चुनें ताकि हवा लीक न हो.

पुराना फिल्टर निकालने का तरीका

बॉक्स के क्लिप्स या स्क्रू सावधानी से खोलें. फिल्टर को सीधा ऊपर की ओर खींचें, झटका न दें. आसपास की सतह को साफ कपड़े से पोंछ लें ताकि नई धूल अंदर न जाए. पुराने फिल्टर को प्लास्टिक बैग में डालकर फेंक दें. बॉक्स के अंदर कोई अवशेष या कीड़े तो नहीं, यह भी जांच लें. सही तरीके से निकालने से नया फिल्टर आसानी से बैठ जाता है.

नया फिल्टर लगाने और टेस्ट करने का तरीका

नए फिल्टर को उसी दिशा में रखें जैसे पुराना था. किनारों को अच्छी तरह बैठाएं ताकि कोई गैप न रहे. बॉक्स बंद करके क्लिप्स या स्क्रू कस लें. इंजन स्टार्ट करें और असामान्य आवाज सुनें. कुछ किलोमीटर चलाकर परफॉर्मेंस महसूस करें. अगर माइलेज और थ्रॉटल रिस्पॉन्स बेहतर लगे, तो काम सफल रहा. नियमित मेंटेनेंस से इंजन हमेशा स्वस्थ रहता है.



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