ऋषिकेश: ऋषिकेश में सालभर देश-विदेश से पर्यटकों की आवाजाही लगी रहती है. वीकेंड हो या छुट्टियों का सीजन, शहर के होटल, कैफे, राफ्टिंग और पर्यटन से जुड़े कारोबारों में रौनक देखने को मिलती है. पर्यटन यहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा है और इसी से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम भी मिलता है. लेकिन इस तस्वीर का दूसरा पहलू भी है. शहर के कई स्थानीय युवा आज भी अपनी पढ़ाई और योग्यता के मुताबिक नौकरी की तलाश में ऋषिकेश से बाहर जाने को मजबूर हैं.
पर्यटन बढ़ा, लेकिन शैक्षणिक योग्यता वालों का क्या?
ऋषिकेश में होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, ट्रैवल एजेंसी, राफ्टिंग और एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े कई काम हैं. युवाओं के लिए गाइड, होटल स्टाफ, रिसेप्शन, मैनेजमेंट, सोशल मीडिया, सेल्स और टूरिज्म से जुड़े रोजगार के विकल्प भी सामने आए हैं. इसके बावजूद बड़ी चुनौती यह है कि इन नौकरियों में से कई में शुरुआती वेतन कम होता है या फिर काम सीजन के हिसाब से चलता है. ऐसे में जिन युवाओं के पास अच्छी शैक्षणिक योग्यता या किसी खास क्षेत्र की प्रोफेशनल स्किल है, उनके लिए विकल्प सीमित महसूस हो सकते हैं.
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान स्थानीय निवासी अमित ने कहा कि शहर में काम तो है, लेकिन हर युवा की जरूरत के हिसाब से नहीं है. अमित बताते हैं कि ऋषिकेश में पर्यटन से जुड़े काम काफी हैं, लेकिन अगर कोई युवा अपनी पढ़ाई के हिसाब से अच्छी नौकरी और बेहतर सैलरी चाहता है, तो उसे देहरादून या दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है. उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर ऐसी कंपनियां और संस्थान बढ़ने चाहिए, जहां युवाओं को अपने ही शहर में आगे बढ़ने का मौका मिल सके.
नौकरी के सीमित के विकल्प
शिवानी भी रोजगार के मुद्दे को लेकर कुछ ऐसी ही बात कहती हैं. उनका कहना है कि ऋषिकेश में बाहर से आने वाले लोगों के लिए होटल और कैफे में काम के कई मौके दिखाई देते हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं के लिए लंबे समय के करियर विकल्प अभी उतने नहीं हैं. उनका मानना है कि अगर यहां आईटी, मीडिया, शिक्षा, कॉर्पोरेट और दूसरे सर्विस सेक्टर से जुड़ी नौकरियां बढ़ें, तो युवाओं को नौकरी के लिए अपना शहर छोड़ने की जरूरत कम पड़ सकती है.
क्या युवाओं की उम्मीद और स्थानीय नौकरी में है अंतर?
रोजगार की तलाश में बाहर जाने की एक बड़ी वजह सिर्फ नौकरी मिलना नहीं, बल्कि बेहतर सैलरी, करियर ग्रोथ और स्थिरता भी है. युवा अब सिर्फ कोई भी काम नहीं करना चाहते, बल्कि वे अपनी पढ़ाई और स्किल के मुताबिक काम चाहते हैं. कई युवाओं के लिए नौकरी के साथ सीखने और आगे बढ़ने का मौका भी उतना ही जरूरी है. यही वजह है कि पर्यटन पर आधारित रोजगार होने के बावजूद कुछ युवा बड़े शहरों की ओर जाते हैं.