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फ्लाई-दुबई विमान कांड में अब ईरान कनेक्शन की भी जांच शुरू हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि विमान के को-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है. उन्होंने कहा कि अगर इसमें तेहरान की भूमिका साबित हुई तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा. वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि हमलावर को इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया गया था. इस बीच सऊदी अरब ने घायल पायलट और कथित हमलावर को यूएई भेज दिया है. विमान में सवार यात्रियों की बहादुरी की भी खूब चर्चा है. यात्रियों ने हमलावर को काबू कर विमान को बचाने में मदद की. पढ़ें इस खबर में फ्लाई-दुबई घटना पर 10 लेटेस्ट अपडेट.
फ्लाई-दुबई विमान कांड में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान कनेक्शन का दावा किया है. (फाइल फोटो रॉयटर्स)
फ्लाई-दुबई के विमान में हुए हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे इस मामले में नए दावे सामने आ रहे हैं. दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में को-पायलट ने कथित तौर पर अपने साथी पायलट पर हमला कर दिया था. इसके बाद विमान करीब 17 हजार फीट नीचे आ गया. कैप्टन स्मिथ मछार और चालक दल के सदस्यों ने मिलकर साहस दिखाया और हमलावर को काबू किया. इसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक हवाई अड्डे पर उतारा गया. अब इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से संभावित कनेक्शन का दावा किया है. वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमलावर को इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया गया था. हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और इन दावों की जांच की जा रही है.
घटना के बाद घायल पायलट और कथित हमलावर को इलाज के लिए सऊदी अरब में रखा गया था. अब दोनों को चिकित्सकीय मंजूरी मिलने के बाद संयुक्त अरब अमीरात भेज दिया गया है. सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने बताया कि दोनों गुरुवार सुबह अमीराती सुरक्षा दल के साथ अबू धाबी रवाना हुए. उधर विमान में मौजूद यात्रियों की बहादुरी की भी चर्चा हो रही है. कुछ यात्रियों ने कॉकपिट में जाकर हमलावर को पकड़ा. एक यात्री ने नियंत्रण संभालने में मदद की. एक दंत चिकित्सक ने घायल पायलट की मदद की और हमलावर को बांध दिया. इस पूरे मामले में अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमला क्यों हुआ और इसके पीछे किसी आतंकी संगठन या बाहरी ताकत की भूमिका थी या नहीं. 10 पढ़ें में पढ़ें सारे अपडेट.
- ट्रंप का दावा- फ्लाई-दुबई हमले में ईरान का कनेक्शन हो सकता है: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाई-दुबई विमान की घटना में ईरान के संभावित कनेक्शन का दावा किया है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें हमलावर और तेहरान के बीच किसी संबंध की जानकारी दी गई है. ट्रंप ने कहा कि इस मामले पर अभी काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि जो जानकारी उन्हें मिल रही है उसके आधार पर उन्हें लगता है कि इसका जवाब हां हो सकता है. ट्रंप ने हालांकि इसके समर्थन में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी. जब उनसे पूछा गया कि अगर घटना के पीछे ईरान का हाथ साबित होता है तो अमेरिका क्या कार्रवाई करेगा तो उन्होंने कहा कि ईरान को बहुत कड़ी मार पड़ेगी. यह फिलहाल ट्रंप का दावा है और जांच में इसकी पुष्टि होना बाकी है.
- नेतन्याहू बोले- हमलावर को इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया गया: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हमले को लेकर बड़ा दावा किया है. फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि जांच से संकेत मिलता है कि हमलावर को इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया गया था. नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें काफी संभावना लगती है कि वह विमान को गिराने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने यह भी बताया कि हमलावर ओमान का नागरिक था. नेतन्याहू के मुताबिक हमलावर को काबू करने के बाद वह चालक दल से कह रहा था कि उसे मार दिया जाए. नेतन्याहू ने इसे आत्मघाती मानसिकता का संकेत बताया. हालांकि हमलावर की पहचान और उसके मकसद से जुड़ी आधिकारिक जांच अभी जारी है. इसलिए इन दावों को जांच के अंतिम निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जा सकता.
- सऊदी अरब से यूएई भेजा गया कथित हमलावर: सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने बताया कि विमान के कप्तान और को-पायलट को चिकित्सकीय मंजूरी मिलने के बाद संयुक्त अरब अमीरात भेज दिया गया है. दोनों गुरुवार सुबह अमीराती सुरक्षा दल के साथ अबू धाबी रवाना हुए. सऊदी अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि को-पायलट ने कप्तान पर हमला किया था. विमान ने सऊदी अरब में आपात लैंडिंग की थी. इसके बाद दोनों पायलटों को अस्पताल ले जाया गया. यूएई ने पहले ही इस मामले में अपने अधिकार क्षेत्र की बात कही थी. इसकी वजह यह बताई गई कि विमान यूएई में पंजीकृत है और उसी के झंडे के तहत उड़ान भरता है. अब आगे की जांच यूएई में भी होने की बात कही जा रही है.
- विमान सिर्फ दो मिनट में 17 हजार फीट नीचे आ गया: फ्लाई-दुबई की उड़ान एफजेड1073 ने दुबई से सुबह करीब 6 बजकर 5 मिनट पर उड़ान भरी थी. विमान तेल अवीव की ओर जा रहा था. उड़ान के करीब दो घंटे बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा. उपलब्ध उड़ान आंकड़ों के मुताबिक विमान करीब दो मिनट से भी कम समय में 17 हजार 400 फीट नीचे आ गया. इस दौरान विमान ने अचानक उत्तर दिशा की ओर मोड़ भी लिया. सुबह करीब 8 बजकर 31 मिनट पर विमान से संकट संदेश भेजा गया. इसके कुछ मिनट बाद 7500 संकेत लगाया गया. विमानन क्षेत्र में 7500 का इस्तेमाल विमान के अपहरण या जबरन नियंत्रण में लिए जाने की स्थिति बताने के लिए किया जाता है. इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब की ओर मोड़ा गया.
- यात्रियों ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को दबोचा: विमान के अंदर उस समय अफरा-तफरी मच गई थी. एक यात्री ने बताया कि विमान अचानक नीचे गिरने लगा और कुछ देर तक घूमता हुआ महसूस हुआ. लोग चीखने लगे और बच्चे रोने लगे. इसी दौरान कुछ यात्रियों ने कॉकपिट की ओर जाने का फैसला किया. यात्री यानिव हयून ने बताया कि उसने हमलावर को पीछे से पकड़ लिया और दूसरे यात्रियों के साथ मिलकर उसे कॉकपिट से बाहर खींचा. उसने बताया कि विमान को संभालने में उसने भी मदद की. उसने कहा कि वह विमान दुर्घटनाओं पर आधारित कार्यक्रम देखता रहा है और उसी से उसे कुछ समझ आया. बाद में पायलट ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया. एक दंत चिकित्सक डॉ. शोटा मुसाएव ने भी हमलावर को बांधने में मदद की.
- घायल पायलट को भारी खून बहा था: हमले में विमान का एक पायलट गंभीर रूप से घायल हुआ. सामने आए वीडियो में वह विमान के फर्श पर घायल हालत में दिखाई दिया. उसके शरीर पर चोट के निशान थे और खून भी निकल रहा था. यात्रियों ने उसकी मदद की और उसकी हालत पर नजर रखी. डॉ. शोटा मुसाएव ने बताया कि पायलट के शरीर पर कई कट थे. उन्होंने कहा कि सिर और हाथों पर भी गंभीर चोटें आई थीं. मुंबई के घाटकोपर इलाके के एक स्थानीय नेता ने भी बताया कि पायलट के परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक उसकी हालत स्थिर थी और अस्पताल में उसकी सर्जरी हुई थी. बाद में चिकित्सकीय मंजूरी मिलने के बाद घायल पायलट और कथित हमलावर दोनों को यूएई भेज दिया गया.
- इजराइल में यिनोन ज़ोहाव को मिला हीरो वाला सम्मान: इस घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों की बहादुरी की इजराइल में चर्चा हो रही है. इजराइली संसद नेसेट के गलियारों में पत्रकार शेली तपीरो ने यात्री यिनोन ज़ोहाव से मुलाकात की और उन्हें पूरे इजराइल की ओर से धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि संकट के समय उन्होंने जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया उसके लिए उनके पास धन्यवाद कहने के लिए शब्द कम हैं. उन्होंने यिनोन ज़ोहाव से कहा कि पूरे इजराइल के लोगों की तरफ से वह उनका दिल से शुक्रिया अदा करती हैं. इस मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है. घटना के दौरान यात्रियों ने हमलावर को काबू करने और विमान को सुरक्षित रखने में मदद की थी. इसी वजह से कई इजराइली नेताओं और अधिकारियों ने यात्रियों के साहस की सराहना की है.
- यात्रियों को दूसरे विमान से इजराइल पहुंचाया गया: आपात लैंडिंग के बाद विमान में मौजूद यात्रियों को सऊदी अरब में रुकना पड़ा. बाद में फ्लाई-दुबई की ओर से दूसरे विमान की व्यवस्था की गई और यात्रियों को इजराइल वापस भेजा गया. प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मुताबिक विमान में मौजूद ज्यादातर यात्री इजराइली थे. तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर यात्रियों के परिवार उनका इंतजार कर रहे थे. कुछ परिवारों के हाथ में स्वागत संदेश लिखे गुब्बारे भी थे. इजराइल पहुंचने के बाद यात्रियों को एक अलग स्वागत क्षेत्र में ले जाया गया. वहां चिकित्सा दलों ने उनकी जांच की. एक 50 वर्षीय यात्री को शरीर के ऊपरी हिस्से में चोट के कारण अस्पताल भेजा गया. उसकी हालत हल्की बताई गई. इस घटना में चार अमेरिकी नागरिक भी सवार थे जिनके पास इजराइली नागरिकता भी थी.
- जांच में कॉकपिट का दरवाजा और हथियार भी बड़ा सवाल: अब जांच एजेंसियां कई सवालों के जवाब तलाश रही हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि कथित हमलावर कॉकपिट तक कैसे पहुंचा. उसके पास हथियार कैसे आया. कॉकपिट का दरवाजा किस तरह खुला और हमला किस परिस्थिति में शुरू हुआ. जांचकर्ता विमान के उड़ान आंकड़ा रिकॉर्डर और कॉकपिट आवाज रिकॉर्डर की जांच कर सकते हैं. चालक दल के सदस्यों और यात्रियों से भी पूछताछ होगी. कथित हमलावर की पहचान और उसकी पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है. इजराइल की कई एजेंसियां इस मामले की जांच में शामिल हैं. इसमें शिन बेट और मोसाद के साथ सैन्य तथा परिवहन से जुड़ी एजेंसियां भी शामिल हैं. इजराइली सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक विदेश से आने वाली विमानन कंपनियों के कर्मचारियों की सुरक्षा जांच भी इस जांच का अहम हिस्सा हो सकती है.
- फ्लाई-दुबई ने इजराइल की उड़ानें अस्थायी रूप से रोकीं: घटना के बाद फ्लाई-दुबई ने इजराइल आने-जाने वाली अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया है. कंपनी ने कहा कि जांच जारी रहने के दौरान यह कदम उठाया गया है. इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने यूएई के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी बात की. दोनों देशों ने सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले चरमपंथी तत्वों के खिलाफ सहयोग की बात कही. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत की और यात्रियों के प्रयासों को बेहद असाधारण बताया. ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने भी घटना पर चिंता जताई और कहा कि विमान सुरक्षित उतर गया यह राहत की बात है. फिलहाल ईरान कनेक्शन और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े दावों की जांच होनी बाकी है. अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी.