Last Updated:
Sri Ganganagar Protest: श्रीगंगानगर के नरसिंहपुरा में प्रस्तावित कचरा प्लांट के विरोध में RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने NH62 पर गणेशगढ़ टोल प्लाजा पर भारी विरोध प्रदर्शन किया. इसके कारण करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे जाम रहा. मौके पर 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे. प्रशासन और बेनीवाल के बीच कई दौर की वार्ता के बाद अधिकारियों ने नया विकल्प तलाशने के लिए कमेटी बनाने और डेढ़ महीने का समय मांगा. इस ठोस आश्वासन के बाद बेनीवाल ने धरना समाप्त कर दिया है. ग्रामीण लंबे समय से पर्यावरण प्रदूषण के डर से इस प्लांट का भारी विरोध कर रहे हैं.
Sri Ganganagar Protest: श्रीगंगानगर में कचरा प्लांट का विरोध, बेनीवाल के धरने के बाद झुका प्रशासन
Sri Ganganagar: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में प्रस्तावित कचरा निस्तारण प्लांट को लेकर उपजा विवाद अब चरम पर पहुंच गया है. जिले के नरसिंहपुरा बारानी क्षेत्र में बनने वाले इस प्लांट के विरोध में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल ने मोर्चा खोल दिया है. बुधवार को आयोजित एक विशाल महापंचायत के बाद देर रात यह मुद्दा एक बड़े आंदोलन में बदल गया. बेनीवाल के नेतृत्व में हजारों ग्रामीणों और समर्थकों ने नेशनल हाईवे 62 पर स्थित गणेशगढ़ टोल प्लाजा पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया.
धरना प्रदर्शन के कारण श्रीगंगानगर से गुजरने वाला प्रमुख NH62 पूरी तरह से ठप हो गया. टोल प्लाजा पर भारी भीड़ जमा होने से करीब डेढ़ घंटे तक नेशनल हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस धरने की लाइव जानकारी साझा की और राज्य सरकार व स्थानीय प्रशासन पर जमकर निशाना साधा. हाईवे जाम होने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर तुरंत 500 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया.
प्रशासन और बेनीवाल के बीच मैराथन वार्ता
देर रात शुरू हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को शांत करने के लिए जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. हनुमान बेनीवाल और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कई दौर की लंबी वार्ता चली. ग्रामीणों की स्पष्ट मांग थी कि किसी भी कीमत पर नरसिंहपुरा में कचरा प्लांट नहीं लगने दिया जाएगा, क्योंकि इससे क्षेत्र का पर्यावरण प्रदूषित होगा और आमजन के स्वास्थ्य पर गहरा संकट खड़ा हो जाएगा. बेनीवाल ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक ठोस समाधान नहीं निकलता, धरना जारी रहेगा.
कमेटी गठन के आश्वासन पर बनी सहमति
भारी दबाव और घंटों चली पंचायत के बाद अंततः प्रशासन को झुकना पड़ा. अधिकारियों ने इस पूरे मामले की जांच करने और कचरा प्लांट के लिए कोई अन्य उपयुक्त विकल्प तलाशने के लिए डेढ़ महीने (45 दिन) का समय मांगा है. इसके लिए प्रशासन द्वारा एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा. कमेटी में ग्रामीणों के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की बात कही गई है. प्रशासन द्वारा दिए गए इस ठोस और लिखित आश्वासन के बाद हनुमान बेनीवाल ने टोल प्लाजा से अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में प्लांट को अन्यत्र स्थानांतरित करने का आदेश जारी नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा.