Indian Deligation in Pakistan: India-Pakistan Relation| लाहौर देखना है पाकिस्तानियों से मिलना है इस्लामाबाद में भारतीय डेलिगेशन सुधर गए रिश्ते?

Indian Deligation in Pakistan: India-Pakistan Relation| लाहौर देखना है पाकिस्तानियों से मिलना है इस्लामाबाद में भारतीय डेलिगेशन सुधर गए रिश्ते?


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Indian Deligation in Pakistan: भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते कुछ ठीक नहीं चल रहे हैं. आतंकवाद और सिंधु जल विवाद के बीच भारत का डेलिगेशन पाकिस्तान में पहुंच चुका है. दिलचस्प ये है कि वो यहां पर घूमना भी चाहते हैं, तो क्या दोनों देशों के रिश्ते सामान्य हो रहे हैं?

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लाहौर घूमने जाना चाहते हैं भारतीय प्रतिनिधि आलोक डिमरी. (Credit-X/@ForeignOfficePk)

India-Pakistan Relation: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ की महत्वपूर्ण बैठक चल रही है. इस बैठक में भारत के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी आलोक डिमरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा है. पहलगाम हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह किसी आधिकारिक भारतीय प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान की पहली यात्रा मानी जा रही है. बैठक के दौरान डिमरी का अंदाज काफी सकारात्मक रहा, जो चर्चा में है.

पाकिस्तान के सरकारी टीवी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें पहली बार पाकिस्तान आने का मौका मिला है और इस्लामाबाद आकर उन्हें बहुत खुशी हुई. उन्होंने आगे कहा कि अभी उन्होंने सिर्फ इस्लामाबाद देखा है लेकिन उनकी इच्छा है कि वे लाहौर, फैसलाबाद और सियालकोट की भी यात्रा कर सकें. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने उनका यह बयान सोशल मीडिया पर शेयर किया है.

क्यों पाकिस्तान में भारतीय प्रतिनिधिमंडल?

राष्ट्रीय समन्वयकों की यह तीन दिवसीय बैठक 29 सितंबर को शुरू हुई. यह ऐसे समय में हो रही है जब कुछ दिन पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत और पाकिस्तान के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी. वहां विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे. इसके बावजूद एससीओ जैसे मंच पर दोनों देश शामिल हुए हैं. यहां से आए एक वीडियो में आलोक डिमरी को पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार से से हाथ मिलाते हुए भी देखा गया. बैठक के बारे में बोलते हुए डिमरी ने कहा कि यह यात्रा यूरेशियाई और एशियाई देशों को एक मंच पर लाती है. सदस्य देशों ने अपनी भलाई, समृद्धि और कल्याण के लिए साझा एजेंडा तैयार किया है. उन्होंने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार और ट्रांजिट को बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा बताया.

क्या है शंघाई सहयोग संगठन?

शंघाई सहयोग संगठन में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान और बेलारूस सहित 10 स्थायी सदस्य हैं. भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने थे. यह मंच दोनों देशों के अधिकारियों को नियमित मुलाकात का मौका देता है. डिमरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभ्यतागत संवाद मंच के प्रस्ताव का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि सदस्य देश एससीओ के अंदर ऐसा मंच बनाने पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने एससीओ को एशिया के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाला मजबूत पुल बताया. दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण रहने के बावजूद इस बैठक में सकारात्मक संदेश दिए जा रहे हैं. डिमरी के लाहौर घूमने की इच्छा जताने वाले बयान ने दोनों तरफ लोगों का ध्यान खींचा है. बैठक के नतीजे क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं.



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