Fastag New Rules: दिव्यांगजनों के लिए फास्टैग के नियम बदले, अब 5 साल तक मिलेगी टोल-फ्री सुविधा

Fastag New Rules: दिव्यांगजनों के लिए फास्टैग के नियम बदले, अब 5 साल तक मिलेगी टोल-फ्री सुविधा


केंद्र सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए जारी होने वाले टोल-फ्री फास्टैग के नियमों में बदलाव किया है. नई व्यवस्था के तहत अब पात्र लोगों को हर साल फास्टैग का नवीनीकरण नहीं कराना होगा. इसकी वैधता दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर तय की जाएगी. नए नियम 2 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे. इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल-फ्री सुविधा का लाभ लेने वाले दिव्यांगजनों को बार-बार नवीनीकरण की प्रक्रिया से राहत मिलेगी.

नई व्यवस्था के तहत जिन लाभार्थियों की दिव्यांगता 70 से 100 फीसदी के बीच है, उनके टोल-फ्री फास्टैग की वैधता 5 साल होगी. यानी पात्रता की शर्तें पूरी होने पर उन्हें लंबे समय तक इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा. पहले ऐसे फास्टैग का हर साल नवीनीकरण कराना जरूरी था. अब वैधता अवधि बढ़ने से लाभार्थियों को हर साल दस्तावेज जमा कराने और नवीनीकरण की प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत कम होगी.

40 से 70 फीसदी से कम दिव्यांगता पर 3 साल की वैधता

जिन लाभार्थियों की दिव्यांगता 40 फीसदी या उससे ज्यादा, लेकिन 70 फीसदी से कम है, उनके फास्टैग की वैधता 3 साल होगी. इस तरह सरकार ने दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर दो अलग-अलग अवधि तय की हैं. हालांकि, केवल दिव्यांगता का प्रतिशत ही पर्याप्त नहीं होगा. लाभार्थी को संबंधित नियमों के तहत पात्र होना और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा.

किन वाहनों को मिलेगा टोल-फ्री फास्टैग?

यह सुविधा ऐसे वाहनों के लिए है, जिन्हें विशेष रूप से शारीरिक दिव्यांगता वाले लोगों के इस्तेमाल के लिए बनाया गया है. इसके अलावा दिव्यांगजन के स्वामित्व वाली श्रेणी में पंजीकृत पात्र वाहन भी इसके दायरे में आएंगे. फास्टैग जारी करने के लिए दिव्यांगता का प्रमाण और वाहन से जुड़े दस्तावेज देखे जाएंगे. इसलिए लाभार्थियों को आवेदन से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका वाहन संबंधित नियमों के तहत पात्र है.

दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड जरूरी

टोल-फ्री फास्टैग के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) या अन्य मान्य दस्तावेजों में दर्ज दिव्यांगता प्रतिशत के आधार पर पात्रता तय की जाएगी. लाभार्थियों को आवेदन के समय संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे. फास्टैग की वैधता पूरी होने पर दोबारा नवीनीकरण कराया जा सकेगा, बशर्ते लाभार्थी पात्रता की शर्तें पूरी करता हो और निर्धारित नियमों का पालन करता हो.

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर होगा आसान

सरकार का कहना है कि नियमों में बदलाव का मकसद दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल व्यवस्था को आसान और सुविधाजनक बनाना है. वैधता अवधि बढ़ने से पात्र लाभार्थियों को बार-बार नवीनीकरण कराने की परेशानी से राहत मिलेगी. हालांकि, यह सुविधा सभी वाहनों पर अपने आप लागू नहीं होगी. इसका लाभ उन्हीं दिव्यांगजनों और वाहनों को मिलेगा, जो निर्धारित पात्रता और दस्तावेज संबंधी शर्तें पूरी करते हैं.



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