नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की दिसंबर में संभावित वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हैं. News18 से बातचीत में ब्लिट्ज के एडिटर शोएब चौधरी ने दावा किया कि शेख हसीना की वापसी के बाद बांग्लादेश में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है. उन्होंने 5 अगस्त 2024 के बाद बांग्लादेश की आर्थिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक स्थिति पर भी अपनी बात रखी.
5 अगस्त 2024 के बाद बांग्लादेश में क्या बदला?
शोएब चौधरी ने कहा कि 2009 से 2024 तक बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ी और देश को दुनिया के सामने एक आर्थिक स्टार के तौर पर देखा जाने लगा था. उन्होंने कहा कि इस दौरान बांग्लादेश की GDP ग्रोथ एक समय भारत से भी ज्यादा हो गई थी.
उनका दावा है कि इसके बाद बांग्लादेश को फिर से पीछे ले जाने की कोशिश हुई और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा. उन्होंने सामाजिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों के हाथों में हथियार और चाकू तक दिए गए और पहले के छात्रों को हिंसा और अपराध की ओर धकेला गया. उन्होंने बांग्लादेश में खुले तौर पर वसूली, छीना-झपटी, चोरी, डकैती और हत्या जैसी घटनाएं बढ़ने का दावा किया.
एक करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का दावा
शोएब चौधरी ने कहा कि पहले बांग्लादेश में आर्थिक तरक्की हो रही थी, लोगों के लिए नौकरियां पैदा हो रही थीं, लेकिन अब स्थिति बदल गई है. उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश में करीब एक करोड़ लोग बेरोजगार हो गए हैं
उन्होंने महंगाई और बिजली के बढ़ते खर्च का भी जिक्र किया. उनका कहना था कि पिछले दो साल में चीजों के दाम बढ़े हैं और बिजली के बिल में काफी बढ़ोतरी हुई है. अपने निजी अनुभव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस घर का खर्चा पहले करीब 30 हजार टका प्रति महीने आता था, अब वही खर्चा करीब 75 हजार टका हो गया है.
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Source: Bangladesh Petroleum Corporation
शोएब चौधरी ने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई से कामकाजी वर्ग, छोटे कारोबारी और नौकरी करने वाले लोग परेशान हैं.
सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में लोगों को यह भरोसा नहीं रहता कि घर से निकलने के बाद वे सुरक्षित वापस लौटेंगे या नहीं. उन्होंने बांग्लादेश की स्थिति की तुलना पाकिस्तान से भी की.
शोएब चौधरी के मुताबिक, इसी वजह से लोगों में निराशा और गुस्सा बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि जो लोग पहले शेख हसीना के खिलाफ नारे लगाते थे, अब शेख हसीना की वापसी की बात कर रहे हैं.
हसीना की वापसी पर ‘तूफान’ का दावा
शेख हसीना की वापसी के बाद पहले दिन की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर शोएब चौधरी ने कहा कि यह दिन बांग्लादेश के लिए तूफान जैसा होगा.
उन्होंने दावा किया कि शेख हसीना के बांग्लादेश की जमीन पर कदम रखते ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि 18 करोड़ की आबादी में करीब 40 प्रतिशत लोगों का समर्थन शेख हसीना को है और अगर इनमें से बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरते हैं तो देश में बड़ी स्थिति पैदा हो सकती है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसी स्थिति में शेख हसीना को गिरफ्तार करने या उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने की किसी सरकार या जमात के पास क्षमता नहीं होगी.
पाकिस्तान और अमेरिका को लेकर भी कही बड़ी बात
शोएब चौधरी ने पाकिस्तान और अमेरिका का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल हैं. उन्होंने रोपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र का भी जिक्र किया और कहा कि पाकिस्तान ने रूस के बनाए इस परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए जरूरी यूरेनियम से जुड़े मामले में विमान को अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी. उनका दावा था कि पाकिस्तान BNP को नहीं चाहता और जमात-ए-इस्लामी को चाहता है.
भारत की भूमिका पर क्या बोले शोएब चौधरी?
शोएब चौधरी ने कहा कि शेख हसीना के पीछे भारत है और बांग्लादेश के मामले में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है. उनके मुताबिक, अमेरिका भी अब यह समझ गया है कि भारत के रहते बांग्लादेश में कुछ भी करना आसान नहीं होगा.
उन्होंने BRICS सम्मेलन का भी जिक्र किया. उनका कहना था कि भारत ने इस सम्मेलन के जरिए अपनी भूमिका दिखाई और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तथा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई नेताओं की मौजूदगी के बीच भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि दुनिया अब भारत की भूमिका को समझ रही है और भारत धीरे-धीरे अपनी नीति पर काम करता है.
‘भारत बांग्लादेश को मुसीबत से बाहर निकालेगा’
शोएब चौधरी ने दावा किया कि भारत बांग्लादेश को मौजूदा मुश्किल स्थिति से बाहर निकाल सकता है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को फिर से संभालने में भारत की भूमिका होगी और शेख हसीना इसके बाद देश को संभालेंगी. इसके बाद सवाल किया गया कि शेख हसीना के बाद उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय या बेटी साइमा वाजेद में से कौन आगे आ सकता है.
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साइमा वाजेद को लेकर कही अपनी राय
शोएब चौधरी ने साफ किया कि यह उनकी अपनी राय है. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि शेख हसीना की बेटी साइमा वाजेद राजनीति में आगे आ सकती हैं. उन्होंने साइमा वाजेद को लेकर कहा कि वह ज्यादा सक्षम हैं, उनका व्यक्तित्व और व्यवहार बंगाली है तथा उन्हें बंगला भाषा अच्छी तरह आती है. उन्होंने संभावना जताई कि भविष्य में साइमा वाजेद बांग्लादेश की राजनीति में सामने आ सकती हैं.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े कुछ विषय सजीब वाजेद देख सकते हैं, जबकि मुख्य निर्णय शेख हसीना के हाथ में रहेंगे.
हसीना की वापसी के बाद क्या होगा?
शेख हसीना की वापसी के बाद की स्थिति पर शोएब चौधरी ने कई तरह की उपमाएं दीं. उन्होंने कहा कि यह तूफान, टॉरनेडो, साइक्लोन और सुनामी जैसी स्थिति हो सकती है. उन्होंने कहा कि अभी यह बताना संभव नहीं है कि शेख हसीना के वापस आने के बाद क्या होगा. लेकिन उनका दावा है कि शेख हसीना की वापसी के बाद बांग्लादेश में बड़ा बदलाव होगा और लोग उनकी बात सुनेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि उस समय कौन प्रधानमंत्री रहेगा या नहीं रहेगा, यह अभी कहना ठीक नहीं होगा.
अवामी लीग के नाम पर भी सवाल
इंटरव्यू में बांग्लादेश की अवामी लीग को लेकर भी सवाल उठाया गया. बातचीत में बताया गया कि बांग्लादेश की संसद की वेबसाइट पर सभी पार्टियों की जानकारी खोजने पर अवामी लीग का नाम नहीं मिला. इसी तरह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर सभी पार्टियों की सूची में अवामी लीग के सामने ‘सस्पेंशन’ दिखाई देने की बात कही गई.
इस पर सवाल किया गया कि क्या सरकारी विभागों से अवामी लीग का नाम और उसकी पहचान हटाई जा रही है. सवाल यह भी था कि अगर कोई पार्टी चुनाव नहीं लड़ रही है या चुनाव नहीं जीतती है, तब भी सभी पार्टियों की सूची में उसका नाम होना चाहिए.
बांग्लादेश चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अवामी लीग का पंजीकरण नंबर 006 है, लेकिन पार्टी की स्थिति ‘Suspended’ दर्ज है
‘अवामी लीग को खत्म नहीं किया जा सकता’
शोएब चौधरी ने कहा कि अवामी लीग बांग्लादेश के बनने के साथ जुड़ी पार्टी है. उन्होंने कहा कि अवामी लीग ने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का नेतृत्व किया था.
उनका दावा था कि पाकिस्तान चाहता है कि बंगाली पहचान, शेख हसीना और बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम की पहचान को मिटाया जाए. उन्होंने कहा कि अवामी लीग के खिलाफ मौजूदा कार्रवाई को भी इसी नजरिए से देखा जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ ही समय में शेख हसीना की वापसी का काउंटडाउन शुरू हो जाएगा और इससे BNP, जमात, NCP और मोहम्मद यूनुस से जुड़े लोगों पर दबाव बढ़ेगा.
चुनाव हुआ तो अवामी लीग को 280 सीटें मिलेंगी
शोएब चौधरी ने भविष्य के चुनाव को लेकर भी एक दावा किया. उन्होंने कहा कि अगर आज बांग्लादेश में चुनाव कराया जाए तो 300 सीटों वाली संसद में अवामी लीग को 280 सीटें मिल सकती हैं. उन्होंने कहा कि BNP को कुछ सीटें मिलेंगी और दूसरी पार्टियों को भी कुछ सीटें मिल सकती हैं.
उन्होंने यह भी दावा किया कि आज के बांग्लादेश में सबसे लोकप्रिय नाम शेख हसीना का है और भारत में भी शेख हसीना का नाम सबसे लोकप्रिय नामों में है.