वाइल्डलाइफ लवर्स के लिए खुशखबरी! आज से खुला कूनो नेशनल पार्क, 3 गेटों से एंट्री

वाइल्डलाइफ लवर्स के लिए खुशखबरी! आज से खुला कूनो नेशनल पार्क, 3 गेटों से एंट्री


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Kuno National Park: कूनो नेशनल पार्क आज यानी 1 अक्टूबर से खुल रहा है. तीनों गेटों से पर्यटकों को एंट्री मिलेगी. अहेरा, टिकटोली और पीपलबावड़ी गेट से प्रवेश होगा. एमपी ऑनलाइन से प्रवेश अनुज्ञा पत्र बुक कर सकेंगे. एंट्री गेटों पर ऑफलाइन परमिट की सुविधा भी उपलब्ध होगी.

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चीतों के दीदार के लिए कई राज्यों से लोग कूनो नेशनल पार्क आते हैं.

रिपोर्ट- अमित शर्मा, श्योपुर. वाइल्डलाइफ के शौकीनों के लिए खुशखबरी है. मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित कूनो नेशनल पार्क आज से पर्यटकों के लिए खुल रहा है. 1 अक्टूबर से तीनों गेटों से पर्यटकों को एंट्री मिलेगी. टिकटोली, अहेरा और पीपलबावड़ी गेट से प्रवेश होगा. एमपी ऑनलाइन से प्रवेश अनुज्ञा पत्र बुक कर सकेंगे. प्रवेश द्वारों से ऑफलाइन परमिट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी. सैलानियों को खुले जंगल में घूम रहे चीतों का दीदार हो सकता है. कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती संख्या से पर्यटन को लगातार बढ़ावा मिल रहा है.

साल 2021-22 में 1400-1500 पर्यटकों से लेकर अब सैलानियों का आंकड़ा 9000 पार कर चुका है. पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

पीएम मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुई चीता परियोजना
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश का कूनो नेशनल पार्क आज देश ही नहीं बल्कि दुनिया के वन्यजीव संरक्षण के नक्शे पर अपनी अलग पहचान बना चुका है. पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुई चीता परियोजना अब संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन और रोजगार की नई कहानी लिख रही है. कूनो में बढ़ती चीतों की संख्या और पर्यटकों की बढ़ती दिलचस्पी ने मध्य प्रदेश के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं. भारत की धरती पर एक बार फिर चीते दौड़ रहे हैं.

17 सितंबर 2022 को छोड़े थे 8 चीते
17 सितंबर 2022 को पीएम मोदी के जन्मदिन मौके पर नामीबिया से भारत लाए गए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया था. इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते भारत लाए गए और फरवरी 2026 में बोत्सवाना से 9 चीतों को कूनो नेशनल पार्क लाया गया. विदेश से आए 29 चीतों के अलावा भारत की धरती पर अब तक 32 चीते जन्म ले चुके हैं.

चीतों की देखभाल के लिए 400 चीता मित्र
आज कूनो नेशनल पार्क में 52 चीते हैं. उनकी बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि कूनो को उनके लिए अनुकूल वातावरण देने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. चीतों की निगरानी और संरक्षण के लिए 200 से ज्यादा स्थानीय लोगों को जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा 400 से ज्यादा चीता मित्र तैयार किए गए हैं, यानी जिस जंगल में कभी चीते सिर्फ इतिहास की किताबों में नजर आते थे, आज उसी जंगल के आसपास रहने वाले लोग चीते की सुरक्षा में भागीदार बन रहे हैं.



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