रोहित-विराट ने आलोचकों के मुंह पर जड़ा ताला…कोच गंभीर को साफ संदेश, 2027 वर्ल्ड कप के लिए तैयार हैं दो ‘बूढ़े शेर’

रोहित-विराट ने आलोचकों के मुंह पर जड़ा ताला…कोच गंभीर को साफ संदेश, 2027 वर्ल्ड कप के लिए तैयार हैं दो ‘बूढ़े शेर’


नई दिल्ली. रोहित शर्मा जब 101 रनों की बेहद ही शानदार खेलकर पवेलियन लौट रहे थे, तो एक ऐसा खास पल देखने को मिला जिसने करोड़ों क्रिकेट फैंस का दिल जीत लिया. विराट ने आगे बढ़कर अपने कप्तान रोहित से हाथ मिलाया और उन्हें इस बेमिसाल शतक के लिए गर्मजोशी से मुबारकबाद दी. यह सिर्फ दो साथी खिलाड़ियों का सामान्य अभिवादन नहीं था, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के उन दो ‘बूढ़े शेरों’ की हुंकार थी, जिन पर हाल के दिनों में खुद को साबित करने का सबसे ज्यादा दबाव था.

क्रिकेट के गलियारों में और सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से यह चर्चा आम हो गई थी कि रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) का दौर अब अपनी ढलान पर है. युवाओं को मौका देने की लंबी बहस के बीच इन दोनों दिग्गजों के सफेद गेंद के क्रिकेट, खासकर वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे थे. आलोचक दबी जुबान में यह कहने लगे थे कि अब ये दोनों खिलाड़ी उम्र के उस पड़ाव पर आ पहुंचे हैं जहां से आगे का सफर बहुत मुश्किल है और भारतीय टीम को अब उनके बिना भविष्य की योजना बनानी चाहिए. लेकिन इन दो महारथियों ने अपने बल्ले से वो करारा जवाब दिया है जिसकी गूंज मीलों दूर तक सुनाई दे रही है और तमाम आलोचकों के मुंह हमेशा के लिए बंद हो गए हैं.

विराट का पलटवार, पहले वनडे में दिखाया किंग का रौद्र रूप
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से पहले ही दबाव का माहौल बहुत ज्यादा गर्म था. पहले वनडे मैच में जब भारतीय टीम मैदान पर उतरी, तो सबकी निगाहें सिर्फ और सिर्फ विराट कोहली पर टिकी थीं. किंग कोहली ने अपने चिर-परिचित आक्रामक और क्लासिक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए उन सभी आलोचकों के मुंह पर ताला जड़ दिया जो उनकी फॉर्म पर लगातार सवाल उठा रहे थे. उन्होंने उस मैच में एक शानदार शतक ठोककर दुनिया को यह बता दिया कि उनके अंदर अभी भी रनों की वही असीमित भूख है जो एक दशक पहले हुआ करती थी. विराट के उस बेजोड़ शतक ने इस पूरी सीरीज का टोन सेट कर दिया था. उनका बल्ला वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के खिलाफ आग उगल रहा था और उन्होंने दिखा दिया कि असली शेर कभी भी शिकार करना नहीं भूलता, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों.

रोहित की तूफानी वापसी, 101 रनों से दिलाई विंटेज हिटमैन की याद
पहले वनडे में विराट कोहली की उस शानदार दहाड़ के बाद, दूसरे वनडे मुकाबले में रोहित शर्मा की बारी थी. वेस्टइंडीज के तेज और स्पिन गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए हिटमैन ने 101 रनों की ऐसी आक्रामक, लेकिन संयमित पारी खेली, जिसने पुराने विंटेज रोहित की याद दिला दी. उनके बल्ले से निकले वो गगनचुंबी छक्के और दर्शनीय पुल शॉट्स साफ तौर पर यह गवाही दे रहे थे कि उनकी टाइमिंग, रिफ्लेक्सेस और ताकत में रत्ती भर भी कमी नहीं आई है. जब रोहित अपना बेहतरीन शतक पूरा करके आउट हुए, तो स्टेडियम में मौजूद हर एक दर्शक ने खड़े होकर उनके सम्मान में तालियां बजाईं. रोहित और विराट के बीच ग्राउंड पर वो बेहतरीन तालमेल और हाथ मिलाना इस बात का बहुत बड़ा प्रतीक था कि दोनों दिग्गज एक-दूसरे की सफलता का कितना लुत्फ उठा रहे हैं और दोनों के बीच आपसी सम्मान कितना गहरा है.

अनुभव की ताकत, मुश्किल हालात में युवाओं के लिए पेश की मिसाल
आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो 3 मैचों की सीरीज के शुरुआती दो मैचों में इन दोनों बल्लेबाजों ने अपनी श्रेष्ठता एक बार फिर से दुनिया के सामने साबित कर दी है. जहां पहले मैच में विराट ने 139 रन की नाबाद पारी खेलकर भारतीय टीम को जीत दिलाई, वहीं दूसरे मैच में रोहित शर्मा के 101 रनों की तूफानी पारी ने टीम को सीरीज कब्जा करने में अहम भूमिका निभाई. इन दोनों दिग्गजों ने मिलकर यह साफ दिखा दिया है कि जब दबाव सबसे ज्यादा होता है और मैच फंसा हुआ होता है, तब सालों के अनुभव का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता.

गौतम गंभीर को कड़ा संदेश, इन ‘बूढ़े शेरों’ में अभी बाकी है बहुत जान
भारतीय टीम के नए मुख्य कोच गौतम गंभीर हमेशा से अपनी स्पष्टवादिता, अनुशासन और कड़े फैसलों के लिए जाने जाते रहे हैं. गंभीर के कोच बनने के बाद से यह कयास लगाए जा रहे थे कि शायद भविष्य की युवा टीम बनाने के लिए वो टीम में कुछ बड़े बदलाव कर सकते हैं और सीनियर खिलाड़ियों को आराम दे सकते हैं. लेकिन विराट और रोहित ने अपने इन बैक-टू-बैक शानदार शतकों से गौतम गंभीर को एक बहुत ही स्पष्ट और मजबूत संदेश दे दिया है. यह संदेश इस बात का है कि वे दोनों अभी बूढ़े नहीं हुए हैं और उनका खेल अभी भी चरम पर है. उनकी फिटनेस, उनका फॉर्म, मैदान पर उनकी फुर्ती और उनकी जीतने की जिद आज भी किसी भी युवा खिलाड़ी से बीस ही साबित होती है. गंभीर जो खुद एक बड़े चैंपियन खिलाड़ी रहे हैं, वो इन दोनों पारियों की अहमियत और इस संदेश को बखूबी समझते होंगे.

2027 विश्व कप पर टिकी निगाहें, उम्र साबित हुई महज एक नंबर
इन दो जादुई पारियों के बाद अब एक बात पूरी तरह से साफ हो गई है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली की नजरें साल 2027 के वनडे विश्व कप पर पूरी मजबूती से टिक गई हैं. दक्षिण अफ्रीका में होने वाले उस क्रिकेट के महाकुंभ के लिए इन दोनों ने अपनी मजबूत दावेदारी अभी से ठोक दी है. क्रिकेट के जानकारों और चयनकर्ताओं को अब यह मानना ही पड़ेगा कि इन दोनों के लिए उम्र सिर्फ एक नंबर से ज्यादा कुछ नहीं है. अगर खिलाड़ी के अंदर विश्व कप जीतने का अटूट जुनून हो और उसके बल्ले में रनों की वही पुरानी धार हो, तो वह किसी भी उम्र में टीम के लिए सबसे बड़ा मैच विनर साबित हो सकता है.



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