राहुल गांधी आज बालाघाट दौरे पर, मृत बच्चों के परिवारों से मिलेंगे नेता प्रतिपक्ष

राहुल गांधी आज बालाघाट दौरे पर, मृत बच्चों के परिवारों से मिलेंगे नेता प्रतिपक्ष


Last Updated:

Rahul Gandhi Balaghat Visit: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज (गुरुवार) बालाघाट आ रहे हैं. वह जगला गांव जाकर मृत बच्चों के परिवारों से मिलेंगे. बालाघाट में कुपोषण और मलेरिया से अब तक 32 बच्चों की मौत हो चुकी है.

Zoom

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जगला गांव में करीब 45 मिनट रुकेंगे.

रिपोर्ट- वासु चौरे, भोपाल/बालाघाट. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज (गुरुवार) मध्य प्रदेश के बालाघाट के दौरे पर रहेंगे. वह जगला गांव जाएंगे. कुपोषण और मलेरिया से जिन बच्चों की मौत हुई, राहुल उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे. वह जगला गांव में करीब 45 मिनट रुकेंगे. राहुल गांधी दोपहर तीन बजे मीडिया को संबोधित करेंगे.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज सुबह 10 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से महाराष्ट्र के गोंदिया के लिए रवाना होंगे. राहुल 11:45 बजे गोंदिया एयरपोर्ट पहुंचेंगे. दोपहर 12 बजे गोंदिया से बाय रोड बालाघाट के जगला गांव के लिए रवाना होंगे. वह दोपहर 2:15 बजे जगला गांव पहुंचेंगे. वह जगला गांव में पीड़ित बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात करेंगे. राहुल यहां करीब 45 मिनट रुकेंगे. इसके बाद वह मीडिया को संबोधित करेंगे.

राहुल गांधी का 13 दिन में दूसरा दौरा
गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 13 दिन में मध्य प्रदेश का यह दूसरा दौरा है. इससे पहले वह 19 सितंबर को इंदौर आए थे. यहां उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम किया था. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बालाघाट में कुपोषण और मलेरिया से 32 बच्चों की मौत हुई है. राहुल ने अपने कार्यक्रम से पहले ‘एक्स’ पर लिखा था, ’30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण से मौतें हो गईं लेकिन कार्रवाई सुस्त रही. सरकार सोती रही. मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए. बीमारी, पोषण और साफ पानी की कमी है. चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण छोटे बच्चों की जान जा रही है.’

परिवारों से मिलकर जमीनी हालात समझेंगे राहुल गांधी: उमंग सिंघार
मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि उनके नेता राहुल गांधी मृत मासूमों के परिवारों से मिलकर जमीनी हालात समझेंगे. वह उनसे जानेंगे कि सरकारी योजनाओं का लाभ अभी तक आदिवासी परिवारों तक क्यों नहीं पहुंचा. बच्चों को पोषण खाद्य सामग्री, मच्छरदानी और टीकाकरण जैसी जरूरी सुविधाएं क्यों नहीं मिल पाईं. सरकार की जिम्मेदारी है कि शासन की योजनाएं हर जरूरतमंद तक पहुंचें. इस मामले में सरकार ने स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी तय नहीं की. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने चुप्पी साध रखी है.



Source link