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West Champaran Flood Ground Report: नेपाल में बारिश से गंडक नदी उफान पर, बिहार के पश्चिम चम्पारण में बाढ़ का कहर. नौतन, बैरिया, योगपट्टी, बगहा 02 के गांव जलमग्न, लोग सड़कों व नावों पर रहने को मजबूर. पीने के पानी की भी किल्लत है. देखें लोकल 18 की ग्राउंड में ग्रामीणों का दर्द.
पश्चिम चम्पारण: नेपाल में हुई लगातार बारिश से गंडक नदी में उठे उफान ने बिहार के कई जिलों को बुरी तरह से प्रभावित किया है. इनमें सबसे अधिक बर्बादी पश्चिम चम्पारण ज़िले में ही हुई है. यहां के नौतन, बैरिया, योगपट्टी और बगहा 02 जैसे प्रखंडों में गंडक की तेज लहरों ने ऐसा कहर बरपाया है कि गांव के गांव जलमग्न होने लगे हैं.
टापू में तब्दील हुए गांव
हालात अब ऐसे हो चुके हैं कि नौतन के मंगलपुर कला, विशम्भरपुर, फुलियाखाड़ इत्यादि गांवों सहित योगापट्टी और बगहा 02 के कई पंचायत पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं. गांव के गांव डूबने के बाद प्रभावित लोग सड़कों के किनारे और नावों पर जिंदगी गुजारने को मजबूर हो चलें हैं. डूब चुके घरों के साथ उनमें रखीं सभी वस्तुएं भी बह गई हैं. इनमें कपड़े, बर्तन, फर्नीचर, जरूरी कागज़ात, अनाज इत्यादि चीजें शामिल हैं.
पीने के पानी तक की आफत
नौतन के विशम्भरपुर निवासी देवदत्त राम बताते हैं गंडक की लहरों में उनका अबकुछ खत्म हो चुका है.अब वो अपने परिवार के साथ नाव पर गुजर बसर करने के लिए मजबूर हैं.इस दौरान दिनचर्या के कार्यों को लेकर खाना बनाने और खाने तक की तकलीफ हो रही है.इतना ही नहीं, जिस जल को जीवन कहा जाता है, बाढ़ के कहर में उसकी भी (पीने का पानी) आफत हो चली है.
खतरों के बीच गुजर रही ज़िंदगी
फुलियाखाड़ निवासी सरिता देवी बताती हैं कि सबकुछ जलमग्न होने के बाद अब उन्हें बाँधों और सड़कों के किनारे गुजर–बसर करना पड़ रहा है. सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीवों से भरे नहरों के किनारे अस्थाई तम्बुओं में रात गुजारनी भी मजबूरी हो चली है. भयावह बात यह है कि वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से लगातार डिस्चार्ज किए जाने वाले जल की भारी मात्रा से इन नहरों का स्तर भी उफान पर है. जिससे इसके किनारे बसे लोगों पर भी डूबने का खतरा मंडरा रहा है.