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उत्तर प्रदेश के भदोही स्थित महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है. प्रसव पीड़ा से तड़पती एक गर्भवती महिला को इलाज नहीं मिला. उसने अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया. मामले का संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सख्त एक्शन लिया है. जांच के बाद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) समेत पांच अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरी है.
भदोही अस्पताल के गेट पर प्रसव मामले में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लिया एक्शन. (फाइल फोटो)
भदोही: उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के तमाम दावों के बीच भदोही और सोनभद्र से झकझोर देने वाले मामले सामने आए हैं. भदोही के ज्ञानपुर स्थित महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य कर्मियों की भारी लापरवाही के चलते एक महिला को अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा. इस अमानवीय घटना पर उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की है.
जानकारी के मुताबिक, भदोही के जोरई गांव निवासी सुनील की पत्नी रानी देवी (20) को 29 सितंबर को तेज प्रसव पीड़ा हुई थी. परिजन आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. आरोप है कि लेबर रूम में मौजूद स्टाफ नर्स ने महिला का प्राथमिक उपचार करने या उसे भर्ती करने के बजाय, सीधा रेफर कर दिया. अस्पताल से बाहर आते समय महिला की पीड़ा असहनीय हो गई और उसने अस्पताल के गेट पर ही शिशु को जन्म दे दिया.
जांच के बाद इन अधिकारियों-कर्मचारियों पर गिरी गाज
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच कमेटी गठित की, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर बड़ा एक्शन लिया गया-
- डॉ. पंकज कुमार (चिकित्साधिकारी): इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. पंकज द्वारा मरीज की प्राथमिक जांच और उपचार न करने पर उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
- नीलम मौर्या (स्टाफ नर्स): मरीज को बिना पूरी प्रक्रिया के एंबुलेंस में बैठाने में भारी लापरवाही बरतने पर स्टाफ नर्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
- डॉ. मुकेश प्रजापति (स्त्रीरोग विशेषज्ञ): इनका सितंबर 2026 का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए रोक दिया गया है.
- डॉ. एके तिवारी (CMS): मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ प्रशासनिक लापरवाही को लेकर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी गई है.
- डॉ. नीलिमा धवन (स्त्रीरोग विशेषज्ञ): 28 सितंबर को ड्यूटी में लापरवाही के लिए शासन को विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी गई है.
डिप्टी सीएम ने दी सख्त चेतावनी
डिप्टी सीएम ने साफ चेतावनी दी है कि मरीजों के इलाज में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसी घटनाओं से विभाग की छवि धूमिल होती है.