Israel UAE Relations : ‘इजाजत कैसे दी’, हाईजैक कांड में ओमान वाला ब्लंडर, UAE पर इजरायल ने क्यों उठाई उंगली?

Israel UAE Relations : ‘इजाजत कैसे दी’, हाईजैक कांड में ओमान वाला ब्लंडर, UAE पर इजरायल ने क्यों उठाई उंगली?


पश्चिम एशिया में इस वक्त जंग छिड़ी हुई है. इजरायल इस जंग का सेंटर है और ऐसे नाजुक वक्त में इस देश के नागरिकों के साथ बड़ी आतंकी घटना होते-होते बची है. दुबई से 185 लोगों को तेल अवीव लेकर जा रही Flydubai FZ1073 फ्लाइट को ओमानी को-पायलट ने क्रैश करवाने की कोशिश की. जिसे अरेस्ट कर लिया गया है, लेकिन अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है जिसने इजरायल और UAE के बीच तनातनी बढ़ा दी है. इजरायल ने UAE का ‘ओमान वाला ब्लंडर’ पकड़ लिया है और पूछा है कि आखिर ‘इजाजत कैसे दी’?

कौन था वो ओमानी को-पायलट और क्यों रचा खौफनाक खेल?

फ्लाईदुबाई की इस फ्लाइट FZ1073 में जिस को-पायलट ने मुख्य भारतीय कैप्टन पर चाकू से हमला किया, उसके नाम की आधिकारिक पुष्टि अभी तक सुरक्षा एजेंसियों ने सार्वजनिक नहीं की है. लेकिन इजरायली अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमलावर पायलट ओमान का नागरिक है.

जांच में सामने आया है कि इस ओमानी को-पायलट को फ्लाईदुबाई एयरलाइन जॉइन किए हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ था. कई रिपोर्ट्स का दावा है कि उसने महज 9 महीने पहले ही नौकरी शुरू की थी.

सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद सऊदी सुरक्षा बलों ने आरोपी को-पायलट को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुताबिक, उसने कैप्टन को चाकू मारकर प्लेन को यात्रियों समेत क्रैश करने की साजिश रची थी. हालांकि, उसके इस खौफनाक कदम के पीछे का असली मकसद क्या था, इसकी जांच अभी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां कर रही हैं.

ओमान-इजरायल में दुश्मनी, फिर भी फ्लाइट उड़ाने की इजाजत कैसे मिली?

इस पूरे हाईजैक कांड के बाद जो सबसे बड़ा और गंभीर सवाल उभरा है, वो ये है कि एक ओमानी नागरिक को इजरायल जाने वाली बेहद संवेदनशील फ्लाइट में क्यों तैनात किया गया? ओमान और इजरायल के बीच कोई कूटनीतिक या राजनयिक संबंध नहीं हैं.

बता दें कि हमलावर को-पायलट किसी इजरायली कंपनी के लिए काम नहीं करता था, बल्कि वो यूएई की एयरलाइन ‘फ्लाईदुबाई’ का कर्मचारी था. फ्लाईदुबाई का मुख्य बेस दुबई में है और ये दुनिया भर से पायलट और क्रू मेंबर्स को भर्ती करती है. कंपनी के पास 144 देशों के नागरिक काम करते हैं और 1,500 से ज्यादा पायलट हैं.

नियमों के मुताबिक, कोई भी ओमानी नागरिक फ्लाईदुबाई में काम कर सकता है. लेकिन असली ब्लंडर तब हुआ जब उसे उस रूट की फ्लाइट में ड्यूटी दे दी गई जो सीधे इजरायल जा रही थी.

UAE पर भड़का इजरायल: क्या टूट गए एविएशन के कड़े नियम?

इस वारदात के सामने आते ही इजरायल की परिवोन मंत्री मीरी रेगेव का गुस्सा भड़क गया. उन्होंने इस घटना को इजरायल की सुरक्षा के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ बताया और यूएई-इजरायल एविएशन एग्रीमेंट की तुरंत समीक्षा करने की मांग की.

इजरायली मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएई और इजरायल के बीच हुए हवाई समझौते के बहुत सख्त नियम हैं.

  1. पासपोर्ट का कड़ा नियम: समझौते के तहत सिर्फ उन्हीं देशों के पासपोर्ट धारक पायलटों को इजरायली हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने या उतरने की इजाजत है, जिनके इजरायल के साथ आधिकारिक कूटनीतिक संबंध हैं.
  2. सख्त बैकग्राउंड चेक: इजरायल जाने वाले क्रू मेंबर्स की सुरक्षा जांच बेहद कड़ी होती है.
  3. उड़ाने सस्पेंड : इजरायली परिवोन मंत्री ने तुरंत फ्लाईदुबाई की इजरायल आने वाली सभी उड़ानों को सस्पेंड करने की मांग कर दी है और पूछा है कि ये ‘ओमानी ब्लंडर’ कैसे हुआ?

क्या दोहरी नागरिकता थी वजह, या यूएई का हुआ बहुत बड़ा ब्लंडर?

इजरायली खुफिया एजेंसियां अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि आखिर ये सुरक्षा चक्र कैसे टूटा? इस वक्त दो बड़ी थ्योरी पर काम किया जा रहा है.

  • दोहरी नागरिकता का शक: जांच एजेंसियां देख रही हैं कि क्या हमलावर ओमानी को-पायलट के पास किसी दूसरे ऐसे देश का भी पासपोर्ट था, जिसके इजरायल के साथ अच्छे संबंध हैं? अगर ऐसा था, तो शायद उसने इसी दूसरे पासपोर्ट का इस्तेमाल करके इजरायली सुरक्षा जांच को चकमा दे दिया.
  • क्रू-असाइनमेंट में भारी लापरवाही: अगर उसके पास दूसरी नागरिकता नहीं थी, तो इसका सीधा मतलब है कि फ्लाईदुबाई के ‘क्रू-असाइनमेंट सिस्टम’ ने बहुत बड़ी लापरवाही बरती. कंपनी ने बिना बैकग्राउंड चेक किए एक ऐसे देश के नागरिक को इजरायल की सेंसिटिव फ्लाइट पर भेज दिया, जिसका इजरायल से कोई लेना-देना नहीं था. फिलहाल इन दोनों ही वजहों की फॉरेंसिक और सुरक्षा जांच जारी है.

30 सेकंड में 14,000 फीट नीचे गिरा प्लेन, कॉकपिट में हुआ खूनी ड्रामा

जब ये बोइंग 737 विमान दुबई से तेल अवीव की तरफ उड़ रहा था, तभी कॉकपिट के अंदर अचानक हिंसा भड़क उठी. फ्लाइट ट्रैकिंग डाटा के मुताबिक, जब ओमानी को-पायलट ने कैप्टन पर हमला कर प्लेन का कंट्रोल अपने हाथ में लिया, तो विमान महज 30 सेकंड के अंदर 14,000 फीट नीचे गिर गया! प्लेन इतनी तेजी से गोता खा रहा था कि केबिन के अंदर बैठे 180 से ज्यादा यात्रियों की सांसें अटक गईं.

  • इमरजेंसी कोड्स ट्रिगर हुए: विमान के नेविगेशन सिस्टम से तुरंत इमरजेंसी कोड ‘Squawk 7700’ भेजा गया. इसके ठीक बाद गैर-कानूनी कब्जे या हाईजैक के लिए इस्तेमाल होने वाला सबसे खौफनाक अंतरराष्ट्रीय कोड ‘Squawk 7500’ ट्रिगर हो गया.
  • खूनी हाथापाई के बीच कंट्रोल: इजरायली अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों और केबिन क्रू ने अपनी जान जोखिम में डालकर कॉकपिट का दरवाजा खोला, लहूलुहान भारतीय कैप्टन को संभाला और हमलावर को-पायलट को जकड़ लिया.

दोनों पायलट इस हिंसा में बुरी तरह जख्मी हो चुके थे. इसके बाद प्लेन को तुरंत डायवर्ट करके सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया गया.



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