India-China Hotan Route Pakistan: भारत-चीन मिलकर करेंगे धमाका होटन रूट पर मंथन खुला तो निकल जाएगी पाकिस्तान की सारी अकड़

India-China Hotan Route Pakistan: भारत-चीन मिलकर करेंगे धमाका होटन रूट पर मंथन खुला तो निकल जाएगी पाकिस्तान की सारी अकड़


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India-China Hotan Route Pakistan: भारत-चीन के बीच अब सहयोग का नया दौर शुरू हो चुका है. लगातार दोनों देश व्यापार और तकनीक के मामले में आगे बढ़ रहे हैं. इसी सिलसिले में अब नया चैप्टर होटन रूट के तौर पर जुड़ रहा है. अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान की छाती पर सांप लोट जाएंगे.

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भारत-चीन मिलकर करेंगे धमाका.

India-China Hotan Route Bypass Pakistan: पाकिस्तान की ओर से भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद रखने के बीच भारत अब एक नए विकल्प पर काम कर रहा है. भारत और चीन के बीच शिनजियांग के होटन क्षेत्र से होकर वैकल्पिक हवाई मार्ग शुरू करने को लेकर बातचीत चल रही है.  नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इसकी पुष्टि की है और इस बातचीत में भारत का विदेश मंत्रालय भी शामिल है. अगर ये बातचीत आगे बढ़ती है और रास्ता निकल आता है, तो ये न सिर्फ भारत के लिए बेहतर विकल्प होगा, बल्कि पाकिस्तान के लिए मात भी होगी.

इस योजना के तहत भारतीय एयरलाइनों को पाकिस्तान के एयरस्पेस से बचते हुए यूरोप, ब्रिटेन और उत्तरी अमेरिका की उड़ानों के लिए एक नया रास्ता मिल सकता है. अभी तक इन उड़ानों को पाकिस्तान से बचने के लिए अरब सागर और ओमान की ओर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है. भारत का ये रास्ता तब से बंद है, जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था. इसका सीधा असर भारतीय एयरलाइंस की लंबी दूरी की उड़ानों पर पड़ा था.

क्यों भारत तलाश रहा है नया विकल्प?

पाकिस्तान ने अप्रैल, 2025 में भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था. इसके बाद भारत ने भी जवाबी प्रतिबंध लगाए. पाकिस्तान ने इस रोक को कई बार बढ़ाया है और मौजूदा प्रतिबंध 24 अक्टूबर, 2026 तक लागू है. इसका सीधा असर भारतीय एयरलाइनों की लंबी दूरी की उड़ानों पर पड़ा है. कई मार्गों पर उड़ान का समय लगभग 45 मिनट से दो घंटे तक बढ़ गया है. सीधा गणित है – ज्यादा दूरी का मतलब ज्यादा ईंधन खर्च, विमान का अधिक समय तक इस्तेमाल और चालक दल की ड्यूटी से जुड़ी चुनौतियां भी हैं. यही वजह है कि भारत नए विकल्प तलाश रहा है, जिससे वो पाकिस्तान को सरपास करके अपनी परेशानियां दूर कर सके.

होटन रूट क्या है और क्यों महत्वपूर्ण?

  1. भारत इस वक्त जिस विकल्प पर चीन से बात कर रहा है, उसमें विमान उत्तरी भारत से उड़कर चीन के शिनजियांग क्षेत्र के हॉटन के आसपास से गुजर सकते हैं. इसके बाद वे मध्य एशिया की ओर बढ़कर यूरोप और पश्चिमी देशों के मौजूदा हवाई मार्गों से जुड़ सकते हैं.
  2. ये ऐसा रूट है, जिससे पाकिस्तान के ऊपर निर्भरता कम हो सकती है और लंबी दूरी की उड़ानों का रास्ता भी छोटा हो सकता है.
  3. हालांकि अभी यह केवल प्रस्तावित मार्ग है, चीन और भारत के बीच कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है लेकिन बातचीत लगातार चल रही है. यह भी तय नहीं है कि भारतीय विमान इस रूट का इस्तेमाल कब से शुरू कर पाएगा.
  4. शिनजियांग के कुछ हिस्सों में हवाई क्षेत्र सैन्य नियंत्रण में होने के कारण इस मार्ग को शुरू करने के लिए सुरक्षा, एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपातकालीन लैंडिंग जैसी कई मंजूरियों की जरूरत होगी.

भारत-चीन के बीच बढ़ रहा सहयोग

इस प्रस्ताव की एक और खास बात है कि यह ऐसे समय सामने आया है जब भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है. दोनों देशों के बीच कोविड और 2020 के सीमा तनाव के बाद सीधी उड़ानों पर लंबे समय तक असर पड़ा था. हालांकि पिछले दो सालों में दोनों देश दोबारा संबंध सामान्य कर रहे हैं. होटन रूट इसी बदलते माहौल का एक ताजा उदाहरण है.

पाकिस्तान से हो रहा चीन का मोहभंग?

दूसरी तरफ वैश्विक और राजनीतिक नजरिये से देखें तो चीन ने पाकिस्तान में काफी निवेश किया था. उसे ग्वादर पोर्ट का रास्ता चाहिए था, जिसे वो अफगानिस्तान तक जोड़कर मध्य पूर्व में ले जाना चाहता था. इसी वजह से उसने पाकिस्तान में जमकर निवेश किया लेकिन उसे अब ये रास्ता खटाई में पड़ता नजर आ रहा है. इसका बड़ा हिस्सा बलूचिस्तान और पीओके में है, जिसे पाकिस्तान की आंतरिक अशांति सुरक्षा के नजरिये से खतरे में डाल रही है. दूसरी ओर अफगानिस्ता से पाकिस्तान के बिगड़ते रिश्ते भी उसकी योजनाओं पर पानी फेर रहे हैं. ऐसे में चीन उससे दूरी बना रहा है और भारत के साथ अपने संबंध सामान्य करके हित साधना चाहता है.



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