Flydubai Hijack : इजरायली फ्लाइट हाईजैक कांड में रूस-यूक्रेन एंगल, हवा में 180 यात्रियों के साथ क्या-क्या हुआ?

Flydubai Hijack : इजरायली फ्लाइट हाईजैक कांड में रूस-यूक्रेन एंगल, हवा में 180 यात्रियों के साथ क्या-क्या हुआ?


180 इजरायली नागरिकों को ले जा रही flydubai की फ्लाइट FZ1073 को हाईजैक और क्रैश करने की साजिश नाकाम हो गई है. बंद कॉकपिट में दो पायलटों के बीच कुछ क्या हुआ था, इसकी गुत्थी सुलझाई जा रही है. अभी तक ये दावा किया जा रहा है कि एक पायलट दूसरे पर हावी होने की और प्लेन को कंट्रोल में लेने की कोशिश कर रहा था. दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि इस प्लेन को किसी बिल्डिंग में घुसाकर 9/11 जैसे क्रैश की प्लानिंग थी. अब इस प्लेन में रूस-यूक्रेन वाला एंगल भी खौफनाक सामने आया है.

इजरायली फ्लाइट में रूस और यूक्रेन के पायलटों की जंग?

जमीन से 34,000 फीट की ऊंचाई अचानक प्लेन किसी फ्री-फॉल झूले की तरह नीचे की तरफ तेजी से गोता लगाने लगा. कॉकपिट के अंदर से चीखने-चिल्लाने और हाथापाई की आवाजें आएं और क्रू मेंबर्स के चेहरे का रंग उड़ जाए.

शुरुआत में खबर आई कि कॉकपिट में रूस और यूक्रेन के पायलट आपस में भिड़ गए हैं. लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, इस हाईजैक कांड में जो सच निकलकर सामने आया, उसने सभी के होश उड़ा दिए.

जैसे ही ये घटना अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई, दावा किया गया कि फ्लाईदुबई के कॉकपिट में मौजूद दो पायलटों में से एक रूसी मूल का था और दूसरा यूक्रेन का. रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की कड़वाहट की वजह से कॉकपिट में दोनों के बीच कहासुनी हुई और फिर बात खूनी हाथापाई तक पहुंच गई. कहा गया कि एक पायलट ने गुस्से और नफरत में आकर प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की.अगर ऐसा होता तो ये अंतरराष्ट्रीय राजनीति की वजह से विमान हादसे का अपनी तरह का पहला और बेहद डरावना मामला बनता.

ओमानी-UAE पायलट का भी एंगल

इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, कॉकपिट में कोई रूसी या यूक्रेनी पायलट नहीं था. प्लेन के कैप्टन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के नागरिक थे, जबकि उनका को-पायलट ओमान का रहने वाला था.

उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद, जब प्लेन जॉर्डन के हवाई क्षेत्र के ऊपर से गुजर रहा था, तब ओमानी को-पायलट ने अचानक कैप्टन पर हमला कर दिया.

  • प्लेन क्रैश करने की कोशिश: हमले के बाद को-पायलट ने प्लेन का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की और प्लेन की नोज को नीचे की तरफ मोड़ दिया ताकि प्लेन सीधे जमीन से टकराकर क्रैश हो जाए.
  • जान दांव पर लगाकर जंग: गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अमीराती कैप्टन ने हिम्मत नहीं हारी. उसने को-पायलट को रोका और दोनों के बीच कॉकपिट में खूनी संघर्ष शुरू हो गया. इस हाथापाई के दौरान एक पायलट बेहोश भी हो गया.

वो डरावने 2 मिनट: 17,400 फीट नीचे गिरा विमान

कॉकपिट में जब चाकूबाजी और हाथापाई चल रही थी, तब बाहर केबिन में बैठे यात्रियों के लिए वे 2 मिनट किसी काल से कम नहीं थे. फ्लाइट डेटा और सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, प्लेन 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था. अचानक प्लेन ने खतरनाक गोता लगाया और महज 2 मिनट के भीतर 17,400 फीट नीचे आ गया. प्लेन सीधे 16,600 फीट की ऊंचाई पर आ गिरा. यात्रियों ने बताया कि प्लेन इतनी तेजी से नीचे गिरा कि उनके पेट में अजब सी ऐंठन होने लगी और सामान इधर-उधर गिरने लगा. कॉकपिट के पास खड़े यात्रियों को अंदर से तेज चिल्लाने की आवाजें सुनाई दीं.

जब यात्रियों और केबिन क्रू को लगा कि प्लेन क्रैश होने वाला है, तो कुछ साहसी यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने तुरंत कॉकपिट का दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल होने की कोशिश की. यात्रियों की मदद से सनकी को-पायलट को काबू में किया गया और प्लेन को कंट्रोल किया गया.

7700 से 7500: हवा में गूंजा हाईजैक का सिग्नल

कॉकपिट में मचे इस बवाल के दौरान प्लेन से दो डिस्ट्रेस सिग्नल ट्रांसमिट किए गए.

सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन कोड 7700 भेजा गया, जिसका मतलब होता है कि प्लेन में कोई गंभीर तकनीकी या मेडिकल इमरजेंसी है. लेकिन जैसे ही स्थिति बिगड़ी और को-पायलट ने प्लेन का कंट्रोल छीनने की कोशिश की, कोड को बदलकर 7500 कर दिया गया. एविएशन की दुनिया में ‘7500’ कोड का सीधा और साफ मतलब होता है, ‘विमान का अपहरण हो चुका है’.

सऊदी अरब के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को जैसे ही 7500 का सिग्नल मिला, पूरे इलाके में इमरजेंसी घोषित कर दी गई.

सऊदी अरब के तबुक एयरबेस पर इमरजेंसी लैंडिंग

कॉकपिट में हुए इस खूनी ड्रामे और दोनों पायलटों के घायल होने के बाद, प्लेन को तुरंत नजदीकी सेफ लोकेशन की तरफ मोड़ा गया. प्लेन को सऊदी अरब के तबुक शहर में स्थित एक सिविल और मिलिट्री एयरबेस पर सुरक्षित लैंड कराया गया. लैंडिंग के तुरंत बाद सऊदी सुरक्षा बलों ने पूरे प्लेन को घेर लिया.

दोनों पायलटों को तुरंत हिरासत में लिया गया और प्लेन से बाहर निकाला गया. सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी तस्वीरें भी वायरल हुईं जिसमें एक यात्री की टी-शर्ट पर खून के धब्बे साफ नजर आ रहे थे, जो कॉकपिट के अंदर हुए खूनी संघर्ष की गवाही दे रहे थे.

इजरायल में मचा हड़कंप, नेतन्याहू की आपात बैठक

जैसे ही ये खबर तेल अवीव पहुंची कि दुबई से इजरायली नागरिकों को लेकर आ रही फ्लाइट का अपहरण करने की कोशिश की गई है, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुरंत एक आपातकालीन बैठक बुलाई.

फ्लाइट में करीब 180 इजरायली यात्री सवार थे. वर्ष 2020 में यूएई और इजरायल के बीच संबंध सामान्य होने के बाद से दुबई इजरायली पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा वैकेशन स्पॉट बन चुका है. ऐसे में इस हमले ने दोनों देशों के सुरक्षा तंत्र को हिलाकर रख दिया.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर कहा ‘स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. इजरायली यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं’.

क्या ये आतंकी हमला था?

हालांकि शुरुआत में इसे पायलटों की आपसी रंजिश या मानसिक तनाव का मामला माना जा रहा था, लेकिन इजरायली सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि वो इस घटना में ‘आतंकी हमले’ की आशंका को खारिज नहीं कर रहे हैं. सवाल ये उठ रहा है कि क्या ओमानी को-पायलट किसी कट्टरपंथी संगठन से जुड़ा था? क्या उसने जानबूझकर इजरायली यात्रियों से भरे इस विमान को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती कदम उठाया? इन सभी सवालों की जांच अब कई देशों की खुफिया एजेंसियां मिलकर कर रही हैं.



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