‘8 साल, 2 महीने, 28 दिन जेल में रहे…’, 80 की उम्र में रिटायर्ड पोस्टमास्टर की बाकी सजा राज्यपाल ने की माफ

‘8 साल, 2 महीने, 28 दिन जेल में रहे…’, 80 की उम्र में रिटायर्ड पोस्टमास्टर की बाकी सजा राज्यपाल ने की माफ


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Kannauj Latest News: 80 साल की उम्र में कन्नौज के रिटायर्ड पोस्टमास्टर नक्षत्र सहाय दुबे को बड़ी राहत मिली है. हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे नक्षत्र सहाय की जेल में अच्छे व्यवहार को देखते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनकी बची हुई सजा माफ कर दी है. वह 8 साल से ज्यादा समय जेल में बिता चुके हैं.

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रिटायर्ड पोस्टमास्टर नक्षत्र सहाय दुबे की सजा माफ.

कन्नौज: यूपी के कन्नौज जिले के रहने वाले रिटायर्ड पोस्टमास्टर नक्षत्र सहाय दुबे की जिंदगी में लंबे इंतजार के बाद राहत की खबर आई है. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनके जेल में अच्छे व्यवहार और अनुशासन को देखते हुए उनकी बाकी बची उम्रकैद की सजा माफ करने की मंजूरी दे दी है. अब जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उनकी रिहाई हो सकेगी.

नक्षत्र सहाय दुबे छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के कसावा गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने डाक विभाग में पोस्टमास्टर के तौर पर नौकरी की और रिटायर होने के बाद गांव में रह रहे थे. साल 2005 में तालग्राम थाना क्षेत्र के कबीरगंज निवासी मेवाराम यादव ने अपने बेटे हरीराम यादव की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था. इस मामले में नक्षत्र सहाय को भी आरोपी बनाया गया था.

काफी लंबी चली कानूनी प्रक्रिया के बाद 7 जून 2017 को अदालत ने नक्षत्र सहाय को उम्रकैद की सजा सुनाई. इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. जेल में रहते हुए उन्होंने आठ साल, दो महीने और 28 दिन पूरे किए.

जेल में कैसा रहा व्यवहार?
जेल प्रशासन के मुताबिक, इतने लंबे समय के दौरान नक्षत्र सहाय का व्यवहार शांत और अनुशासित रहा. उन्होंने जेल के नियमों का पालन किया और किसी तरह की परेशानी खड़ी नहीं की. जेल में रहते हुए उन्होंने भक्ति से जुड़ी रचनाएं कीं और कई खंड काव्य भी लिखे. उनके अच्छे आचरण की रिपोर्ट जेल प्रशासन की ओर से भेजी गई थी. इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर उनकी बाकी सजा माफ करने की मंजूरी दी गई. राज्यपाल के आदेश के बाद अब दो जमानत और एक निजी बंधपत्र की प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें जेल से बाहर लाया जा सकेगा.

परिवार को है घर लौटने का इंतजार
राज्यपाल के आदेश की जानकारी मिलते ही नक्षत्र सहाय के परिवार में खुशी का माहौल है. उनके भतीजे मृदुल दुबे ने बताया कि जिला प्रशासन की कार्रवाई पूरी होते ही उनके ताऊ को रिहा किया जा सकता है. करीब आठ साल से ज्यादा समय जेल में बिताने के बाद अब परिवार को उनके घर लौटने का इंतजार है. गांव में भी जब यह खबर पहुंची तो लोगों ने राहत की सांस ली.



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