इंडियन आर्मी में पिता को नहीं मिली एंट्री, तो बच्चों ने पूरा किया सपना, एक ही दिन दोनों भाई-बहन बने लेफ्टिनेंट

इंडियन आर्मी में पिता को नहीं मिली एंट्री, तो बच्चों ने पूरा किया सपना, एक ही दिन दोनों भाई-बहन बने लेफ्टिनेंट


Indian Army Success Story: उत्तर प्रदेश के एटा जिले के एक छोटे से गांव में कभी एक पिता ने भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश सेवा करने का सपना देखा था. हालांकि, किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और मेडिकल कारणों से वह सपना अधूरा रह गया. लेकिन सालों बाद उसी सपने को उनके दो बच्चों ने अपनी मेहनत से पूरा कर दिखाया है. मानसी दीक्षित और उनके छोटे भाई प्रियांशु दीक्षित ने एक साथ भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न सिर्फ अपने पिता की आंखों में खुशी के आंसू ला दिए, बल्कि पूरे गांव का सिर भी गर्व से ऊंचा कर दिया. 8 मार्च 2026 को OTA की पासिंग आउट परेड में जब भाई-बहन ने एक साथ कदमताल की, तो यह सिर्फ उनके करियर की शुरुआत नहीं थी, बल्कि पिता के वर्षों पुराने सपने के पूरा होने का भी भावुक पल था.

एक ही गांव से शुरू हुआ दोनों का सफर

मानसी और प्रियांशु एटा जिले के नगला गांव के रहने वाले हैं. दोनों बचपन में एक साथ स्कूल जाते थे. लेकिन आगे की पढ़ाई के दौरान उनके रास्ते अलग हुए. हालांकि, सेना में जाने का सपना दोनों को फिर एक साथ ले आया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों अपने गांव से भारतीय सेना में अफसर बनने वाले पहले व्यक्ति हैं. छोटे से गांव से निकलकर सेना तक पहुंचने की उनकी कहानी आज वहां के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है.

पिता भी करना चाहते थे सेना में नौकरी

मानसी और प्रियांशु के पिता विजेंद्र बहादुर दीक्षित खुद भी सेना में जाना चाहते थे. वह छात्र जीवन में NCC कैडेट रहे थे और भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना उनका सपना था. बता दें उनका सेलेक्शन भी हुआ था, लेकिन मेडिकल कारणों से वह सेना में शामिल नहीं हो सके. हालांकि, उन्होंने अपने अधूरे सपने को कभी बच्चों पर नहीं थोपा. उन्होंने दोनों को अच्छी शिक्षा दिलाने और उनके सपनों को पूरा करने में पूरा साथ दिया.

सुबह 4 बजे उठकर बच्चों की तैयारी में जुटे पिता

बच्चों की पढ़ाई और तैयारी के लिए पिता ने हर संभव मदद की. रिपोर्ट्स के अनुसार, वह बच्चों की कोचिंग और दूसरी जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करते रहे. कई बार बच्चों को सुबह 4 बजे उठकर कोचिंग के लिए जाना पड़ता था. मानसी और प्रियांशु ने भी इस मेहनत को बेकार नहीं जाने दिया और अपने लक्ष्य पर लगातार काम करते रहे.

भाई ने बहन को भी सेना के लिए किया प्रेरित

मानसी दिल्ली यूनिवर्सिटी से LLB की पढ़ाई कर चुकी हैं, जबकि प्रियांशु ने Math में BSc की डिग्री हासिल की है. मानसी के मुताबिक, आर्म्ड फोर्सेज में जाने के लिए उन्हें उनके भाई प्रियांशु ने प्रेरित किया था. उन्होंने SSB की तैयारी करने के लिए भी कहा. मानसी को एकेडमी के लिए 5 बार रिकमेंड किया गया था. आखिरकार वह अपने भाई के साथ ट्रेनिंग का हिस्सा बनीं और दोनों ने ट्रेनिंग के दौरान एक-दूसरे का साथ दिया और एक-दूसरे का ख्याल भी रखा.

एक को आर्मी एविएशन, दूसरे को मिली सिख रेजिमेंट

8 मार्च 2026 को OTA की पासिंग आउट परेड में दोनों भाई-बहन ने एक साथ भारतीय सेना में अफसर के तौर पर कमीशन हासिल किया. मानसी को आर्मी एविएशन रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट बनाया गया, जबकि प्रियांशु को सिख रेजिमेंट की इन्फेंट्री में लेफ्टिनेंट के तौर पर नियुक्ति मिली. बच्चों को सेना की वर्दी में देखकर उनके पिता का बरसों पुराना सपना भी पूरा हो गया. यह पल पूरे परिवार और उनके गांव के लिए गर्व का मौका बन गया.



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