What Is Kelvin Wave : समंदर के नीचे अचानक जलने लगी भट्टी, उबलते पानी से निकला पाताल का ‘राक्षस’, इन इलाकों में मचाएगा तबाही

What Is Kelvin Wave : समंदर के नीचे अचानक जलने लगी भट्टी, उबलते पानी से निकला पाताल का ‘राक्षस’, इन इलाकों में मचाएगा तबाही


प्रशांत महासागर की अगाध गहराइयों में मानो अचानक कोई खौफनाक भट्टी जल उठी हो, जिसकी तपिश से उबलते पानी का एक अदृश्य और भयानक ‘दानव’ बाहर निकल आया है. हजारों फीट नीचे जागा ये प्राकृतिक राक्षस और कोई नहीं, बल्कि प्रशांत महासागर की गहराइयों में खामोशी से दौड़ रही ‘केल्विन वोव’ है. ये कोई आम लहर नहीं जो तटों पर आकर थम जाए, बल्कि अल नीनो के उबलते पानी का ऐसा प्रचंड सैलाब है जो कई इलाकों को तबाह करने आ रही हैं. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि समंदर के भीतर उबलती इस आफत की वजह से कोस्टल इलाकों में जलस्तर अचानक बढ़ने, भयंकर तूफानों और बस्तियों को डुबो देने वाली बाढ़ का साया मंडराने लगा है.

क्या है समंदर में उठी Kelvin Wave?

जिस खौफनाक आफत की बात हो रही है, वो प्रशांत महासागर की गहराइयों में आकार ले चुकी है और अब अमेरिका के पश्चिमी तट यानी कैलिफोर्निया की तरफ तेज़ी से बढ़ रही है. विज्ञान की भाषा में इस अनदेखे राक्षस को ‘केल्विन वोव’ (Kelvin Wave) कहा जाता है. ये कोई ऐसी आम लहर नहीं है जो समुद्र किनारे आकर उठती है और तट से टकराकर शांत हो जाती है. ये तो समंदर के पेट में बहने वाला गर्म पानी का वो बवंडर है, जिसका सीधा नाता खौफनाक ‘अल नीनो’ (El Niño) से है. इस लहर के कारण समुद्र का जलस्तर अचानक कई फीट ऊपर उठने वाला है, जिससे कैलिफोर्निया के कई तटीय इलाकों में भयंकर बाढ़, जमीन का कटाव और जानलेवा तूफानों का संकट गहरा गया है. हालात की गंभीरता को देखते हुए कैलिफोर्निया सरकार के हाथ-पांव फूल गए हैं और वहां के गवर्नर ने अभी से पूरे राज्य में इमरजेंसी लागू करके सेना को अलर्ट पर रख दिया है.

कैसे तबाही मचाती है कैल्विन वेव?

आम तौर पर जब हम ‘लहर’ शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में समुद्र किनारे उठने वाली पानी की ऊंची-ऊंची दीवारें आती हैं, जिन्हें देखकर लोग डर जाते हैं. लेकिन केल्विन वोव समंदर की सतह पर दिखाई ही नहीं देती. ये पानी के नीचे सैकड़ों-हजारों फीट की गहराई में एकदम खामोशी से आगे बढ़ती है.

मौसम वैज्ञानिक ब्लेक मैथ्यूज ने इस अजीब पहेली को एक बेहद आसान उदाहरण से समझाया है. वो कहते हैं, ‘आप इसे अपने घर के बाथटब में भरे पानी की तरह समझ सकते हैं. कल्पना कीजिए कि आपने बाथटब के एक कोने पर एक बड़ा सा तेज पंखा चला दिया. पंखे की हवा पानी को धकेलकर बाथटब के दूसरे कोने पर जमा कर देगी. लेकिन जैसे ही आप पंखा बंद करेंगे, वो सारा जमा पानी बड़ी तेजी से बहता हुआ वापस अपनी पुरानी जगह की तरफ लौटने लगेगा’. प्रशांत महासागर में ठीक यही खेल चल रहा है.

  • हवाओं की सुस्ती: भूमध्य रेखा के आसपास साल भर बहने वाली ‘ट्रेड विंड्स’ उस पंखे की तरह काम करती हैं, जो गर्म पानी को धकेलकर एक तरफ रोके रखती हैं.
  • पानी का उल्टा बहाव: जैसे ही ये हवाएं कमजोर पड़ती हैं, वैसे ही पश्चिम में जमा हुआ गर्म पानी का विशाल भंडार उल्टी दिशा में यानी अमेरिका के तटीय इलाकों की तरफ तेजी से बहने लगता है.
  • ग्रहों के बराबर आकार: गर्म पानी के इसी खौफनाक बहाव को ‘केल्विन वोव’ कहा जाता है. इसका आकार इतना विशाल होता है कि वैज्ञानिक इसे ‘प्लेनेटरी वोव’ यानी ग्रहों के स्तर की महा-लहर कहते हैं, जो हजारों मील लंबा सफर तय करके पूरे महासागर को लांघ जाती है.

 आम लहरों से ये ‘दैत्य’ कैसे अलग है?

समुद्र किनारे टहलते वक्त जो लहरें हमारे पैरों को छूती हैं, वो स्थानीय हवाओं के थपेड़ों से बनती हैं और किनारे से टकराते ही उनका दम निकल जाता है. लेकिन केल्विन वोव का मिजाज और रूप-रंग बिल्कुल अलग होता है.

साउथवोस्ट फिशरीज साइंस सेंटर के रिसर्च ओशनोग्राफर माइक जैकॉक्स बताते हैं, ‘जब ये केल्विन वोव प्रशांत महासागर के पेट से होती हुई मध्य और दक्षिण अमेरिका के तटों के पास पहुंचती है, तो इसकी विनाशकारी एनर्जी उत्तर दिशा की ओर मुड़ जाती है. इसके बाद ये समुद्री तट के किनारे-किनारे किसी शिकारी की तरह आगे बढ़ने लगती है. नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) का कहना है कि ये लहर अल नीनो के असर और भयानक गर्मी को कोस्टल इलाकों से खींचकर सीधे कैलिफोर्निया और पैसिफिक नॉर्थवोस्ट के तटीय इलाकों तक ले आती है.

आखिर क्यों इस ‘पातालीय राक्षस’ से खौफ में हैं वैज्ञानिक?

जब ये लहर समंदर के पेट में छिपी है और ऊपर दिखाई भी नहीं देती, तो फिर वैज्ञानिकों के चेहरे पर हवाइयां क्यों उड़ी हुई हैं? दरअसल, इस अनदेखे खतरे के पीछे तीन बहुत बड़े और डरावने कारण हैं.

  1. थर्मोकलाइन की तबाही: समुद्र के पानी में कुदरती तौर पर अलग-अलग परतें होती हैं, ऊपर का पानी हल्का गर्म और गहरा पानी बेहद ठंडा होता है. जिस जगह पर तापमान अचानक गिरता है, उसे वैज्ञानिक भाषा में ‘थर्मोकलाइन’ कहते हैं. केल्विन वोव इस ठंडी परत को नीचे धकेल देती है, जिससे पूरे समुद्र की ऊपरी परत का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है.
  2. जलस्तर में अचानक उछाल: हम सब जानते हैं कि गर्म होने पर पानी फैलता है. जब समुद्र की ऊपरी परत का पानी उबलने जैसा गर्म होता है, तो कैलिफोर्निया के पूरे समुद्री तट का जलस्तर अचानक कई फीट ऊपर उठ जाता है.
  3. हाई टाइड और तूफानों का डबल अटैक: हालांकि जलस्तर का ये उछाल कुछ समय के लिए होता है, लेकिन यही सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होता है. जब सर्दियों के मौसम में हाई टाइड आएगी, तो ये बढ़ा हुआ पानी तूफानी लहरों के साथ मिलकर समंदर की दीवारें तोड़ देगा और तटीय बस्तियों व शहरों में घुस जाएगा. इससे बड़े पैमाने पर जमीनों का कटाव होगा और हजारों घर पानी में डूब जाएंगे.

वैज्ञानिकों की मानें तो इस तबाही की पहली मार बाहा कैलिफोर्निया और दक्षिणी कैलिफोर्निया के समुद्री इलाकों पर पड़ेगी. इसके बाद ये लहर उत्तर की तरफ अपना दायरा बढ़ाते हुए उत्तरी कैलिफोर्निया, ओरेगन और वाशिंगटन राज्यों के तटीय इलाकों को अपनी चपेट में ले लेगी.



Source link