Nepal Floods: नेपाल में कुदरत के कहर ने ली 27 की जान, सैलाब ने डुबाया, फट गई जमीन

Nepal Floods: नेपाल में कुदरत के कहर ने ली 27 की जान, सैलाब ने डुबाया, फट गई जमीन


Last Updated:

Nepal Floods: पड़ोसी देश नेपाल पर मानो कुदरत गुस्साई बैठी है. पहले तो यहां ग्लेशियर टूटने के बाद तबाही मची और अब बाढ़, भूस्खलन और हिमस्खलन ने फिर से 27 लोगों की जान ले ली है. 5 दिनों के अंदर मौसम से जुड़ी हुई सैकड़ों घटनाएं हुईं, जिसने यहां के लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

नेपाल में बाढ़ ने किया बेहाल.

काठमांडू: नेपाल में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है. 24 से 28 सितंबर के बीच बाढ़, भूस्खलन, जलभराव, तेज हवाओं और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हुए हैं. चार लोगों के अब भी लापता होने की खबर है. नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इन पांच दिनों में मौसम से जुड़ी 513 घटनाएं सामने आईं.

मौसम से जुड़ी हुई इन घटनाओं से करीब 1,065 परिवार प्रभावित हुए हैं. प्राकृतिक आपदाओं में 225 घर पूरी तरह और 137 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए. इसके अलावा 27 पशुशालाओं और 114 मवेशियों को भी नुकसान पहुंचा है. बाढ़ और भूस्खलन की वजह से देशभर में हाईवे और प्रमुख सड़कों को 147 स्थानों पर नुकसान पहुंचा. सरकार के मुताबिक इनमें से 125 जगहों पर मरम्मत का काम पूरा कर सड़कें फिर से खोल दी गई हैं.

बिजली आपूर्ति पर भी असर

पश्चिमी नेपाल के बेनी-जोमसोम, पाल्पा, बाग्लुंग और नवलपरासी जिलों में भी स्थिति गंभीर है. भूस्खलन और सड़क धंसने के कारण कालीगंडकी कॉरिडोर पर यातायात प्रभावित हुआ है. कुछ स्थानों पर पुलों तक पहुंचने वाली सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं. अधिकारियों का कहना है कि पूरी सड़क व्यवस्था सामान्य होने में तीन दिन से अधिक समय लग सकता है. प्राकृतिक आपदाओं का असर नेपाल की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है. कालीगंडकी, मार्स्यांगडी और सेती-माडी नदी क्षेत्रों में राष्ट्रीय ट्रांसमिशन लाइन के जरिए होने वाली करीब 1,013 मेगावाट बिजली की आपूर्ति बाधित हुई है.

सर्दियों में भारत से बिजली लेगा नेपाल

इससे पहले 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में करीब एक दर्जन पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा था. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उस बाढ़ में 1,400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और करीब 5,000 लोग लापता हुए थे. नेपाल में सर्दियों के दौरान बिजली उत्पादन में बड़ी गिरावट आने की आशंका है. खासकर रन-ऑफ-द-रिवर परियोजनाओं में पानी कम होने से उत्पादन घट जाता है. नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के अनुसार, जनवरी के बाद देश में बिजली उत्पादन करीब 1,218 मेगावाट रह सकता है, जबकि मांग लगभग 2,293 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है. इस कमी को पूरा करने के लिए नेपाल आने वाले सूखे मौसम में भारत से करीब 1,155 मेगावाट बिजली आयात करने की योजना बना रहा है.



Source link