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Jodhpur Women’s Skill Development: जोधपुर के बनाड़ क्षेत्र स्थित सासियों की ढाणी गुजरावास में महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा के साथ कौशल और रोजगार से जोड़ने की पहल शुरू की गई है. यहां नए सिलाई केंद्र का शुभारंभ किया गया, जहां बालिकाओं को निःशुल्क सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके साथ ही व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों की जानकारी भी दी जाएगी. प्रशिक्षण में रिज्यूमे तैयार करने, अपनी योग्यता को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने और रोजगार के लिए खुद को तैयार करने जैसे विषय शामिल होंगे. समाजसेवी अजय सिंह सासी ने बालिकाओं से शिक्षा के साथ कौशल विकास पर ध्यान देने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया. केंद्र का संचालन समाजसेविका सचिन साहवत और माधुरी करेंगी. आने वाले समय में महिलाओं और बालिकाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा.
जोधपुर. महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा के साथ रोजगार से जोड़ने की दिशा में अब बनाड़ क्षेत्र की सासियों की ढाणी गुजरावास में नई पहल शुरू हुई है. यहां बालिका शिक्षा और महिला कौशल विकास को एक साथ आगे बढ़ाते हुए नियमित कौशल गतिविधियों की शुरुआत की गई है. सिलाई सहित अन्य हुनर सीखने के लिए महिलाएं और बालिकाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं. उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों और महिलाओं को ऐसा हुनर मिले, जिसके जरिए वे अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार और समाज के विकास में भागीदारी निभा सके. इसी क्रम में यहां सिलाई केंद्र का शुभारंभ किया गया है, जहां बालिकाओं को निःशुल्क सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा.
समाजसेवी अजय सिंह सासी ने बताया कि बालिकाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ उठाने, शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी समाज का विकास केवल सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिक्षा और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी समान प्राथमिकता मिलनी चाहिए. जब बेटियों को शिक्षा के साथ कोई उपयोगी कौशल मिलता है, तो उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलते हैं.
सिलाई के साथ पर्सनालिटी डेवलपमेंट का मिलेगा प्रशिक्षण
गुजरावास में शुरू किए गए सिलाई केंद्र का संचालन समाजसेविका सचिन साहवत और माधुरी द्वारा किया जाएगा. यहां बालिकाओं को निःशुल्क सिलाई सिखाने के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी. इसमें रिज्यूमे तैयार करना, अपनी योग्यता को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना और रोजगार के अवसरों के लिए खुद को तैयार करने जैसे विषय शामिल होंगे. इस पहल का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि बालिकाओं के आत्मविश्वास और रोजगार क्षमता को बढ़ाना भी है.
सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की पहल
आने वाले समय में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें. यह कौशल विकास पहल व्यापक स्तर पर संचालित अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हुनर को बढ़ावा दिया जा रहा है. भारत युवाओं और ग्रामीण आबादी का देश है और जब ग्रामीण क्षेत्र कौशलयुक्त होगा, तो परिवार से लेकर समाज तक विकास की गति बढ़ेगी. गुजरावास में शुरू हुआ यह सिलाई केंद्र इसी सोच के साथ महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में एक कदम है.