35 की उम्र के बाद और खूंखार हुए विराट कोहली, 27 पारियों में ठोक डाले 7 ODI शतक
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Vitrat Kohli records: कई क्रिकेटर्स अपने करियर में 55 मैच नहीं खेल पाते, ऐसे में 55 वनडे शतक किसी सामान्य बल्लेबाज के बस की बात नहीं. वर्ल्ड क्रिकेट में ऐसे कितने खिलाड़ी आए, जिनकी तुलना ‘क्रिकेट के भगवान’ सचिन तेंदुलकर से होती होगी. 37 की उम्र में भी विराट कोहली जिस बेताबी से रन बना रहे हैं, लगता है कि 2027 का वर्ल्ड कप जीतकर ही मानेंगे.
विराट कोहली का 35 की उम्र के बाद धमाकेदार प्रदर्शन
नई दिल्ली: चाहे क्रिकेट हो या फिर कोई दूसरा स्पोर्ट्स. उम्र बढ़ने के साथ खिलाड़ी के खेल में भी गिरावट आती है, लेकिन वो ‘महामानव’ ही होते होंगे, जो एज बढ़ने के साथ-साथ अपने रन और रिकॉर्ड्स भी बढ़ाते हैं. विराट कोहली उन्हीं में से एक हैं. 37 साल के हो चुके विराट कोहली अंग्रेजी कहावत एजिंग लाइक अ फाइन वाइन (Aging like a fine wine!!) को चरितार्थ कर रहे हैं.
35 साल के बाद विराट ने ठोके सात शतक
37 साल के हो चुके इस दिग्गज बल्लेबाज के नाम दो दिन पहले ही 55वां वनडे शतक बनाया. सबसे तेज 15 हजार बनाकर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. जब ‘चीकू’ के रिकॉर्ड पर करीबी नजर डाली गई तो पता लगा कि 35 साल के होने के बाद तो वह और ‘खूंखार’ हो गए. रनों की भूख और तेज हो गई. वह गेंदबाजो पर अब पहले से ज्यादा कहर बनकर टूटते हैं. 35 साल के होने के बाद विराट कोहली ने जो 27 वनडे पारियां खेली हैं, उनमें 70.68 की अद्भुत औसत के साथ 1555 रन बनाए. 100.51 का जबरदस्त स्ट्राइक रेट रहा. सात-सात शतक बनाए और नौ अर्धशतक भी जड़े.
सचिन का रिकॉर्ड तोड़ना कोई मामूली बात नहीं
वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 सितंबर की शाम विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर से तेज 15 हजार वनडे रन बना दिए. विराट ने सचिन से 74 कम पारियां ली. तेंदुलकर ने 15000 रन बनाने के लिए 17528 गेंदों का जबकि कोहली ने 15950 गेंदों का सामना किया. वनडे में कोहली के शतकों की संख्या 55 है और अभी इसमें और इजाफा होना है, जबकि तेंदुलकर के रनों की संख्या 18,426 है. कोहली के नाम 15080 रन हैं हालांकि जिस तरह वनडे मैच कम हो रहे हैं, विराट का सचिन को पछाड़ना लगभग असंभव है.
क्या सचिन से बड़े प्लेयर हैं विराट कोहली?
तो क्या ये मान लिया जाए कि कोहली वनडे में तेंदुलकर से बड़े खिलाड़ी हैं. कुछ मामलों में इसका जवाब हां हो सकता है, लेकिन ऐसी तुलना कभी भी जायज नहीं ठहराई जा सकती है. दोनों ही अपने-अपने दौर के बेस्ट बल्लेबाज रहे हैं और इसलिए केवल रिकॉर्ड्स के आधार पर उनकी तुलना नहीं की जा सकती क्योंकि दोनों के सामने अलग-अलग चैलेंज थे.