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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अनिवार्य EPF कवरेज के लिए वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया है. यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से लागू हो चुका है. नया नियम लागू होने के बाद एक कर्मचारी की सैलरी से किस मद में कितना पैसा जाएगा, आइये जानते हैं..
महीने के पहले 16 दिन यानी 1 से 16 सितंबर तक पुराना ₹15,000 वाला नियम मान्य रहेगा.
नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अनिवार्य ईपीएफ कवरेज की वेतन सीमा को ₹15,000 से सीधे बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया है. यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से लागू भी हो चुका है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि महीने के बीच में लागू हुए इस नियम के बाद आपकी इन-हैंड सैलरी कितनी आएगी और पीएफ, पेंशन (EPS) व इंश्योरेंस (EDLI) में कितना पैसा कटेगा? कर्मचारियों की इसी उलझन को दूर करने के लिए ईपीएफओ (EPFO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सितंबर महीने की सैलरी का पूरा कैलकुलेशन साझा किया है.
सितंबर का महीना एक ट्रांजिशन वाला दौर है. महीने के पहले 16 दिन यानी 1 से 16 सितंबर तक पुराना ₹15,000 वाला नियम मान्य रहेगा, जबकि 17 से 30 सितंबर तक के बाकी 14 दिनों पर नई ₹25,000 की लिमिट लागू होगी. अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹20,000 है, तो उसकी जेब और पीएफ खाते पर क्या फर्क पड़ेगा, इसे EPFO ने तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर समझाया है.
सिनारियो A : जो कर्मचारी 17 सितंबर से पहली बार EPF के दायरे में आए
यह स्थिति उन कर्मचारियों के लिए है जिनकी सैलरी ₹20,000 थी और वे ₹15,000 की पुरानी सीमा की वजह से अनिवार्य पीएफ से बाहर थे. अब 17 सितंबर से वे नए सदस्य बन गए हैं. ऐसे कर्मचारियों के लिए 1 से 16 सितंबर के दौरान कोई पीएफ नहीं कटेगा. 17 से 30 सितंबर (14 दिन) के लिए उनका अनुपातिक वेतन ₹9,333.33 आंका जाएगा.