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Neemuch News: मध्य प्रदेश के नीमच जिले के मनासा क्षेत्र स्थित दातोली गांव में सोमवार को एक ही परिवार के 8 बच्चे बीमार हो गए. बच्चों ने जहरीले बीजों को बादाम समझकर खा लिया था. गंभीर स्थिति में 4 बच्चों को नीमच जिला अस्पताल के PICU में भर्ती कराया गया है.
नीमच में बच्चे जहरीले बीच खाने से बीमार.
Neemuch News: नीमच से बच्चों की सेहत से जुड़ी एक चिंताजनक खबर सामने आई है. जिले के मनासा क्षेत्र स्थित चंदा मोती दातोली गांव में सोमवार दोपहर को एक हादसा हो गया. यहां खेल-खेल में पेड़ पर उगे जहरीले बीज खाने से 8 बच्चे बीमार हो गए. बीमार पड़े सभी बच्चे एक ही परिवार के हैं.
बादाम समझकर खा लिए जहरीले बीज
घटना सोमवार दोपहर की है. बच्चे घर के पास खेत किनारे खेल रहे थे. इसी दौरान उनकी नजर रतनजोत के पेड़ पर लगे बीजों पर पड़ी. बच्चों ने इन बीजों को बादाम समझकर खा लिया. कुछ बच्चों ने 1 से 2 बीज खाए तो कुछ बच्चों ने 4 से 5 बीज तक निगल लिए.
पेट दर्द और उल्टी-दस्त के बाद मची अफरा-तफरी
जहरीले बीज खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. उन्हें तेज पेट दर्द, उल्टी और दस्त होने शुरू हो गए. बच्चों को तड़पता देख परिजन तुरंत रतनजोत के बीज लेकर उन्हें मनासा के शासकीय अस्पताल पहुंचे. वहां प्राथमिक उपचार दिया गया. इसके बाद शाम करीब 6 बजे सभी बच्चों को नीमच जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया.
2 से 12 साल बच्चों की उम्र
अस्पताल के अनुसार, बीमार बच्चों की उम्र 2 से 12 वर्ष के बीच है. जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया. डिहाइड्रेशन के कारण 4 बच्चों की हालत गंभीर पाई गई, जिसके बाद उन्हें पीआईसीयू (PICU) में भर्ती कराया गया. बाकी 4 बच्चों का इलाज जनरल वार्ड में चल रहा है.
डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में बच्चे
जिला चिकित्सालय नीमच के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश धाकड़ ने बताया कि रतनजोत के बीजों में विषैले तत्व होते हैं. इन्हें खाने से पॉइजनिंग होती है, जिससे उल्टी, दस्त और पानी की कमी जैसी समस्या हो सकती है. उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी बच्चों के वाइटल्स स्थिर हैं. डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है.
वहीं, बीमार बच्चों के परिजनों ने बताया कि बच्चे खेत किनारे खेलते समय इस हादसे का शिकार हुए. डॉ. धाकड़ ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे विषैले पेड़-पौधों को बच्चों की पहुंच से दूर रखने या उन्हें तुरंत उखाड़ फेंकने की सलाह दी है.