कानपुर: दवा कारोबारी विनीत मीनोचा हत्याकांड मामले में अदालत से शालू मीनोचा को बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट के आदेश के बाद शालू मीनोचा को जेल से रिहा कर दिया गया है. अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि शालू के खिलाफ हत्या की साजिश में शामिल होने का कोई स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं है. इसके बाद अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा समाप्त करते हुए ₹50,000 के व्यक्तिगत मुचलके पर तत्काल रिहाई के निर्देश दिए.
कोर्ट के फैसले के मुख्य बिंदु:
* न्यायिक अभिरक्षा खत्म: किसी अन्य मामले में वांछित न होने की शर्त पर कोर्ट ने दिया तत्काल रिहाई का आदेश.
* शर्तों के साथ राहत: जब भी अदालत या विवेचक (जांच अधिकारी) तलब करेंगे, शालू को पेश होना अनिवार्य होगा.
* जेल से बाहर आईं शालू: रिहाई के समय शालू के अधिवक्ता और उनके भाई जेल के बाहर मौजूद रहे.
* भाई का बयान: रिहाई के बाद शालू के भाई ने कानपुर पुलिस और अपने अधिवक्ता का आभार व्यक्त किया.
क्या बोले शालू मिनोचा के भाई
शालू मिनोचा के वकील शिवाकांत दीक्षित ने कहा कि जब कोई निर्दोष छूटता है तो हमेशा एक बड़ी खुशी की बात होती है. सालू मिनोचा के लिए हम लोगों ने पहले दिन से कहा था कि ये निर्दोष है और पुलिस इसके साथ न्याय करेगी. मैं कानपुर पुलिस को इस बात के लिए बधाई भी देता हूं. एप्रिशिएट भी करता हूं कि उन्होंने सच को सामने लाया और एक निर्दोष की रिहाई हुई. शालू इसमें नहीं शामिल है, इतना कंफर्म था. बाकी पुलिस बताएगी. सालू 7 तारीख को जेल गई थी और आज 28 तारीख है, तो 21वां दिन है आज. परिवार वाले खुश हैं. छूट रही है, निर्दोष है. एक जो कलंक था, जो लोग शुरू में आगे नहीं आ रहे थे, अब लोग उसको एप्रिशिएट कर रहे हैं, कह रहे हैं. तो एक अच्छी बात है, अच्छी खबर है.
दिल का टुकड़ा बाहर आ रहा है- शालू मिनोचा का भाई
वहीं शालू मिनोचा के भाई धीरज ने कहा कि बहुत अच्छा सा फील हो रहा है. दिल को थोड़ा सा सुकून मिला कि दिल का टुकड़ा बाहर वापस आ रहा है, जो इतने दिन से अंदर था और बहुत खुशी हो रही है. धन्यवाद सभी को और हमारे वकील साहब का तहे दिल से धन्यवाद. उन्होंने पूरी दिल-ज़ोर कोशिश कर दी कि सच सामने आए और वही हुआ. हमारी बहन निर्दोष है, वो कुछ नहीं कर सकती है. एक उम्मीद थी, वो खरी उतरी. पुलिस ने विवेचना बहुत अच्छी तरीके से की. इन्वेस्टिगेशन बहुत अच्छा हुआ, बहुत संतुष्ट हैं उस चीज से।पुलिस प्रशासन के द्वारा चीजें सामने आई हैं. कष्ट हुआ जानकर, बट ठीक है, विवेचना अच्छी हुई और स्पष्ट किया गया. जब CP साहब के साथ मीटिंग हुई तो हम लोग बहुत शॉक्ड थे कि ऐसा सब कुछ था.