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गयाजी में पिंडदान करने का महत्व है. इसे पितरों की मुक्ति और मोक्ष का द्वार माना जाता है. यही वजह है कि पितृ पक्ष में यहां देश-दुनिया के लोग पहुंचते हैं. मान्यता है कि गया के विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के चरण-चिह्न मौजूद हैं. यहां पिंड अर्पित करने से मोक्ष मिलता है. इस बीच एक चर्चित हस्ती स्मिता ठाकरे भी पहुंची. स्मिता ठाकरे बालासाहेब ठाकरे की बहू हैं.
गया: मोक्ष की भूमि गया में पितृपक्ष के पावन अवसर पर देश-दुनिया से तमाम लोग पहुंच रहे हैं. इस बीच शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की बहु स्मिता ठाकरे भी अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंड दान करने गया पहुंची. पूजा-अर्चना के दौरान वह काफी भावुक नजर आईं. उनकी आंखें नम हो गईं. मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने सनातन धर्म और हिंदू राष्ट्र को लेकर भी अपना विचार साझा किया. उन्होंने गया के विष्णुपद स्थित शांकराचार्य पार्क मे पिंडदान किया. पत्रकारों से बातचीत में स्मिता ठाकरे ने बताया कि यहां वह अपने परम पूज्य ससुर बालासाहब ठाकरे, अपने पिताजी मधुकर चित्रे और अपनी सासू मां की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करने आई हैं.
उन्होंने कहा कि आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि महिलाएं पिंडदान नहीं करती हैं. जब हमने सीता मैया की कथा सुनी तो हमें बहुत बड़ा संबल और प्रेरणा मिली. हमने तय किया कि हम भी अपने पितरों और पूर्वजों का तर्पण करेंगे. हमें खुशी है कि आज हमने अपने हाथों से यह पूजा-अर्चना संपन्न की.
गया की धरती को किया नमन
स्मिता ठाकरे ने गया की पवित्र भूमि और वहां की संस्कृति की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि बिहार की इस पावन धरती पर आने का सौभाग्य उन्हें मिला, इसके लिए वे बेहद आभारी हैं. उन्होंने स्थानीय प्रशासन, पंडा समाज और लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि महाराष्ट्र से भी कई लोग गया आते हैं. दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक और आत्मिक संबंध बेहद मजबूत हैं.
’हम राजनीति में नहीं, समाज सेवा में हैं’
महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीति पर पूछे गए सवाल को टालते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि ”हम कभी सीधी राजनीति में नहीं रहे हैं. हमने हमेशा समाज सेवा की है. बालासाहेब ठाकरे ने हमें हमेशा एक ही मंत्र दिया था- अपना काम ईमानदारी से करते रहो. समाज के हर वर्ग तक पहुंचो और उनका भला करो. हम वही कार्य आगे बढ़ा रहे हैं.”
हिंदुत्व के मुद्दे पर बात करते हुए स्मिता ठाकरे ने कहा कि सनातन धर्म बालासाहेब ठाकरे की रगों में दौड़ता था. उन्होंने हमेशा हमें सिखाया कि गर्व से कहो हम हिंदू हैं. हम उसी हिंदुत्व और सनातन परंपरा का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. आज की नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सनातन धर्म का महत्व समझना बहुत जरूरी है.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का समर्थन
बातचीत के अंत में स्मिता ठाकरे ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जिस तरह से हिंदुत्व, सनातन धर्म और राष्ट्र सेवा को आगे बढ़ा रहे हैं, वह सराहनीय है. वे सनातन का महत्व पूरी दुनिया और नई पीढ़ी को समझा रहे हैं. वे भी उनके इस विचार और कदम के साथ मजबूती से खड़ी हैं.