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दिव्या खोसला ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा पोस्ट शेयर कर गोविंदा-सुनीता विवाद पर खुलकर बात की. उन्होंने भारतीय समाज में महिलाओं की बदलती स्थिति और उनके अधिकारों का जिक्र किया. इसके बाद उन्होंने गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते का हवाला देते हुए सुनीता के त्याग और परिवार के लिए किए गए योगदान को सामने रखा. दिव्या ने अपने पोस्ट में गोविंदा के रवैये पर भी सवाल उठाए. उन्होंने साफ-साफ कहा कि जो दिख रहा है वो पॉलीगेमी को बढ़ावा देने जैसा ही है.
दिव्या खोसला कुमार के पोस्ट को सुनीत ने री-शेयर किया है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच जारी वैवाहिक विवाद अब एक नया और गंभीर मोड़ ले चुका है. चीची के अपनी को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ कथित अफेयर को लेकर काफी टाइम से चर्चाएं हैं. अब एक्ट्रेस और डायरेक्टर दिव्या खोसला कुमार ने सुनीता आहूजा का खुलकर समर्थन किया है. दिव्या ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक लंबा-चौड़ा और बेहद तीखा नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने गोविंदा के रवैये की कड़ी आलोचना की. बाद में सुनीता आहूजा ने भी दिव्या के इस नोट को अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर री-शेयर कर अपनी सहमति जताई है.
अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट शेयर किया है. इस पोस्ट में दिव्या खोसला ने भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों पर बात की है.
‘पॉलीगेमी को बढ़ावा देना बेहद शर्मनाक है’
उन्होंने लिखा कि हमारी पूर्वज महिलाओं ने अपनी बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सालों संघर्ष किया ताकि वे किसी पुरुष की गुलाम न बनी रहें. लेकिन, अभी सोशल मीडिया पर जिस तरह का ड्रामा देखने को मिल रहा है, वह समाज को पीछे धकेल रहा है. दिव्या ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर अपने कथित अफेयर का सरेआम प्रदर्शन करना और पॉलीगेमी (बहु-विवाह) की संस्कृति को बढ़ावा देना बेहद शर्मनाक है.
सुनीत के कारण सफल हुए गोविंदा
दिव्या ने आगे गोविंदा का जिक्र किया. उन्होंने आगे लिखा- गोविंदा जी एक बहुत सीनियर और सम्मानित एक्टर हैं. 90 के दशक में बड़े होते हुए हमने उनकी फिल्में देखीं, जो हमारे लिए मनोरंजन का जरिया था. सच तो यह है कि गोविंदा जी, आप मेरी मां के पसंदीदा एक्टर थे और जाहिर है कि कई और लोगों के भी पसंदीदा थे. सुनीता जी ने एक महिला के तौर पर अपना सब कुछ दिया. वह एक पत्नी के तौर पर वफादार रहीं और आपके बच्चों की परवरिश की. उन्होंने कभी अपना करियर बनाने का नहीं सोचा. एक महिला और क्या कर सकती है? आपकी कामयाबी के पीछे उन्हीं का हाथ था. आप बाहर तो सफल हुए, लेकिन इसका श्रेय सिर्फ आपको नहीं जाता. क्या आपको कभी घर पर बच्चों की जिम्मेदारी नहीं उठानी पड़ी?’
कोई इस मामले पर दखल नहीं देना चाहता तो फिर…
सुनीता आहूजा का सपोर्ट करते हुए दिव्या ने अपने पोस्ट में लिखा- ‘आज एक महिला हमारे पूरे समाज के सामने मदद की गुहार लगा रही है और हम सब चुप बैठे हैं. कोई भी इस मामले में दखल नहीं देना चाहता तो फिर एक दर्शक के तौर पर ये सब क्यों देखा जाए? गोविंदा जी का अपनी गर्लफ्रेंड्स के साथ आए दिन सामने आना क्यों हो रहा है? मुझे ये सब देखकर बहुत बुरा लग रहा है, खासकर तब जब कई तरीकों से पॉलीगैमी को बढ़ावा दिया जा रहा है और उसे छिपाया जा रहा है. हम आने वाली पीढ़ी को क्या प्रेरणा दे रहे हैं? कि एक समाज के तौर पर हम वापस पॉलीगैमी वाले समाज में बदल जाएं?’
‘गोविंदा जी मेरी नजर में आपने अपनी इज्जत खो दी है’
दिव्या अपने पोस्ट में आगे लिखती हैं- ‘अगर आपका कोई अफेयर चल भी रहा है तो कृपया करके उसे इस तरह सबके सामने जाहिर न करें. अपने अफेयर को दिखाने के लिए धार्मिक जगहों का इस्तेमाल करना, हमारे लिए बहुत घिनौना है. और हां, अपनी ही पत्नी को कातिल ठहराने की साजिश किसी कमजोर और बुजदिल मर्द की की ही हरकत हो सकती है. हो सकता है कि सुनीता जी कॉन्वेंट में पढ़ी-लिखी महिला न हों, लेकिन उनकी बातें, उनका दर्द मुझे समझ में आता है. जिस आदमी के लिए अपनी पूरी जिंदगी के इतने साल कुर्बान करने का क्या फायदा हुआ? उन्हें एक पत्नी के तौर पर अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है? सुनीता जी, मैं आपके दर्द को समझती हूं और गोविंदा जी से मेरी गुजारिश है कि आप एक लेजेंड हैं, इसलिए आपकी इज्जत आपके अपने हाथों में है. मेरी नजर में आपने अपनी इज्जत खो दी है.’