Last Updated:
Ujjain Shahi Masjid, Ujjain SP Pradeep Sharma Biography:उज्जैन की शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर सोमवार को हुए विवाद के बाद शहर के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी चर्चा में हैं. सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान तनाव बढ़ने पर पुलिस को पथराव के बीच आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. इस पूरे घटनाक्रम के बीच कानून-व्यवस्था की कमान उज्जैन के SP प्रदीप शर्मा के हाथों में है लेकिन क्या आप जानते हैं कि IIT से पढ़ाई करने वाले प्रदीप शर्मा कौन हैं?
Ujjain Shahi Masjid Controversy, Ujjain SP Pradeep Sharma Biography: उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा की कहानी.
Ujjain Shahi Masjid, Ujjain SP Pradeep Sharma Biography: उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर सोमवार को विवाद हो गया.सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान मौके पर भीड़ और पुलिस के बीच टकराव हुआ.पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया.इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर सामने आई.मामले को लेकर इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई है.
इसी घटनाक्रम के बीच उज्जैन के पुलिस अधीक्षक यानी एसपी प्रदीप शर्मा भी चर्चा में हैं.वह मौके पर पुलिस की कार्रवाई और कानून-व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं. प्रदीप शर्मा 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी और वर्तमान एसपी हैं.इससे पहले वह दतिया के एसपी रह चुके हैं लेकिन शाही मस्जिद विवाद ही पहली वजह नहीं है जिसके चलते प्रदीप शर्मा का नाम चर्चा में आया है.सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में उज्जैन पुलिस एआई आधारित तकनीक और आधुनिक निगरानी व्यवस्था पर भी काम कर रही है.ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर कौन हैं प्रदीप शर्मा, कहां के रहने वाले हैं, कहां से पढ़ाई की, कब आईपीएस बने और उज्जैन की पुलिस कमान तक कैसे पहुंचे?
कौन हैं उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा?
प्रदीप शर्मा 2014 बैच के भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस अधिकारी हैं और मध्य प्रदेश कैडर में तैनात हैं.भारत सरकार की आईपीएस सिविल लिस्ट में उनका कैडर मध्य प्रदेश और उनकी भर्ती डायरेक्ट रिक्रूट यानी यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन के जरिए बताया गया है.सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने 1 सितंबर 2014 को आईपीएस ज्वाइन किया था.उनकी शैक्षणिक योग्यता B.Tech हैं.उन्होंने IIT रूड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की.इससे पहले उनकी स्कूली शिक्षा भोपाल के बाल भवन स्कूल से हुई.उनका गृह-राज्य मध्य प्रदेश है.
IIT रूड़की से की इंजीनियरिंग की पढ़ाई
प्रदीप शर्मा की पढ़ाई की बात करें तो उनका शैक्षणिक सफर इंजीनियरिंग से शुरू हुआ.उन्होंने 2007 से 2011 के बीच IIT रूड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में B.Tech किया. कॉलेज के दौरान वह छात्र गतिविधियों से भी जुड़े रहे.इसके बाद उन्होंने UPSC सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन के जरिए भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया यानी 2014 बैच के इस अधिकारी ने इंजीनियरिंग के बाद प्रशासनिक सेवा की राह चुनी और पुलिस सेवा में आए.
UPSC के बाद पुलिस सेवा में आए
यूपीएससी में सेलेक्ट होने के बाद प्रदीप शर्मा ने सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडेमी और लाल बहादुर शास्ती नेशनल एकेडेमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में प्रशिक्षण लिया.उनकी पुलिस सेवा सितंबर 2014 से जारी है. 2026 तक उनके करीब 12 साल की सेवा पूरी हो चुकी है.
राजगढ़ में एसपी रहते हुए संभाली कमान
प्रदीप शर्मा के करियर में जिला पुलिस की कमान संभालने का एक महत्वपूर्ण दौर राजगढ़ का रहा. वह 2019 और 2020 में वह राजगढ में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रहे.इसके बाद 2022 और 2023 में वह 14th बटॉलियन एसएएफ ग्वालियर के कमांडेंट रहे.राजगढ़ में एसपी रहते हुए कोविड काल से जुड़ी एक घटना भी काफी चर्चा में रही.अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने खराब पड़े वेंटिलेटर को इंजीनियरिंग की अपनी जानकारी का इस्तेमाल करते हुए ठीक करने की कोशिश की थी.
14वीं बटालियन के कमांडेंट से दतिया एसपी तक
2022 में प्रदीप शर्मा को 14th बटॉलियन एसएएफ ग्वालियर का कमांडेंट बनाया गया.वह 2022 और 2023 में इस पद पर रहे.इसके बाद मार्च 2023 में हुए मध्य प्रदेश के बड़े IPS फेरबदल में उन्हें SP दतिया बनाया गया था.उस समय 75 IPS अधिकारियों के तबादले की घोषणा हुई थी और प्रदीप शर्मा का नाम दतिया के एसपी के रूप में शामिल था.वर्तमान में वह उज्जैन में एसपी हैं.
2024 से उज्जैन की पुलिस कमान
प्रदीप शर्मा जनवरी 2024 से उज्जैन के एसपी के पद पर हैं.उन्होंने 1 जनवरी 2024 को उज्जैन एसपी का पद संभाला था और अभी भी वह इस पद पर तैनात हैं.
शाही मस्जिद विवाद में क्यों चर्चा में आए?
अब उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर हुए विवाद ने उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है.सड़क चौड़ीकरण की योजना के तहत मस्जिद का जो हिस्सा प्रस्तावित सड़क की सीमा में आ रहा है उसे हटाने की कार्रवाई के दौरान सोमवार को तनाव बढ़ गया.रिपोर्टों के मुताबिक मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस के बीच टकराव हुआ और पुलिस पर पथराव के बाद आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया. पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिया और सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई.इनमें सोशल मीडिया से जुड़े लोग भी शामिल बताए गए हैं.एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया की निगरानी कर रही है और अफवाह या भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.इस पूरे मामले में अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग दावे सामने आए हैं.मामला सड़क चौड़ीकरण और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जुड़ा है.