उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके की तस्वीर आने वाले कुछ वर्षों में बदल सकती है. इसकी बड़ी वजह कई नए एक्सप्रेसवे और औद्योगिक कॉरिडोर हैं. इसी कड़ी में झांसी लिंक एक्सप्रेसवे सबसे अहम परियोजनाओं में से एक है. करीब 106.3 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे झांसी को सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. यानी झांसी से निकलने वाले वाहन सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जरिए यूपी के दूसरे हिस्सों और आगे दिल्ली की तरफ जा सकेंगे.
यूपीडा यानी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने इस परियोजना को दो पैकेज में बांटा है. दोनों पैकेज मिलाकर एक्सप्रेसवे की लंबाई 106.3 किलोमीटर है. इसे छह लेन का बनाया जाएगा और भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा. परियोजना पूरी तरह ग्रीनफील्ड और एक्सेस-कंट्रोल्ड होगी. यानी सामान्य सड़कों की तरह जगह-जगह से वाहन सीधे एक्सप्रेसवे पर नहीं चढ़ सकेंगे. इसके लिए तय इंटरचेंज और कनेक्टिंग रोड का इस्तेमाल होगा.
कहां से शुरू होगा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे?
इस एक्सप्रेसवे का एक सिरा जालौन जिले में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास फूलपुरा गांव के नजदीक होगा. टेंडर दस्तावेज में इसे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के करीब किलोमीटर 170+300 पर प्रस्तावित कनेक्शन के रूप में बताया गया है. यहीं से झांसी लिंक एक्सप्रेसवे का पैकेज-1 शुरू होगा.
इसके बाद एक्सप्रेसवे नया ग्रीनफील्ड रूट लेते हुए झांसी जिले की तरफ बढ़ेगा. पैकेज-1 की लंबाई 50 किलोमीटर है और इसका दूसरा सिरा झांसी जिले के पिपरा गांव के पास होगा. इसके बाद पैकेज-2 इसी प्वाइंट से आगे बढ़ेगा और करीब 56.3 किलोमीटर की दूरी तय करेगा.
परियोजना का अंतिम हिस्सा झांसी जिले में अंबाबाई के आसपास बीआईडीए क्षेत्र की सीमा के नजदीक प्रस्तावित है. इससे एक्सप्रेसवे सिर्फ झांसी शहर की कनेक्टिविटी नहीं बढ़ाएगा, बल्कि झांसी के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र तक तेज सड़क पहुंच भी बनाएगा.
किन इलाकों से होकर गुजरेगा?
पैकेज-1 के आधिकारिक टेंडर दस्तावेज में एलाइनमेंट से प्रभावित कई गांवों का उल्लेख किया गया है. इनमें जालौन और झांसी जिले के गांव शामिल हैं. दस्तावेज के अनुसार फूलपुरा से आगे काबिलपुरा, टिमरौन, रुद टिमरौन, गोरन, गोरू, बरसार, किशोरा, कोटरा, हिलगना, नंधा, गोकल, डुंडी, मलेहटा, झिझरिया, अहिरौरा और कई अन्य गांवों का क्षेत्र एलाइनमेंट में आता है. आगे यह मार्ग झांसी जिले की तरफ बढ़ते हुए पिपरा तक पहुंचता है.
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक इस परियोजना के लिए जालौन और झांसी के कुल 28 गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जुड़ी हुई है. इसलिए इसका असर सिर्फ एक्सप्रेसवे की सड़क तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी और जमीन के इस्तेमाल पर भी पड़ेगा.
यहां एक बात समझना जरूरी है कि एक्सप्रेसवे सीधे हर शहर के बीच से नहीं गुजरेगा. इसका डिजाइन एक्सेस-कंट्रोल्ड है. इसलिए रास्ते में आने वाले कस्बों और गांवों को इंटरचेंज, अंडरपास, ओवरपास और सर्विस रोड के जरिए जोड़ा जाएगा.
पांच प्रमुख जगहों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद
परियोजना के बारे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार वाहन चालकों को रास्ते में प्रमुख कस्बों और इलाकों से जुड़ने के लिए कई इंटरचेंज विकल्प मिलेंगे. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में भी बताया गया है कि वाहन चालकों के लिए रास्ते में पांच प्रमुख टाउन से उतरने के विकल्प प्रस्तावित हैं. इससे एक्सप्रेसवे का फायदा केवल झांसी शहर तक सीमित नहीं रहेगा.
इसका सबसे बड़ा फायदा जालौन और झांसी के बीच आने-जाने वाले लोगों को होगा. अभी इस क्षेत्र में लंबी दूरी के सफर के लिए सामान्य सड़क नेटवर्क पर निर्भरता ज्यादा है. नया एक्सप्रेसवे ट्रैफिक को अलग और तेज कॉरिडोर देगा.
झांसी से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे तक सीधा कनेक्शन
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ना है. बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे करीब 296 किलोमीटर लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है. यह चित्रकूट के पास से शुरू होकर इटावा जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ता है. इसके रास्ते में चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा जैसे जिले आते हैं.
अब झांसी लिंक एक्सप्रेसवे इस नेटवर्क को झांसी तक आगे बढ़ाने का काम करेगा. यानी झांसी से निकलने वाला ट्रैफिक बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे नेटवर्क तक पहुंच सकेगा. वहां से आगे आगरा, लखनऊ और दिल्ली की दिशा में कनेक्टिविटी मिल सकती है. इसी वजह से यह परियोजना सिर्फ एक नया एक्सप्रेसवे नहीं है. यह उत्तर प्रदेश के अलग-अलग एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले बड़े नेटवर्क का हिस्सा बन सकती है.
𝐉𝐡𝐚𝐧𝐬𝐢 𝐋𝐢𝐧𝐤 𝐄𝐱𝐩𝐫𝐞𝐬𝐬𝐰𝐚𝐲 𝐮𝐩𝐝𝐚𝐭𝐞 𝐟𝐫𝐨𝐦 𝐔𝐭𝐭𝐚𝐫 𝐏𝐫𝐚𝐝𝐞𝐬𝐡.
UPEIDA has opened financial bids for the upcoming Jhansi Link Expressway project.
Following firms have placed bids: