Greater Noida: ‘पानी की टंकी में मरा चूहा, आवारा कुत्तों का आतंक…’ ग्रेटर नोएडा की अजनारा सोसाइटी में बिल्डर के खिलाफ फूटा गुस्सा

Greater Noida: ‘पानी की टंकी में मरा चूहा, आवारा कुत्तों का आतंक…’ ग्रेटर नोएडा की अजनारा सोसाइटी में बिल्डर के खिलाफ फूटा गुस्सा


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Greate Noida ajnara homes society: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स सोसायटी में घटिया निर्माण, गिरते प्लास्टर और खराब लिफ्ट से परेशान निवासी घर से बाहर निकल आए हैं. उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. दोगुनी मेंटेनेंस वसूली और पेंडिंग रजिस्ट्री से गुस्साए लोग अब बिल्डर व मेंटेनेंस टीम को हटाकर AOA (Apartment Owners Association) को कमान सौंपने और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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अजनारा होम सोसाइटी में बिल्डर और मेंटनेंस टीम के खिलाफ लोगों का भड़का गुस्सा

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स (Ajnara Homes) सोसायटी में निवासी बिल्डर और मेंटेनेंस टीम के खिलाफ प्रदर्शन को करने को मजबूर हैं. सोमवार देर रात सोसाइटी में रहने वाले लोगों ने अपने-अपने फ्लैटों से निकल उनके खिलाफ प्रदर्शन किया. निवासियों और बिल्डर और मेंटेनेंस टीम के खिलाफ एक लंबे समय से चली आ रही बड़ी समस्या का हिस्सा है. हाल ही में सोसायटी की बिल्डिंग से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गाड़ियों पर गिरने और अन्य बुनियादी सुविधाओं की बदहाली के कारण लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. दरअसल, निवासियों का आरोप है कि मेंटनेंस के नाम पर मोटा रकम वसूली करने वाले ये लोग सुविधा के नाम पर मौन हो जाते हैं. आए दिन, खराब लिफ्ट, टूटते प्लास्टर और सिलिंग से लोग काफी चिंतित हैं. लगातार शिकायतों के बावजूद प्रबंधन टीम आंखें मूंद कर पैसे वसूलती रहती है.

अजनारा सोसाइटी के निवासी इन दिनों भारी अव्यवस्था और मेंटेनेंस की लापरवाही का दंश झेल रहे हैं. हालात इतने बदतर हैं कि पीने के पानी की टंकी में मरे हुए चूहे मिल रहे हैं, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है. सोसाइटी में उचित मेंटेनेंस न होने के कारण आवारा कुत्तों का भी भारी आतंक है, जो आए दिन बच्चों को काट रहे हैं. इन समस्याओं को लेकर निवासियों और मेंटेनेंस टीम के बीच लगातार विवाद व बवाल हो रहा है. परेशान निवासी चाहते हैं कि मौजूदा मेंटेनेंस टीम को हटाकर पूरी जिम्मेदारी AOA (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) को सौंप दी जाए. हालांकि, बिल्डर निवासियों को हैंडओवर देने में आनाकानी कर रहा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है.

शिकायतों को करते रहे अनदेखा
बार-बार की शिकायतों के बाद भी जब बिल्डर और मेंटेनेंस टीम का अड़ियल रवैया नहीं बदला, तो निवासियों ने एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता चुना. सोसायटी के लोग अब वर्तमान मेंटेनेंस टीम को तुरंत हटाकर पूरी जिम्मेदारी AOA (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) को सौंपने की मांग कर रहे हैं. हालांकि, बिल्डर कानूनी हैंडओवर देने में लगातार आनाकानी कर रहा है, जिससे गतिरोध और गहरा गया है. निवासियों ने ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने, बिल्डर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और पूरी सोसायटी का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की अपील की है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

क्या कहता है कानून
उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट एक्ट 210 के नियमों के अनुसार, जब किसी सोसायटी में 60% या उससे अधिक फ्लैटों का कब्जा (Possession) हो जाता है, तो बिल्डर के लिए कानूनी रूप से सोसायटी का मेंटेनेंस और फंड AOA (Apartment Owners Association) को हैंडओवर करना अनिवार्य होता है. इस प्रक्रिया के तहत बिल्डर को सभी स्वीकृत नक्शे, एनओसी (Fire, Lift, Electricity), निवासियों से जमा किया गया इंटेरेस्ट फ्री मेंटेनेंस सिक्योरिटी फंड और मेंटेनेंस का पूरा प्रभार तीन से छह महीने के भीतर एओए को सौंपना पड़ता है; ऐसा न करने पर स्थानीय प्राधिकरण (जैसे GNIDA) के माध्यम से बिल्डर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और बैंक खाते फ्रीज करने का प्रावधान है.



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