Banana Plant Business: कम निवेश में खोल सकते हैं केला प्लांट, चिप्स बनाकर कमा सकते हैं लाखों, मिल रहा 10 लाख तक अनुदान, जानें प्रक्रिया

Banana Plant Business: कम निवेश में खोल सकते हैं केला प्लांट, चिप्स बनाकर कमा सकते हैं लाखों, मिल रहा 10 लाख तक अनुदान, जानें प्रक्रिया


मुरादाबादः यूपी के मुरादाबाद में जो लोग कारोबार करने का प्लान बना रहे हैं.वह केला प्लांट का बिजनेस कर सकते हैं. केला प्लांट का बिजनेस उद्यान विभाग की तरफ से कराया जा रहा है. जिसमें उद्यान विभाग लागत का 35% सब्सिडी के रूप में पैसा भी दे रहा है. इसलिए जो लोग अपना कारोबार करने का प्लान बना रहे हैं.वह केला प्लांट का बिजनेस कर सकते हैं.यह बिजनेस ऐसा बिजनेस है.जिसमें एक नहीं बल्कि कई उत्पाद बनाकर मार्केट में सेल कर लाखों रुपए की इनकम हासिल की जा सकती है.

यह बिजनेस है सफल

उद्यान विभाग में डीआरपी के पद पर तैनात विमल कुमार तोमर ने बताया कि अगर आप कम निवेश में खाद्य प्रसंस्करण का कारोबार शुरू करने का प्लान बना रहे हैं तो कच्चे केले से चिप्स बनाने का व्यवसाय आपके लिए एक विकल्प हो सकता है. इसमें कच्चे केले को साफ करके अलग-अलग आकार में काटा जाता है. इसके बाद तलकर मसाले और नमक मिलाकर चिप्स तैयार किए जाते हैं. तैयार चिप्स की पैकिंग कर इन्हें दुकानों, किराना स्टोर, नमकीन की दुकानों, होटल और ऑनलाइन माध्यम से बेचा जा सकता है.

इतने रुपए से कर सकतें है शुरुआत

उन्होंने बताया कि केले से चिप्स बनाने के कारोबार में कच्चे केले की कटिंग से लेकर चिप्स तैयार करने तक की प्रक्रिया मशीनों की मदद से की जा सकती है.बाजार में पैक्ड और स्वाद वाले चिप्स की मांग होने से छोटे स्तर पर भी यह कारोबार शुरू किया जा सकता है.छोटे स्तर की इकाई शुरू करने में मशीन, कच्चा माल, पैकिंग, बिजली कनेक्शन और अन्य जरूरी सामान मिलाकर करीब 5 से 8 लाख रुपये का शुरुआती निवेश मानकर चला जा सकता है.

कच्चा माल व इन मशीन की जरूरत

इस कारोबार के लिए केले की छंटाई और सफाई के बाद कटिंग मशीन, चिप्स तलने की मशीन, तेल निकालने की व्यवस्था, मसाला मिलाने की मशीन, वजन करने की मशीन और पैकिंग मशीन की जरूरत पड़ सकती है. इसके साथ कच्चे केले के भंडारण और तैयार चिप्स को सुरक्षित रखने के लिए साफ-सुथरी जगह भी जरूरी होगी. इस कारोबार में मुख्य कच्चा माल कच्चा केला है.इसे स्थानीय केला उत्पादक किसानों, थोक फल मंडियों और आसपास के केले के कारोबारियों से खरीदा जा सकता है. किसानों से सीधे खरीद करने पर नियमित आपूर्ति के साथ लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.

चिप्स बेचकर लाखों में होगी कमाई

तैयार चिप्स को छोटे-छोटे पैकेट में पैक करके स्थानीय किराना दुकानों, नमकीन विक्रेताओं, होटल, ढाबों और सुपरमार्केट में सप्लाई किया जा सकता है. इसके अलावा अपना ब्रांड बनाकर ऑनलाइन बिक्री भी की जा सकती है. अच्छी पैकिंग, स्वाद और गुणवत्ता के साथ आसपास के जिलों में भी बाजार बनाया जा सकता है. एक छोटी इकाई अगर प्रतिदिन करीब 200 किलो तैयार चिप्स का उत्पादन करती है तो महीने में छुट्टी काटकर 25 दिन काम करने पर करीब 5 हजार किलो चिप्स तैयार हो सकते हैं और अपनी बचत निकलते हुए मार्केट में इन्हें सेल कर सकते हैं.केले की कीमत, तेल, मसाले, पैकिंग, मजदूरी, बिजली, परिवहन और बाजार के अनुसार मुनाफा बदलता रहेगा. उदाहरण के तौर पर यदि सभी खर्च निकालने के बाद प्रति किलो 30 से 50 रुपये का शुद्ध मार्जिन बचता है तो 5 हजार किलो मासिक उत्पादन पर करीब 1.5 से 2.5 लाख रुपये तक महीने का लाभ की संभावना बन सकती है. यह केवल अनुमान है. वास्तविक लाभ बाजार और बिक्री मूल्य पर निर्भर करेगा. कारोबारी ऊपर निर्भर करेगा.

35 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ

इस कारोबार को शुरू करने वालों के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना यानी पीएमएफएमई के तहत परियोजना लागत पर 35 प्रतिशत तक ऋण-संबद्ध पूंजीगत सब्सिडी, अधिकतम 10 लाख रुपये प्रति इकाई, का प्रावधान है. लाभार्थी को कम से कम 10 प्रतिशत अपना अंशदान देना होता है और बाकी राशि बैंक ऋण के माध्यम से जुटाई जा सकती है. आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली का बिल, राशन कार्ड, बैंक संबंधी दस्तावेज और मशीनों का कोटेशन जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है. इच्छुक व्यक्ति अपने जिले के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से योजना की वर्तमान पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लेकर आगे बढ़ सकते हैं.



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