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जलपाईगुड़ी जिले में रविवार सुबह सुरक्षा घेरे को चकमा देकर फरार हुए एक संदिग्ध रोहिंग्या कैदी की चालाकी पर वन विभाग के प्रशिक्षित खोजी कुत्ते ‘ऑरलैंडो’ ने पानी फेर दिया. म्यांमार निवासी मोहम्मद सोलेमान को रोहिंग्या होने के संदेह में 20 सितंबर को तीन अन्य लोगों के साथ न्यू जलपाईगुड़ी से पकड़ा गया था. उसे राजगंज के एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया था, जहां से वह रविवार सुबह टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर दीवार फांदते हुए झाड़ियों के रास्ते भाग निकला.
गोरुमारा के खोजी कुत्ते ने चाय बागान में रोहिंग्या को पकड़ लिया.
कोलकाता. पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में पुलिस ने रविवार को राजगंज इलाके के एक हिरासत केंद्र से फरार हुए एक कैदी को प्रशिक्षित कुत्ते की मदद से पकड़ लिया. पुलिस के अनुसार, मोहम्मद सोलेमान को हाल ही में रोहिंग्या होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था. उसे राजगंज के एक हिरासत केंद्र में रखा गया था. रविवार को युवक ने हिरासत केंद्र की दीवार फांदकर भागने की कोशिश की. हालांकि, प्रशिक्षित कुत्ते की मदद से पकड़े जाने के कारण उसका प्रयास विफल रहा.
पुलिस के अनुसार, कैदी रविवार सुबह शौचालय जाने के बहाने हिरासत केंद्र से निकला था. मौका पाकर वह दीवार फांदकर झाड़ियों में भागने लगा. कुछ देर बाद सुरक्षा गार्डों को इसकी भनक लगी और वे उसके पीछे दौड़े तथा राजगंज पुलिस स्टेशन को सूचना दी. इसके बाद, पुलिस ने रविवार सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया. फरार कैदी का कहीं भी पता न चलने पर वन विभाग की मदद ली गई.
वन विभाग ने अपने प्रशिक्षित कुत्ते ‘ऑरलैंडो’ को इस अभियान में लगाया, जिसके बाद आरोपी को पनिकाउरी चौराहे के पास स्थित एक चाय बागान से गिरफ्तार किया गया. 20 सितंबर को, चार लोगों के एक समूह को न्यू जलपाईगुड़ी क्षेत्र से गिरफ्तार कर हिरासत केंद्र ले जाया गया. इनमें म्यांमार निवासी सोलेमान भी शामिल था. फरार कैदी की तलाश में, मालबजार उप-जिला पुलिस ने प्रशिक्षित कुत्तों के लिए जलपाईगुड़ी वन्यजीव विभाग से संपर्क किया. बाद में, गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान में मौजूद ‘ऑरलैंडो’ को लाया गया.
फरार युवक के कपड़ों की गंध का पीछा करते हुए, ‘ऑरलैंडो’ ने पुलिस दल का नेतृत्व किया. वह हिरासत केंद्र से लगभग एक किलोमीटर दूर, पनिकाउरी चौराहे के पास स्थित एक चाय बागान में रुका. संक्षिप्त तलाशी के बाद, पुलिस ने आरोपी को वहीं से गिरफ्तार कर लिया. जलपाईगुड़ी वन्यजीव विभाग के जिला सहायक वन अधिकारी राजीव डे ने कहा कि मालबाजार उप-जिला पुलिस ने हमसे एक प्रशिक्षित कुत्ते की मांग की थी. हमने एक प्रशिक्षित कुत्ता भेजा. हमारे कुत्ते ने हिरासत केंद्र से भागे रोहिंग्या युवक का पता लगा लिया. हमारा प्रशिक्षित कुत्ता पुलिस और प्रशासनिक कार्यों में उपयोगी साबित हुआ है.
गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान में वन विभाग के निगरानी और तलाशी अभियानों में लंबे समय से ‘ऑरलैंडो’ का इस्तेमाल किया जा रहा था. इस बार उसने भागे हुए कैदी को ढूंढ निकाला. दूसरी ओर, हिरासत केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. पुलिस सूत्रों ने बताया कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि आरोपी पुलिस की निगरानी से कैसे बच निकला.