रुपये-दिरहम में कारोबार, समंदर के नीचे से आएगी गैस, भारत पर UAE लगाएगा बड़ा दांव

रुपये-दिरहम में कारोबार, समंदर के नीचे से आएगी गैस, भारत पर UAE लगाएगा बड़ा दांव


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India-UAE Trade : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि यूएई भारत में विदेशी पूंजी के बड़े स्रोतों में से एक है. यूएई ने निकट भविष्य में 25 अरब डॉलर और निवेश करने का इरादा जताया है. गोयल के अनुसार दोनों देशों के बीच स्‍थानीय करेंसी में व्‍यापार बढ़ रहा है.

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14वीं इंडिया-यूएई इन्‍वेस्‍टमेंट टॉस्‍क फोर्स की बैठक मुंबई में हुई.

नई दिल्‍ली. पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के आर्थिक रिश्ते नई ऊंचाइयों को छूने जा रहे हैं. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, यूएई भारत में अतिरिक्त 25 अरब डॉलर का निवेश करेगा. दोनों देश पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने के विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं. इनमें रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, LPG, LNG और समुद्र के नीचे गैस पाइपलाइन जैसे क्षेत्र शामिल हैं. गोयल ने मुंबई में आयोजित 14वीं इंडिया-यूएई इन्‍वेस्‍टमेंट टॉस्‍क फोर्स (India-UAE Investment Task Force) की बैठक के बाद कहा गोयल ने कहा कि यूएई पहले ही भारत में 25 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है. दोनों देशों का लक्ष्य भारत में यूएई के निवेश को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है.

गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच रुपये और दिरहम में कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत यूएई को एलपीजी और एनएनजी जैसी गैसों के बड़े स्रोत के रूप में देख रहा है. गोयल ने समुद्र के नीचे गैस पाइप लाइन बिछाने की फिजिबिलिटी स्‍टडी भी की जा रही है. उन्‍होंने कहा कि ऐसी समुद्री पाइपलाइनों के जरिए गैस को भारत तक पहुंचाने और स्टोर करने की संभावना पर विचार हो रहा है. भारत में बने भूमिगत स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स (SPR) के विस्तार में UAE की हिस्सेदारी और निवेश बढ़ाने पर विस्तृत मंथन चल रहा है.

भारत-UAE के बीच 100 अरब डॉलर हो चुका है व्‍यापार

गोयल के मुताबिक, भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 100 अरब डॉलर हो चुका है. दोनों देशों ने इसे वर्ष 2032 तक 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. दोनों देशों के बीच कंप्रेहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) लागू हुए चार साल हो चुके हैं. यूएई के साथ एफटीए ने दुनिया में एक नया मानक स्थापित किया और यह सबसे तेजी से बातचीत के जरिए पूरा होने वाले मुक्त व्यापार समझौतों में से एक रहा. दोनों देशों ने 90 दिनों से भी कम समय में समझौते को अंतिम रूप दिया और उस पर हस्ताक्षर किए. गोयल ने कहा कि यूएई को भारत पर भरोसा है और वह भारत में विदेशी पूंजी के बड़े स्रोतों में से एक है. पहले ही भारत में 25 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है और निकट भविष्य में 25 अरब डॉलर और निवेश करने का इरादा जताया है.



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