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Mau News: मऊ जनपद के करहा निवासी आशीष राणा की कहानी ही अलग है. जो दिन में गवर्नमेंट जॉब की तैयारी करते हैं और शाम में चाय की दुकान लगाकर लोगों को बेस्ट चाय पिलाते हैं. उनका शुरू से ही सपना है कि वह अपने घर वालों का सपोर्ट करें और घर की सभी जरूर को पूरा करें. जब वह काम करने के योग्य होंगे तो एक टी स्टॉल की दुकान डाल दिए. आज इसी दुकान से कमाई करके वह अपनी पढ़ाई कर रहे हैं तथा साथ-साथ अपने परिवार की जरूरत को पूरा कर रहे हैं.
मऊः उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के करहा निवासी आशीष राणा की कहानी ही अलग है. जो दिन में गवर्नमेंट जॉब की तैयारी करते हैं और शाम में चाय की दुकान लगाकर लोगों को बेस्ट चाय पिलाते हैं. क्या है इनका पूरा सपना और क्यों कर रहे इतना स्ट्रगल जो पढ़ाई के साथ चला रहे स्टाल. लोकल 18 से बात करते हुए आशीष राणा बताते हैं कि वह दीप निकेतन डिग्री कॉलेज भाटिकला से ग्रेजुएशन में इस वर्ष सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहे हैं. लेकिन उनका सपना गवर्नमेंट जॉब करने का है पहले तो सपना आईएएस पीसीएस करने का था लेकिन वह सपना नहीं पूरा हो सकता है इसलिए अब वह उत्तर प्रदेश पुलिस के भर्ती की तैयारी कर रहे हैं.
उनका शुरू से ही सपना है कि वह अपने घर वालों का सपोर्ट करें और घर की सभी जरूर को पूरा करें. जब वह काम करने के योग्य होंगे तो एक टी स्टॉल की दुकान डाल दिए. आज इसी दुकान से कमाई करके वह अपनी पढ़ाई कर रहे हैं तथा साथ-साथ अपने परिवार की जरूरत को पूरा कर रहे हैं. हालांकि उनके पिता काम करने से मना करते हैं, कहते हैं सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दो. लेकिन वह सिर्फ अपने पिता के ऊपर परिवार की जिम्मेदारी नहीं छोड़ सकते इसलिए वह शाम को टी स्टाल चलाते हैं.
जरूरत पूरी करने के लिए शुरू किए टी स्टॉल की दुकान
आशीष राणा का कहना है कि वह अपने जरूरत पूरा करने के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना चाहते इसलिए वह इस दुकान को चलाते हैं. यदि वह इस दुकान पर काम न करें तो ना उनकी जरूरत पूरा होगी और ना घर का खर्च चल सकेगा. इसलिए वह इस दुकान को चलाते हैं जब वह शुरुआत में दुकान चलाना शुरु किए तो साथ में पढ़ाई करने वाले छात्रों कई प्रकार के कमेंट कर रहे थे, और तरह तरह का बोलियां बोल रहे थे. लेकिन अब धीरे-धीरे सुनकर आदत हो गई है, इसी दुकान से वह अपने पूरे पढ़ाई के साथ -साथ अपने घर का भी खर्च पूरा चला लेते हैं.
2 साल के अंदर गवर्नमेंट जॉब करने का लक्ष्य
दिन की पढ़ाई और शाम की दुकान चलाने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ता है वह देर रात तक जागकर काम करते हैं और सुबह ही जागकर पढ़ाई करने लगते हैं. दुकान चलाने के साथ-साथ हुआ घर समय निकालकर 3 घंटे पढ़ाई कर लेते हैं और सुबह कोचिंग भी जाते हैं. उसके बाद स्कूल में पढ़ाई भी करने जाते हैं. फिर स्कूल से आकर घर तैयारी दुकान की करके फिर दुकान चले आते हैं. यही देर रात तक रहते हैं, हालांकि उनका कहना है कि दो बार वह अन्य परीक्षाओं में भाग ले चुके हैं. उनका लक्ष्य है, कि 1 से 2 साल में वह किसी गवर्नमेंट जॉब को कर ले. क्योंकि यह सिर्फ उनका सपना नहीं बल्कि उनके पूरे परिवार का सपना है कि मैं गवर्नमेंट जॉब करूं कुछ वैकेंसी बना लिए हैं कि उन्हें गवर्नमेंट जॉब करना ही हैं.