Last Updated:
छत्तीसगढ़ के रायपुर में कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 25 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने शराब कारोबारी अनवर ढेबर के बेटे शोएब ढेबर को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में राजनीति गरमा गई है.
रायपुर. राजनीतिक गलियारों और बड़े कारोबारियों के बीच वर्चस्व और पैसों की वसूली के लिए आपराधिक ताकतों का इस्तेमाल किस हद तक बढ़ चुका है, इसकी बानगी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देखने को मिली है. लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर करोड़ों की रंगदारी मांगने और धमकी देने के एक मामले ने पूरे प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस से जुड़े और जाने-माने शराब कारोबारी अनवर ढेबर के बेटे को धर दबोचा है, जिससे हर तरफ हड़कंप मच गया है. मामला रायपुर का है, जहां कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर एक धमकाने वाला मैसेज भेजा गया था. इस मैसेज के जरिए उनसे भारी-भरकम 25 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की गई थी. जब इस गंभीर मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची, तो साइबर सेल और क्राइम ब्रांच ने जांच की कड़ियां जोड़नी शुरू कर दीं.
चार दिनों की लंबी जांच और सर्विलांस के बाद पुलिस ने शनिवार देर रात कांग्रेस नेता और शराब कारोबारी अनवर ढेबर के बेटे शोएब ढेबर को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने रविवार शाम आरोपी को अदालत में पेश किया और पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की, हालांकि अदालत ने उसे जमानत पर छोड़ दिया. जांच के दौरान पुलिस के सामने कई और परतें भी खुली हैं. शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इस साजिश का दायरा काफी बड़ा है. इससे पहले शोएब के चाचा और रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर को भी लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग के नाम पर 50 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की धमकी मिल चुकी थी. एजाज ढेबर को फोन कॉल के साथ-साथ एक धमकी भरा मैसेज भी भेजा गया था, जिसके बाद उन्होंने कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. उस मामले में भी आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए विदेशी वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल किया था.
पुलिस की ताजा जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि एजाज ढेबर को भेजे गए पुराने मैसेज को ही कॉपी किया गया और उसमें केवल नाम बदलकर आनंद कुकरेजा को भेज दिया गया था, ताकि पुलिस और जांच एजेंसियों को भटकाया जा सके. इस पूरे प्रकरण में पुलिस केवल शोएब ढेबर तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. इस कड़ी में एक बीजेपी नेता के भांजे टीनू भारद्वाज समेत कुछ अन्य युवकों को भी थाने बुलाकर पूछताछ की गई है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रंगदारी के खेल के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है और क्या इसके तार किसी अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं या फिर यह आपसी रंजिश और राजनीतिक साजिश का नतीजा है. बहरहाल, रायपुर पुलिस इस मामले के हर एक पहलू की बारीकी से छानबीन कर रही है.