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उत्तरकाशी में फंसे पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इस रेस्क्यू ऑपरेशन में जिला प्रशासन, वन विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीमें जुटी हुई हैं.
उत्तरकाशी में फंसे ट्रैकर्स को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी.
उत्तरकाशीः उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी के बाद ट्रैकर्स और पोर्टरों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. गौमुख, तपोवन, कालिंदी पास और ऑडिन कोल बेस कैंप समेत अलग-अलग ट्रैकिंग रूटों पर 136 पर्वतारोही, ट्रैकर और सहयोगी स्टाफ मौजूद हैं. जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी टीमों को सुरक्षित नीचे लाने के निर्देश दिए हैं. आज मौसम की स्थिति के अनुसार हेली रैकी कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर हवाई रेस्क्यू भी शुरू किया जाएगा.
भोजन से लेकर एंबुलेंस तक की व्यवस्था
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, एनआईएम और वन विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं. ट्रैकर्स के लिए राशन, पैक्ड फूड, पेयजल और जरूरी दवाइयों की व्यवस्था की गई है. चिकित्सकों की टीमें और एंबुलेंस भी तैयार रखी गई हैं. वहीं, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से सैटेलाइट संचार के जरिए एक्सपीडिशन गाइडों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. मौके पर व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र को हर्षिल भेजा गया है. प्रशासन की प्राथमिकता बर्फबारी के बीच उच्च हिमालय में मौजूद सभी ट्रैकर्स और पोर्टरों को सुरक्षित नीचे लाना है.
कहां-कहां फंसे हैं लोग
प्रशासन के मुताबिक भोजवासा और चिरबासा में फंसे ज्यादातर पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. इसमें गंगोत्री नेशनल पार्क के कर्मचारियों ने भी मदद की. फिलहाल जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में 136 पर्वतारोही, ट्रेकर और सपोर्ट स्टाफ मौजूद हैं. इनमें 89 लोग हाई एल्टीट्यूड अभियान पर हैं. वहीं 18 लोग कालिंदी पास बेस कैंप और 29 लोग ऑडेंस कोल पास बेस कैंप में मौजूद हैं. प्रशासन की प्राथमिकता सभी ट्रेकर्स और पोर्टर्स को सुरक्षित बाहर निकालना है. इसके लिए रेस्क्यू टीमें लगातार काम कर रही हैं.
केदारनाथ मार्ग पर फंसे 1100 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया
केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा क्षेत्र में गत रविवार देर रात्रि को मलबा और पत्थर गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया. घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए मौके पर तैनात रेस्क्यू टीमों ने तत्काल अभियान शुरू कर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू की. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि रेस्क्यू टीमों द्वारा अब तक करीब 1100 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया. यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेस्क्यू कार्य पूरी सतर्कता और आपसी समन्वय के साथ किया जा रहा है. टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और शेष यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं. प्रशासन और रेस्क्यू टीमों की ओर से यात्रियों से भी धैर्य बनाए रखने तथा सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है.