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Jhajjar News: एशियन गेम्स में भारत की कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस स्वर्णिम जीत में झज्जर जिले के बुपनिया गांव के रहने वाले खिलाड़ी अयान लोहचब ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया. उनकी इस शानदार जीत से अयान के गांव में खुशी की लहर है.
कबड्डी खिलाड़ी अयान लोहचब का परिवार
झज्जर: एशियन गेम्स में भारत की कबड्डी टीम ने दमदार प्रदर्शन दिखाते हुए कई टीमो को पीछे छोड़ गोल्ड मेडल जीता है. इस कबड्डी टीम में झज्जर के अयान लोहचब भी शामिल थे, जिनका टीम में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला. टीम इंडिया की इस जीत से अयान लोहचब के बुपनिया गांव में खुशी की लहर है. अब 30 सितंबर को जब वो घर लौटेंगे, तो गांव में उनका भव्य स्वागत होगा.
अयान लोहचब की मां सोनिया और भाई सुमित ने भारत की जीत पर खुशी जताई है. मां कहा कि जाते समय बेटे को चूरमा खिलाकर भेजा था, अब लौटने पर फिर से वही खिलाएंगी. बता दें कि प्रो कबड्डी में भी अयान लोहचब खेल चुके हैं. परिवार ने कहा कि अयान ने देश और गांव का नाम रोशन किया है और आगे भी देश के लिए मेडल जीतता रहेगा.
पूरे गांव में खुशी का माहौल
जापान में चल रहे एशियन गेम्स में भारत की कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस स्वर्णिम जीत में झज्जर जिले के बुपनिया गांव के रहने वाले खिलाड़ी अयान लोहचब ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया. अयान की उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है. अयान की जीत की खबर मिलते ही उनकी मां सोनिया, दादी खजानी देवी और परिवार के अन्य सदस्यों ने खुशी जाहिर की. परिवार ने कहा कि अयान ने देश और गांव का नाम रोशन किया है और उन्हें अपने बेटे की उपलब्धि पर गर्व है. अयान इससे पहले प्रो कबड्डी में भी खेल चुके हैं.
चूरमा खिलाकर मां ने किया था विदा
अयान की मां सोनिया ने बताया कि जब अयान एशियन गेम्स के लिए रवाना हुआ था, तब उसकी दादी खजानी देवी ने उसे चूरमा खिलाकर विदा किया था. अब जब वह वापस घर आएगा तो दोबारा अपने हाथों से चूरमा खिलाएंगी. उन्होंने कहा कि आयन इसी तरह आगे भी देश के लिए मेडल जीतता रहे.
बेटे का गांव में होगा जोरदार स्वागत
अयान की मां सोनिया ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर नाज है. अयान ने आज देश का नाम रोशन किया है और उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में भी वह देश के लिए इसी तरह पदक जीतता रहेगा. अयान के भाई सुमित ने बताया कि 30 सितंबर को घर लौटने पर बुपनिया गांव में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा. गांव के लोग भी अपने बेटे की इस उपलब्धि का जश्न मनाने की तैयारी में जुटे हैं.