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Karauli NCC Protest Ground Report: करौली के राजकीय महाविद्यालय में एनसीसी (NCC) भर्ती में 80 से 40 सीटें किए जाने पर छात्रों ने जोरदार हंगामा किया और कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया. एक महीने पहले 80 छात्रों का चयन फिजिकल, लिखित, मेडिकल और इंटरव्यू के आधार पर हुआ था. इन छात्रों ने 10 दिन की ट्रेनिंग ली और 15 अगस्त की परेड में भी हिस्सा लिया. लेकिन कोटा बटालियन के आदेश पर 40 छात्रों को बाहर कर दिया गया है. इससे छात्रों का देशसेवा का सपना टूट गया है. कॉलेज प्रशासन उच्च अधिकारियों से सीटें वापस बढ़ाने की मांग कर रहा है.
Karauli: राजस्थान के करौली जिले में स्थित राजकीय महाविद्यालय में शनिवार को एनसीसी (NCC) कैडेट्स का भारी हंगामा देखने को मिला. यहां एनसीसी भर्ती प्रक्रिया में बड़ा उलटफेर करते हुए 40 छात्रों को अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. ये वे छात्र हैं जिनका करीब एक महीने पहले ही फाइनल सिलेक्शन हुआ था. चयनित होने के बाद इन छात्रों ने न सिर्फ एनसीसी में अपना एनरोलमेंट कराया था, बल्कि 10 दिनों तक कड़ी परेड का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया था. सबसे बड़ी बात यह है कि इन सभी छात्रों ने 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह की मुख्य परेड में भी पूरे गर्व के साथ कदमताल की थी. लेकिन अब अचानक से इन 40 छात्रों को बाहर कर दिए जाने से उनमें भारी आक्रोश है.
नाराज छात्रों ने शनिवार सुबह कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया. इस तालाबंदी के कारण कॉलेज स्टाफ और अन्य विद्यार्थियों को करीब दो घंटे तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. छात्रों का स्पष्ट कहना है कि एनसीसी भर्ती से पहले कॉलेज में 80 सीटें निर्धारित की गई थीं. इन 80 सीटों के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की थी. शारीरिक परीक्षा (फिजिकल), लिखित परीक्षा, मेडिकल और इंटरव्यू जैसी कठिन प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद मेरिट के आधार पर 80 विद्यार्थियों का अंतिम रूप से चयन किया गया था. अब अचानक सीटें आधी कर दी गई हैं.
देशसेवा का सपना हुआ चकनाचूर
एनसीसी से बाहर किए गए छात्र महेंद्र सिंह सेंगर ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि फाइनल सिलेक्शन के बाद अचानक सीटों की संख्या 80 से घटाकर 40 करना सरासर अन्याय है. महीनों की जी-तोड़ मेहनत और सभी परीक्षाओं को पास करने के बाद अंतिम सूची में जगह मिली थी. 15 अगस्त की परेड में हिस्सा लेने के बाद अब इस तरह बाहर किया जाना छात्रों के करियर और देशसेवा के सपने के साथ खिलवाड़ है. वहीं, एक अन्य प्रभावित छात्र मोहित सिंह ने बताया कि उन्होंने तो एनसीसी में भर्ती होने के मुख्य उद्देश्य से ही करौली कॉलेज में दाखिला लिया था. अब उनका भविष्य अधर में लटक गया है.
हिंडौन का कॉलेज छोड़ करौली में लिया था प्रवेश
छात्रों के सपनों को किस तरह ठेस पहुंची है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हिंडौन सिटी के निवासी छात्र सारांश तिवारी ने केवल एनसीसी के लिए हिंडौन का सरकारी कॉलेज छोड़कर करौली में एडमिशन लिया था. सारांश ने बताया कि पूरी प्रक्रिया पार करने और फाइनल लिस्ट में नाम आने के बाद अब उन्हें बाहर कर दिया गया है. छात्र लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. इसी कारण उन्हें मजबूरी में प्रदर्शन करना पड़ा.
कॉलेज प्रशासन का क्या है कहना
राजकीय महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य रफीक अहमद ने इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि 20 जुलाई 2026 को कॉलेज में एनसीसी की भर्ती प्रक्रिया आयोजित हुई थी. 80 सीटों के लिए फाइनल चयन सूची भी जारी कर दी गई थी. लेकिन 23 अगस्त को 14वीं राज्य बटालियन, कोटा की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें निर्धारित सीटों को 80 से घटाकर 40 करने का फरमान सुनाया गया. प्राचार्य ने बताया कि उच्च अधिकारियों से आए आदेश के बाद ही मेरिट के आधार पर 40 सीटें कम की गई हैं.
उच्च अधिकारियों से लगातार पत्राचार जारी
प्राचार्य रफीक अहमद ने स्वीकार किया कि फाइनल सिलेक्शन और एनरोलमेंट के बाद विद्यार्थियों को इस तरह हटाए जाने से कॉलेज प्रशासन भी बेहद चिंतित है. छात्रों के भारी उत्साह और उनके टूटते मनोबल को देखते हुए कॉलेज प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है. एनसीसी के एएनओ (ANO) महेंद्र मीणा ने जानकारी दी कि इस गंभीर मसले को लेकर 14वीं राज्य बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर से लगातार पत्राचार किया जा रहा है. साथ ही ग्रुप कमांडर और कॉलेज आयुक्त कार्यालय को भी स्थिति से अवगत कराया गया है, ताकि 80 सीटों को यथावत रखा जा सके और छात्रों का भविष्य खराब न हो.