Last Updated:
Gold Price Update : सोने और चांदी की कीमतों पर पिछले कुछ दिनों से दबाव दिख रहा है. अब अमेरिका के रोजगार आंकड़े आने वाले हैं, जिसका एक बार फिर सोने पर असर पड़ेगा. अगर आप भी इस हफ्ते गहने या सोने-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो जान लीजिए कि कीमतों में उछाल आने की संभावना है या सस्ते होने की.
सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह गिरावट आने की संभावना है.
नई दिल्ली. पितृपक्ष शुरू हो चुका है और बाजार में सोने-चांदी की डिमांड भी कम हो गई है. साथ ही ग्लोबल मार्केट में भी भाव गिरने की वजह से इसकी कीमतों में गिरावट दिखने लगी है. अगर भाव कम होता देख आप इस सप्ताह गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो एक्सपर्ट के हवाले से पहले जान लीजिए कि सोना और चांदी इस हफ्ते महंगा होगा या सस्ता. बीते कुछ समय से अमेरिका के इकनॉमिक आंकड़े और पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से कच्चे तेल में उबाल आया है और इसका असर सोने-चांदी पर भी पड़ा है. इन दबावों के बीच यह जानना दिलचस्प होगा कि इस सप्ताह सराफा बाजार में क्या होने वाला है.
विश्लेषकों के अनुसार, छुट्टियों के कारण छोटा कारोबारी सप्ताह होने के बीच बाजार की नजर अमेरिका के उपभोक्ता विश्वास, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर रहेगी. यूरोजोन की महंगाई, मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई, फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयान और अमेरिकी रोजगार आंकड़े भी बाजार को दिशा देंगे. एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा कि बाजार की नजर अमेरिकी गैर-कृषि रोजगार और बेरोजगारी के आंकड़ों पर रहेगी, जो अक्टूबर में फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले की उम्मीदों के लिए महत्वपूर्ण होंगे.
अभी कितना चल रहा भाव
पिछले सप्ताह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 3,500 रुपये यानी करीब 2.3 फीसदी की गिरावट के साथ 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. चांदी का वायदा भाव भी 6,907 रुपये यानी 3 फीसदी की गिरावट के साथ 2.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर रहा. ग्लोबल मार्केट में कॉमेक्स पर दिसंबर में सप्लाई होने वाले सोने का वायदा भाव 2.34 फीसदी गिरकर 4,321.2 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.35 3.5 फीसदी टूटकर 64.80 डॉलर प्रति औंस रह गई.
सोने पर कई तरफ से पड़ रहा दबाव
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (जिंस एवं मुद्रा शोध) प्रणव मेर ने कहा कि सोने पर दबाव केवल मुद्रा बाजार से नहीं है. अमेरिका में 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जबकि 30 साल की यील्ड 2004 के बाद के उच्चतम स्तर के करीब है. लांग टर्म के बॉन्ड यील्ड से आम तौर पर सोने और चांदी जैसे निवेश कम होते हैं. इसके अलावा कच्चे तेल का बाजार भी बड़ी भूमिका निभा रहा है.
दबाव में टूट सकता है भाव
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी रोजगार आंकड़े सोने के लिए अगली बड़ी परीक्षा होंगे. मजबूत रोजगार आंकड़े ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद को मजबूत कर सकते हैं, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है. इसका मतलब है कि बाजार में भाव कम हो जाएगा, लेकिन अगर अमेरिका के रोजगार आंकड़े कमजोर पड़ते हैं तो कमजोर डॉलर के कारण सोने को समर्थन मिल सकता है और भाव ऊपर जा सकते हैं. इस सप्ताह 2 अक्टूबर, शुक्रवार को कमोडिटी मार्केट बंद रहेगा.