200 टन वजन, 308 पहियों पर सवार, बेल्जियम से आई यह दैत्याकार मशीन चीनी मिल में आएगी किस काम?

200 टन वजन, 308 पहियों पर सवार, बेल्जियम से आई यह दैत्याकार मशीन चीनी मिल में आएगी किस काम?


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Belgium Vessel Balrampur Sugar mill : बलरामपुर चीनी मिल ने बेल्जियम से एक 200 टन वजनी इंडस्ट्रियल रिएक्टर वेसल (Industrial Reactor Vessel) मंगाया है. समुद्र के रास्‍ते यह पहले ओडिशा पहुंचा. अब इसे 308 टायर वाले एक ट्रेलर पर लादकर सड़क मार्ग से फैक्‍टरी ले लाया जा रहा है. चीनी मिल में यह दैत्‍याकार मशीन किस काम आएगी और इसकी कीमत कितनी है, आइये जानते हैं…

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करीब 100 फीट लंबे और 200 टन वजनी इस मशीन को ले जाना किसी बड़े मिशन से कम नहीं है.

नई दिल्‍ली. उत्‍तर प्रदेश की सड़कों पर आजकल दिखाई दे रहे एक नजारे की चर्चा पूरे देश में है. सोशल मीडिया इसके वीडियो और फोटो से भरा पड़ा है. हम बात कर रहे हैं यूरोप के बेल्जियम से समंदर के रास्ते ओडिशा पहुंची एक भारी-भरकम औद्योगिक मशीन की, जिसे अब बलरामपुर चीनी मिल सड़क मार्ग से लाया जा रहा है. 200 टन वजनी इस दैत्‍याकार मशीन को 308 पहियों वाले एक विशालकाय मल्टी-एक्सल ट्रेलर पर लादा गया है. यह हर घंटे सिर्फ पांच किलोमीटर ही चल पाता है. इस भीमकाय मशीन को देखते ही हर किसी के मन में बस एक ही सवाल आ रहा है कि चीनी मिल में यह किस काम आएगी?

बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड (BCML) इस रिएक्टर वेसल (Industrial Reactor Vessel) का इस्तेमाल चीनी ही नहीं, बल्कि गन्ने से ऐथनॉल जैसे बाय-प्रोडक्ट्स बनाने के लिए करेगा. रिएक्टर वेसल बहुत मजबूत धातु से बना एक सीलबंद विशालकाय चैंबर होता है. सके भीतर नियंत्रित तापमान और तय दबाव में जटिल रासायनिक व जैविक क्रियाएं कराई जाती हैं. चीनी बनाते समय निकलने वाले शीरे (मोलासेस) को सड़ाकर और जरूरी रासायनिक प्रक्रियाओं से गुजारकर एथेनॉल बनाने में यह काम आता है. कई अन्‍य बायो प्रोडक्‍ट को शुद्ध करने और उनकी रासायनिक प्रोसेसिंग के लिए भी यह यूज होगा. रिएक्‍टर वेसल भारी गर्मी और दबाव के बीच रसायनों को सुरक्षित ढंग से आपस में मिलाने और मनचाहा उत्पाद तैयार करने में सक्षम होता है.

क्‍या है बलरामपुर चीनी मिल की योजना

बलराम चीनी मिल गन्ने और चीनी उद्योग से जुड़े कच्चे माल का इस्‍तेमाल करके पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) बनाने की तैयारी में है. पीएलए पूरी तरह से बायो-बेस्ड और बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक विकल्प है. इस रिएक्टर वेसल में कच्चे माल को कई चरणों में प्रोसेस करके बायोप्लास्टिक पॉलीमर में बदला जाएगा.

क्‍यों हटाने पड़ रहे हैं खंभे और फुट ओवरब्रिज?

वेसल का व्यास इतना बड़ा है कि कई जगहों पर बिजली के ऊंचे तार, खंभे और पैदल पार करने वाले फुट ओवरब्रिज इसकी ऊंचाई में अड़चन बन रहे हैं, जिन्हें तकनीकी टीमों की देखरेख में हटाया जा रहा है. करीब 100 फीट लंबे और 200 टन वजनी इस मशीन को ले जाना किसी बड़े मिशन से कम नहीं है. इतने भारी वजन से सड़कें न धंसें, इसलिए वजन को समान रूप से बांटने के लिए 308 पहियों वाले हाइड्रोलिक मॉड्यूलर ट्रेलर का इस्तेमाल किया गया है. इसे खींचने के लिए वोल्वो (Volvo) का बेहद ताकतवर प्राइम-मूवर ट्रक लगा है. इस मशीन को भारत की जानी-मानी हेवी-लिफ्ट लॉजिस्टिक्स कंपनी J M Baxi Heavy ढो रही है. रास्ते में संकरी सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है.



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