सूर्य की महादशा में अशुभ फल? लाल किताब के इस उपाय से दूर होंगे सारे कष्ट
Last Updated:
कुंडली में सूर्य की स्थिति व्यक्ति के मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास की दिशा तय करती है. ज्योतिष के अनुसार जब ग्रहों के राजा सूर्य पर पाप ग्रहों का साया पड़ता है, तो जातक के स्वभाव में अहंकार और जीवन में परेशानियां बढ़ने लगती हैं. यदि आपकी कुंडली में भी सूर्य की 6 वर्षीय महादशा अशुभ फल दे रही है या राहु के कारण अनिद्रा और बुरे सपने घेर रहे हैं, तो लाल किताब के सटीक और अचूक उपाय आपको नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति दिला सकते हैं.
Surya Mahadasha: कुंडली में सूर्य की स्थिति को ज्योतिष शास्त्र में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. सूर्य को सभी ग्रहों का राजा और आत्मविश्वास, आत्मबल व ऊर्जा का कारक बताया गया है. दरअसल मान्यता है कि जब सूर्य शुभ स्थिति में होता है तो व्यक्ति के अंदर नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की ऊर्जा बढ़ सकती है. वहीं सूर्य पर अशुभ ग्रहों का प्रभाव होने पर व्यक्ति के स्वभाव और जीवन में कई तरह के नकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं. बता दें कि ऐसे में लाल किताब में सूर्य से जुड़े कई उपाय बताए गए हैं. इन्हीं में से एक उपाय एक किलो गुड़ को बहते पानी में प्रवाहित करने का है.
ग्रहों के राजा सूर्य और महादशा का प्रभाव
वहीं इस बारे में अंबाला के लाल किताब एस्ट्रोलॉजर कुमार गौरव ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि सूर्य को ब्रह्मांड में सभी ग्रहों का राजा माना जाता है. उनके अनुसार सभी ग्रह व्यक्ति के कर्मों के अनुसार जीवन में फल देते हैं. उन्होंने बताया कि जब किसी ग्रह की महादशा शुरू होती है तो ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार उस ग्रह की ऊर्जा का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में अधिक महसूस किया जाता है. वहीं कुमार गौरव के मुताबिक, सूर्य हमारे शरीर में आत्मा का कारक माना जाता है और व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास को भी सूर्य से जोड़कर देखा जाता है.
शुभ और अशुभ ग्रहों की दृष्टि का असर
उन्होंने कहा कि यदि कुंडली में सूर्य पर गुरु बृहस्पति जैसे शुभ ग्रह की दृष्टि पड़ जाए तो ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सूर्य मजबूत होकर राजयोग जैसी स्थिति बना सकता है, इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास उसकी ताकत में बदलने की मान्यता है. वहीं ज्योतिष के अनुसार सूर्य पर शनि, राहु या केतु जैसे ग्रहों का प्रभाव पड़ने पर इसके परिणाम अलग माने जाते हैं. कुमार गौरव ने बताया कि ऐसी स्थिति में व्यक्ति के स्वभाव में जिद और अहंकार जैसी प्रवृत्तियां बढ़ने की मान्यता है.
सूर्य महादशा में गुड़ का अचूक उपाय
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की सूर्य की महादशा छह साल तक चल रही हो और इस दौरान उसे अशुभ परिणाम महसूस हो रहे हों, तो लाल किताब में सूर्य से संबंधित वस्तु गुड़ का उपाय बताया गया है. वहीं एस्ट्रोलॉजर कुमार गौरव ने बताया कि सूर्य की महादशा के दौरान अशुभ परिणामों से परेशान व्यक्ति एक किलो गुड़ को चलते हुए साफ पानी में प्रवाहित कर सकता है. इस दौरान सूर्य देव से प्रार्थना करने की बात कही जाती है कि जीवन में जो भी नकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं, उनसे राहत मिले और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त हो. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस उपाय का उद्देश्य सूर्य के शुभ प्रभाव को बढ़ाना और आत्मविश्वास को मजबूत करना है. हालांकि, यह उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है, इसका वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है.
खान-पान में परहेज और सात्विकता की सलाह
वहीं एस्ट्रोलॉजर कुमार गौरव के अनुसार सूर्य की महादशा के दौरान व्यक्ति को मांसाहार और शराब जैसी चीजों से दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी जाती है. उनका कहना है कि ऐसा करने से ग्रहों के अनुकूल परिणाम मिलने की ज्योतिषीय मान्यता है और व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ सकता है.
अनिद्रा और बुरे सपनों के लिए सौंफ का उपाय
वहीं कुमार गौरव ने नींद से जुड़ी परेशानी का जिक्र करते हुए बताया कि ज्योतिष में मन का कारक चंद्रमा माना जाता है. उनके अनुसार यदि राहु या केतु का प्रभाव चंद्रमा पर हो तो व्यक्ति बेचैनी, डर और परेशानियों का अनुभव कर सकता है. उन्होंने बताया कि जिन लोगों को रात में नींद नहीं आती या बार-बार गलत सपने आते हैं, वे लाल सूती कपड़े में एक मुट्ठी सौंफ की पोटली बनाकर उसे तकिए के कवर के अंदर रखने का उपाय कर सकते हैं. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इससे राहु के अशुभ प्रभाव को कम करने और मन को संतुलित करने में मदद मिल सकती है.