Kanpur News: उत्तर प्रदेश में कुदरत का कहर बनकर टूटी बारिश ने पूरे जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. बुंदेलखंड और कानपुर मंडल समेत प्रदेश के कई अंचलों में गुरुवार शाम से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का सिलसिला शनिवार को भी लगातार जारी रहा. बीते 48 घंटों से अधिक समय से हो रही इस रिकॉर्डतोड़ बरसात ने चारों तरफ तबाही के निशान छोड़े हैं. बारिश जनित विभिन्न हादसों में प्रदेश भर में अब तक कुल 58 लोगों की जान जा चुकी है. मूसलाधार बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और कई जिलों में दिन का पारा सामान्य से काफी नीचे लुढ़क गया. इटावा में तो सितंबर महीने का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया.
हादसों में 58 लोगों की गई जान, कई जिलों में शोक की लहर
प्रदेश भर में बारिश के कारण मकान ढहने, आकाशीय बिजली गिरने और जलभराव से जुड़े हादसों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. मृतकों के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं:
- अवध क्षेत्र: 26 लोगों की मौत
- कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र: 13 मौतें
- लखीमपुर खीरी: 06 लोगों की जान गई
- गोरखपुर: 05 मौतें
- ब्रज क्षेत्र: 03 मौतें
- अन्य जिले: लखनऊ, संतकबीरनगर, जौनपुर, प्रयागराज और प्रतापगढ़ में 1-1 व्यक्ति की मौत दर्ज की गई.
कानपुर के उद्योगों पर भारी मार, 500 करोड़ रुपये का नुकसान
बारिश की सबसे भीषण मार कानपुर के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र पर पड़ी है. शहर के उद्योग और बाजारों को करीब 500 करोड़ रुपये की गहरी आर्थिक चोट पहुंची है. दादानगर, पनकी (साइट 1 से 5), फजलगंज, इस्पातनगर और व्यापारनगर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित लगभग 10 हजार इकाइयों में से 200 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया. पनकी इंडस्ट्रियल एरिया (पीआईए) के मनोज बंका के अनुसार, 200 से ज्यादा फैक्ट्रियों में पानी घुसने से कच्चा और पक्का माल बर्बाद हो गया.
जलभराव के चलते 50 फीसदी से भी कम मजदूर काम पर पहुंचे, जिससे उत्पादन में 75 फीसदी तक की भारी गिरावट आई. वहीं, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के मंडलीय अध्यक्ष दिनेश बरासिया ने स्पष्ट किया कि केस्को की लगातार पावर ट्रिपिंग ने संकट को और गहरा कर दिया. हालांकि कोई फीडर आधिकारिक रूप से बंद नहीं हुआ, लेकिन लगातार ट्रिपिंग के कारण केमिकल, प्लास्टिक, इंजीनियरिंग और पैकेजिंग इकाइयों का कच्चा माल मशीनों में ही खराब हो गया. केवल औद्योगिक क्षेत्र को ही 150 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है.
थोक और रिटेल बाजार खाली, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त
बारिश के चलते शहर के मुख्य बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर रही. जनरलगंज, नयागंज सराफा, नयागंज किराना, नौघड़ा, हालसी रोड और कलक्टरगंज जैसे प्रमुख थोक बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा. इसके अलावा सीसामऊ, गोविंदनगर, चावला मार्केट, गुमटी नंबर पांच, पीपीएन मार्केट, नवीन मार्केट और गोविंदनगर फर्नीचर मार्केट की दुकानें दोपहर एक बजे के आसपास खुलीं और बेहद कम ग्राहकी के चलते समय से पहले ही बंद कर दी गईं.
अकेले कपड़ा कारोबार में करीब 100 करोड़ रुपये के व्यापारिक नुकसान का अनुमान है. कई गोदामों और दुकानों में नाले और सड़कों का पानी घुसने से थान और रेडीमेड कपड़े बर्बाद हो गए. इसके साथ ही किराना, सराफा, लोहा, ड्राई फ्रूट्स, सब्जी और ऑटोमोबाइल सेक्टर भी बुरी तरह प्रभावित हुए.
ट्रांसपोर्ट सेक्टर की कमर भी टूट गई है. इस्पातनगर और व्यापारनगर की सड़कें दलदल में तब्दील हो गईं. ट्रांसपोर्टनगर के गोदामों में पानी भरने से भारी मात्रा में रखा माल भीग गया. हजारों ट्रकों की लोडिंग और अनलोडिंग ठप पड़ गई. फल, सब्जी, लोहा, किराना और कपड़े से लदे ट्रकों के पहिये थमने से ट्रांसपोर्ट क्षेत्र को करीब 20 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान पहुंचा है.
पांडु नदी उफान पर, एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा, 34 घंटे तक बिजली गुल
कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से जरौली इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए. रिहायशी बस्तियों में पानी भर जाने के बाद एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सुरक्षित तरीके से 16 परिवारों को पानी से बाहर निकाला. बारिश के कारण विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी चरमरा गई. जगह-जगह इंसुलेटर और तारों में फॉल्ट आने से कई इलाकों में 10 से 12 घंटे तक बिजली गुल रही. जरौली क्षेत्र में स्थिति सबसे गंभीर रही, जहां लगातार 34 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों के घरों के इनवर्टर तक जवाब दे गए और गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया.
आगे कैसा रहेगा मौसम? 4 जिलों में ऑरेंज और 9 में येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, राहत के आसार फिलहाल कम हैं और रविवार को भी प्रदेश के कई अंचलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. आईएमडी ने मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. तो वहीं, तराई क्षेत्र के 9 अन्य जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के 27 जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.